मा के बदन का एहसास

ही फ्रेंड्स. इस सेक्स स्टोरी सीरीस के सभी पार्ट्स को इतना सारा प्यार देने के लिए थॅंक्स. आज का ये पार्ट बहुत ही अमेज़िंग होने वाला है. सो दिल थाम के पढ़िएगा.

लास्ट पार्ट में आपने पढ़ा की मैने मों को पिसता ग्रीन कलर की ब्रा, जो उसने लास्ट टाइम पहनी थी, वैसे टाइप की पहनने का उसको आइडिया दिया था. क्यूंकी वो कलर उसकी बॉडी कलर और शेप पे ज़्यादा सूट करता था. और वो कलर में मों की उपर की बॉडी मस्त फोटुजेनिक लगती थी.

मों टवल लपेट कर मुझसे अपनी ब्रा का कलर पूछने आई. फिर अपने रूम में चली गयी. उसके जाते हुए उसकी मटकती हुई गांद, और उसके लहराते हुए बालों को मैं घूरता ही रह गया. करीब आधे घंटे बाद मुझे मों की आवाज़ आई-

मों: शाज़, आ जाओ अंदर. मैं रेडी हू.

आप रीडर्स ने शायद एक बात मार्क की होगी, की आज सुबह से मों और मेरे बीच जो भी कॉन्वर्सेशन हुआ, उसमे ना ही मैने उसे मों पुकारा है. ना ही उसने मुझे बेटा कह कर बुलाया है. आज सुबह से उसके लिए मैं शाज़ था, तो मेरे लिए वो राही (आप लास्ट पार्ट को चेक करके ये कन्फर्म कर सकते है).

मैं अंदर एंटर हुआ मों के बेडरूम में, तो वो एक साइड में खड़े हो कर अपने कपड़े ठीक कर रही थी.

मों: वहाँ बेड पे बैठ जाओ, एक साइड पे.

और मैं एक आचे बच्चे की तरह बेड के एक छ्होर पे बैठ गया. मों कुछ देर तक अपने को आईने के आयेज सवार्ती रही. उसने उपर येल्लो टॉप और नीचे ब्लॅक लेगैंग्स डाला हुआ था. दोनो ही बॉडी फिट टाइप से थे, जिसमे उसकी बॉडी का शेप पूरा फील हो रहा था.

फिर वो मेरे सामने आ कर उसी बेड के दूसरे छ्होर पे बैठी. आज मुझे अपनी राही कुछ अलग ही लग रही थी. एक-दूं फ्रेश सी. उसके चेहरे पे स्माइल थी, आँखों में एक चमक सी थी, बाल अभी भी थोड़े गीले थे, और चेहरे पर एक नया कॉन्फिडेन्स झलक रहा था.

मॅन तो किया की उसे अभी दबोच लू. पर मुझे जो ट्रैनिंग मिली थी नेटवर्क मार्केटिंग की, उसके हिसाब से मुझे चलना था, और अपने प्रॉस्पेक्ट (क्लाइंट) को धीरे-धीरे उसका फॉलो उप करते हिए हॅंडल करना होता है. सो मैं भी वही कर रहा था, और सबर ना होते हुए भी सबर रखना पद रहा था.

मे: राही, तुम तो आज बिल्कुल किसी जन्नत की हूर के जैसी ही लग रही हो. असली हूरे हालान की पतली सी होंगी, बस एक ही डिफरेन्स है तुम दोनो में, और वो डिफरेन्स हम जल्द ही ख़तम कर देंगे.

मों: क्या शाज़, तू भी. सुबह-सुबह मेरी ले रहा है.

मे: अभी ली कहाँ है, राही.

मों: तो रोका किसने है, ले लो ना. उसी के लिए तो तुम्हे यहाँ बेडरूम में बुलाया है.

मैं अपनी इस बात-चीत का कुछ और ही मतलब निकालु, उसके पहले मों ने बोल दिया-

मों: शाज़, निकालो अपना फोन, और ले लो मेरी फोटो.

मैने बड़ी आँखों से उसे उसकी टॉप की और इशारा किया. मों को भी रियलाइज़ हुआ की वो टॉपलेस नही हुई थी.

मों: ओह सॉरी, मैं तो भूल ही गयी ये चीज़.

और मों ने अपने हाथो से अपने येल्लो टॉप को नीचे से पकड़ा, और उपर किया. बूब्स की साइज़ टॉप से बड़ी होने के कारण, वो मों के बूब्स तक आधा जेया कर वो फ़ासस गया. मों के ज़्यादा ज़ोर करने पे वो निकाल गया. और मों के बूब्स भी उसी के साथ झूलने लगे.

वाउ क्या सीन था वो. तुम्हारी अपनी ही मों, जब तुम जवान हो, तब तुम्हारी आँखों के सामने ही अपना टॉप निकालती है. ये वाला एक्सपीरियेन्स ही कुछ किस्मत वालो को ही हासिल होता है. और उसमे भी अगर झूलते हुए बूब्स का नज़ारा भी देखने को मिल जाए, तो वो तो जैसे सोने पे सुहागा.

मैं तो बस उसे देखता ही रह गया. मों का गोरा सा भरा हुआ बदन, और उसपे झूल रहे बड़े से बूब्स. जो मों की ब्रा में से बाहर आने को मचल रहे थे. ये वाली ब्रा पिसता ग्रीन तो नही कह सकते, थोड़ी उससे डार्क थी. बुत मस्त लग रही थी. क्यूंकी पिछली ब्रा के मुक़ाबले इसमे मों के बूब्स ज़्यादा बाहर दिख रहे थे. मैं तो जैसे अपनी आँखों से उसका दूध पीने लगा.

मों (मेरे सामने चुटकी बजाते हुए): ओये हेलो, सिर्फ़ देखते ही रहोगे, या लोगे भी?

और मुझे जैसे होश आया, मैने अपना फोन निकाल के मों की कुछ फोटोस क्लिक करी.

मों: इस बार फोटो लेकर एक बार देख लेना की सही है या नही. कहीं पिछली बार के जैसे ना हो.

मे: डॉन’त वरी राही, इस बार आचे से होगा.

और मैने मों की 3 से 4 अलग-अलग एंजल्ज़ से फोटो ली, और उसे दिखाई. उसे भी वो अची लगी.

मों: बस शाज़, हो गया ना? या और भी कुछ बाकी है? जो भी हो अभी कर लो. बार-बार तुम्हारे सामने मुझे टॉपलेस होना पड़ता है.

मे: तो इसमे क्या हुआ राही? मैं भी तो तुम्हारे सामने बनियान में घूमता हू काई बार.

मों: तुम बाय्स का और हम लॅडीस का अलग होता है.

मे: तुम कुछ भी कह लो, राही. पर तुम्हारा प्रोग्रेस ट्रॅक करने के लिए मैं तुम्हे टाइम तो टाइम टॉपलेस करता रहूँगा.

मों: आ हा हा हा. अगर मेरे हब्बी को पता चलेगा की उसकी गैर मौजूदगी मैं तुम उसकी बीवी को टॉपलेस कर रहे हो, तो फिर तुम्हारी कोई खैर नही.

मे: पर उन्हे ये सब बताएगा कों? (इस बात पे मों चुप हो गयी)

मों: पर मुझे तो पता चलता है ना सब. और तुम्हारे पापा की आब्सेन्स में, मैं तुम्हारी फ्रेंड हू, गर्लफ्रेंड नही.

मे: अगर गर्लफ्रेंड होती, तो सिर्फ़ टॉपलेस करने पे ही थोड़ी ना रुकता.

मों: मुझे पता है तुम सब आज-कल की जेनरेशन. तुम्हे हर वक़्त एंजाय करने का बहाना चाहिए.

मे: इसमे जेनरेशन कहाँ से आई? जवानी में तो सब मज़ा करते है. तुम्हारे टाइम पे भी सब करते होंगे, बस तरीके चेंज हो गये होंगे. पर एंजाय तो करते ही होंगे ना? अब तुम ही बताओ राही, क्या तुमने अपने कॉलेज के दीनो में एंजाय नही किया था कुछ?

ये सुन कर मों ने स्माइल देते हुए अपनी नज़रें नीचे झुका ली.

मों: छ्चोढो सब पुरानी बातें. ये बताओ की आयेज कुछ करना है क्या?

मों ने जो लास्ट नाइट अपनी इक्चा जताई थी की मैं उसे टच करू, तो मुझे भी लगा की तोड़ा रिस्क लेना चाहिए. क्यूंकी रिस्क है तो इश्क़ है. क्यूंकी इन औरतों के मॅन में कुछ और होता है, वो कहती कुछ और है, और करती कुछ और है. सो, मुझे अब तोड़ा ध्यान से करना था.

मे: एस, मों, आपका एक-दो साइड से, और पीछे से फोटो लेता हू. जिससे पूरा तुम्हारा अभी का फिटनेस पता चले.

मों: ओक शाज़, जो भी करना है, तोड़ा जल्दी करो. मुझे यू तुम्हारे सामने ब्रा में बैठते हुए तोड़ा ऑक्वर्ड लग रहा है.

मे: ठीक है राही, मैं करता हू.

और मैं अपने ट्राउज़र में अपने लंड को सेट करते हुए खड़ा हुआ, जो मों को इस हालत मैं देख कर खड़ा हो चुका था. मैने मों की साइड में से और पीछे से कुछ फोटो ली. फिर मों को पोज़िशन देने के लिए उसको टच किया. मेरे टच होते ही, उसने अपनी आँखें बंद कर ली, जो मुझे सामने आईने में वो दिख रही थी.

फिर मैं उसकी बॅक पे हाथ फिरने लगा. मों ने मुझे रोका नही. उसके चेहरे के एक्सप्रेशन्स को मैं आईने में आचे से देख पा रहा था. फिर मैं बॅक से होते हुए उसकी कमर पे हाथ फेरते हुए, उसके पेट पे हाथ ले गया. मों ने मेरे हाथो पे अपना हाथ रख दिया.

मों: शाज़, ये क्या कर रहे हो?

मे: राही, बस तुम्हारा साइज़ चेक कर रहा हूँ. उस दिन तुमने आचे से करने नही दिया था. और आज तुम्हारा टॉप भी नही है तो मेषर्मेंट्स सही से आएगा.

मों: ह्म तो ऐसे अपने हाथो से मेषर कर लोगे?

मे (अपने जेब से इंची टेप निकलते हुए): ये भी तो लेकर आया हू मैं.

और टेप देख कर मों के चेहरे पे हल्की सी स्माइल आ गयी. फिर बेड पे वो खुद ही आयेज सरक गयी, जिससे मुझे उसके पीछे बैठने के लिए जगह मिले.

मैने पीछे बैठते हुए उसके कंधे पे हाथ रखा. मेरे शरीर में एक करेंट सा दौड़ गया. लॅडीस के बॉडीस के कुछ ऐसे पार्ट्स है जिनके टच करने पे ऐसा फील होता है. आप कंधे पे अगर हाथ रखो, इट’स नॉर्मल. पर उसी कंधे को आप सहलाओ तन इट्स सेक्षुयल. इसका सीधा मतलब की वो लड़का लड़की को छोड़ना चाहता है. और यहाँ पे तो मों का कंधा पूरा नंगा था, और मैने उसे थोड़ी देर सहलाया मों की आँखें थोड़ी सी बंद हो गयी थी.

फिर मैने इंची टेप से पहले उसके बाजुओ को नापा. उस वक़्त मैने उसके बूब को साइड से टच किया. फिर उसकी कमर पे रख कर उसे नापा. उसके बाद टेप को तोड़ा उपर खिसका कर उसके पेट को नापा. हर बार उसे नापते वक़्त मैं अपने हाथो को उसके बॉडी पे टच करता, और मों भी इसे एंजाय कर रही थी. ऐसे ही मैं राही को टच करते हुए उसकी बॉडी को फील कर रहा था.

मों: हो गया शाज़? या और कुछ बाकी है?

मे: बस राही एक लास्ट मेषर्मेंट बाकी है?

मों: ठीक है तोड़ा जल्दी करो.

मे: तोड़ा सबर रखो ना राही. ये आराम से करने वाला काम है. थोड़ी भी इंची टेप इधर-उधर हुई तो पूरा फिर से करना पद सकता है. और तुम्हे तो सिर्फ़ बैठे रहना है, सारा काम तो मुझे ही करना है.

मों: ओक, मैं समझ गयी. तुम जल्दी से आयेज बढ़ो.

अब मों का ऐसा बोलने से मैं तोड़ा कन्फ्यूज़ हो गया, की वो किस चीज़ में आयेज बढ़ने के लिए बोल रही है. क्यूंकी मैने पहले ही आपको बताया की लॅडीस के मॅन में क्या चल रहा है, आपको कभी भी पता नही चल सकता. वो चाहे तो आपको अगले ही पल अपने उपर चढ़ा दे, और चाहे तो आपको लात मार के वहाँ से निकाल दे.

ये मेरा पर्सनल ओपीनियन है की मों/सिज़ का उनकी पढ़ाई/जॉब के हिसाब से उनको सेट करने का डिफिकल्ट लेवेल होता है. मेरे हिसाब से लेवेल 1 (ईज़ी) पे नर्सस मों, प्राइमरी टीचर मों, मोम्स की जो शॉप/शॉपिंग माल/कंपनी में जॉब करती है. लेवेल 2 (मीडियम) पे हाउसवाइव्स, हिगस्कूल टीचर जिनका छ्होटा मोटा बिज़्नेस हो वैसी मोम्स आती है. और लेवेल 3 (हार्ड) पे प्रोफेसर, डॉक्टर, इंजिनियर, लॉयर, का, बिज़्नेस वुमन, एर होस्टेस्स, एंट्रेपरेणेउर्स ये सब आते है.

तो मेरी मों इस हिसाब से लेवेल 3 पे थी. ज़्यादातर लोगों की ये सोच होती है की मेरी कम्यूनिटी में सिज़/मों की लेना ईज़ी होता है. मैने तो कुछ जुमले भी सुने या पढ़े है की मेरी कम्यूनिटी मैं 1) जब वो (मों/सिज़) अकेली हो, और आप उनके उपर हाथ रखो तो वो माना नही करती. ईज़िली दे देती है.

2) लड़की को पता होता है की उसकी शादी अपने ही किसी कज़िन भाई से होगी. सो उन (कज़िन) भाई के जैसे अपने इस (रियल) भाई का भी उसपे हक़ होता है उसके साथ सेक्स करने का. 3) ज़्यादातर मर्द दुबई/कुवेट ऐसी गल्फ कंट्रीज़ को जॉब पे जाते है, तब मों ईज़िली चुड जाती है. ऐसे बहुत से जुमले शायद आपने भी सुने होंगे. 4) कुछ तो यहा तक भी बोलते है की 4 शादी मतलब 4 छूट मारना. एक अपनी बीवी की और बाकी की 3 घर में ही.

5) हमारा खाना इतना गरम (नों-वेग/स्पाइसी) होता है की हमारी औरतों/लड़कियों की छूट में हमेशा गर्मी रहती है लंड लेने की. इसलिए वो आराम से अपनी टाँगें फैला देती है. सो भाई लोगों ये सब सच नही है सिर्फ़ मॅन घाड़ंत कहानियाँ है.

हा कुछ लोगों को जल्दी से या आसानी से मिल जाती होगी. इसका मतलब ये नही की सब को ऐसे ईज़िली मिलती है. आप ये देख ही रहे होंगे मेरी स्टोरी में की कितने पापद बेलने पड़ते है. और लास्ट में तुम्हारी सक्सेस दो चीज़ों पे डिपेंड करती है. एक तो तुम्हारा कॉन्स्टेंट एफर्ट्स और तीसरा तुम्हारे टारगेट का माइंडसेट कैसा है.

और आप देख ही सकते हो आपने पिछली स्टोरीस में पूरा देखा की भाई मों किसी भी कम्यूनिटी/रिलिजन/प्लेस/बॅकग्राउंड से हो, मेहनत तो आपको करनी ही पड़ेगी. और ये वो मेहनत है जिसका फल मिलेगा, या नही मिलेगा, कुछ पक्का नही. (जैसे गफ़ वाली मेहनत पे 90% पता होती है की फल अछा ही मिलेगा वैसी शुरेटी यहाँ नही). पर एक बात है की एक बार अछा फल मिल गया, तो हाइ प्रॉबबिलिटी है की रोज़ ये फल मज़े से खाने को मिलेगा, और ये फल बहुत ज़ाइकेदार होगा.

मैं मों के पेट के उपर से अब उसकी ब्रा के उपर इंची टेप रखते हुए उसका नाप लेने लगा. उसके कप्स पे मैं अपना हाथ फेरने लगा. मों की आँखें वापस बंद हो गयी थी, और उसकी साँसे भी तेज़ चलने लगी. जिस जगह बैठ कर मैं मों का हिप्स और पेट का नाप ले सकता था, वहाँ से मुझे तोड़ा आयेज आना पड़ा मों के बूब्स पे टेप लगाने के लिए (इससे आप मेरी मों के बूब्स के साइज़ का अंदाज़ा लगा सकोगे). मेरे आयेज आते ही अब मेरा खड़ा लंड मों के पीछे टच होने लगा. और मों की हल्की सी आ निकल गयी.

मों के ब्रा के उपर इंची टेप को रख कर मैने उसे बॅक साइड पे पुल किया, तो उसके बूब्स पुर डब गये. वो कराह उठी-

मों: आ शाज़, आराम से बेटा. दर्द हो रहा है.

मे: सॉरी राही, अब आराम से करूँगा.

और मैने इंची टेप को खींचा, पर वो कहीं अटक रही थी. मैने देखा तो पता चला की उसका एक छ्होर राही ने अपने पैरों के नीचे दबाए हुए था. मैं उसका इशारा और इरादा दोनो समझ गया. मैने अपने हाथो से अब उसकी ब्रा के उपर हाथ फेरने लगा. मस्त सॉफ्ट ब्रा थी और उससे भी ज़्यादा सॉफ्ट उसके बूब्स की स्किन थी, जो मुझे फील हो रही थी. मों की आइज़ क्लोज़ थी, और अपने होंठो को भींच के हल्की आहें भर रही थी.

इस सिचुयेशन में औरत चाहे तो आपको सब कुछ करने दे. या फिर आपने कुछ ऐसा-वैसा किया तो उठ कर तुम्हे एक छाँटा भी मार दे कुछ कह नही सकते. आपको दोनो आउटकम के लिए मेंटली और फिज़िकली प्रिपेर रहना पड़ेगा (फिज़िकली 1स्ट्रीट के लिए और मेंटली 2न्ड के लिए).

राही की तरफ से पूरा ग्रीन सिग्नल दिख रहा था. फिर भी रिस्क तो था. जैसा मैने उपर बताया रिस्क है तो इश्क़ है. वैसे भी हमारे नेटवर्क मार्केटिंग की ट्रैनिंग में एक चीज़ सिखाई जाती है की आपका एंड गोल है आपके क्लाइंट को अपना प्रॉडक्ट/सर्विस बेचना. आपको उसके लिए ससपेकटिंग प्रोस्पेकटिंग रीलेशन-बिल्डिंग प्रेज़ेंटेशन फॉलो उप आंड क्लोसिंग ये सभी प्रोसेस से गुज़रना पड़ता है.

लेकिन आप शुवर हो या फिर आपका क्लाइंट आपको सिग्नल दे की वो आपकी प्रॉडक्ट/सर्विस में इंट्रेस्टेड है. तो फिर आयेज की प्रोसेस को स्किप करके उसे सीधा अपनी चीज़ सेल कर दीजिए.

अभी मेरा गोल था राही की लेने का, जिसके लिए मैं ये सब प्रोसेस को फॉलो कर रहा था. पर मुझे पता है की राही को भी छुड़वाना था, तो फिर मैं अभी इस खुली हुई चीज़ (टॉपलेस) को बंद करू और उसका वेट लॉस कार्ओौ. उसको धीरे-धीरे अपनी और अट्रॅक्ट करू, और फिर लास्ट में जेया कर उसे कहीं छोड़ू तो फिर मेरे से बड़ा चूतिया नेटवर्कर कोई नही होगा.

इसलिए मैने रिस्क लेने का डिसाइड किया और मों के बूब्स के नीचे अपने दोनो हाथो को ले गया. फिर अपने दोनो अंगूठो को मों की ब्रा में एंटर किया, और धीरे-धीरे अपने हाथो को अंदर ले लिया. अब सीन ये था की मों की ब्रा थी उनमे उसके बूब्स थे, और इन दोनो के बीच में मेरे हाथ.

ये महसूस होते ही मों ने अपनी आँखें खोल दी और मुझे गुस्से दे देखने लगी. उसकी लाल सी बड़ी आँखें मैं मिरर में देख पा रहा था, और ये देख कर तो मेरी गांद फॅट गयी.

सो फ्रेंड्स आयेज क्या होता है जानने के लिए नेक्स्ट पार्ट को रेड कीजिएगा. आपके कॉमेंट्स ज़रूर नीचे कीजिएगा. उपर दिए गये एमाइल ईद पे मैल/गूगले छत भी कर सकते है.

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