मा बेटे की चुदाई करवा कर सबक सिखाया

आप सब को याद होगा की एक बार अंकित ने मम्मी को बताया था की वनिता आंटी ने उस औरत से उसकी चुदाई की प्लॅनिंग की थी जिसके वो न्यूड्स भेजती थी. लेकिन उस छूतिए को ये नही पता था की वो दिन रात जिस औरत को छोड़ने के सपने देखता था, वो उसकी मम्मी थी.

अब ये सब कैसे हुआ, वो सब मैं आपको डीटेल में बताता हू. मैने वनिता आंटी को मेरा प्लान समझा दिया था. और हमारे प्लान के हिसाब से एक दिन वनिता आंटी ने जयश्री से बात की और उन्होने कॉल स्पीकर पर रखा. मैं और तरुण उनके साथ में बैठे थे.

वनिता आंटी: जयश्री क्या कर रही हो?

जयश्री: कुछ नही यार, बोर हो रही हू. तरुण और अभी से कब मिलना है? मैने जब से एक साथ छूट और गांद उन दोनो से चुडवाई है, तब से एक लंड में मज़ा नही आ रहा.

वनिता आंटी: श मेरी जान, क्या बात कही है. लेकिन मैने कुछ ऐसा सोचा है की तुम्हे एक के साथ करने में भी मज़ा आ जाएगा.

जयश्री (एग्ज़ाइट्मेंट में): बताओ ना क्या सोचा है?

वनिता आंटी: मैने जो प्लान बनाया है, उसमे हम नये-नये लंड से छुड़वा सकती है.

जयश्री: क्या यार, तुम कुछ भी बोल रही हो. ऐसा किया तो हम दोनो रंडी बन जाएँगे. और मुझे इतना फेमस नही होना है. कहीं घर पर पता चला तो मेरी जान निकाल देंगे.

वनिता आंटी: अर्रे यार तुम पूरी बात नही सुन रही. मैने जो सोचा है उसमे उसको नही पता चलेगा की वो तुझे छोड़ दिया है. और ना तुम उसको पहचान पावगी.

जयश्री: मास्क पहन कर सेक्स करने में मज़ा कहा आएगा? और कहीं ग़लती से मास्क निकल गया तो चेहरा सामने आ जाएगा.

वनिता आंटी: अर्रे दोनो को मास्क नही लगाना पड़ेगा. तेरी सोच से बहुत उपर का सोच कर रखा है. बस तुझे बोलू उस दिन बहाना मार कर तरुण के फ्लॅट पर चली आना.

जयश्री: वनिता तेरी बातों ने मेरी छूट में आग लगा दी.

वनिता आंटी: ठीक है मेरी रानी, तैयार रहना, अब तेरी चुदाई उसके साथ होगी जिसके बारे में तुमने कभी सोचा नही होगा.

और वनिता आंटी ने सच कहा था, की जयश्री ने कभी सपने में नही सोचा होगा की वो उसके खुद के सगे बेटे से चूड़ने वाली थी. अब ये मा बेटे की चुदाई कैसे प्लान हुई वो सब आपको आचे से बता रहा हू.

मेरे प्लान के हिसाब से तरुण के पापा ने इनवेस्टमेंट के लिए जो फ्लॅट लिया था, उसमे हमने एक डार्क बेडरूम बनाया. उसके लिए हमने उस कमरे की सभी वॉल्स को ब्लॅक कलर से पैंट किया. हमने उसकी सारी खिड़की को प्लाइवुड से कवर कर दिया. उसको भी हमने ब्लॅक पैंट से रंग दिया.

अब कमरे में थोड़ी भी रोशनी नही आ सकती थी. मैने एसी के बॉक्स को भी ब्लॅक कलर से पैंट कर दिया, और बेड शीट भी सॅटिन ब्लॅक था. ओवरॉल काहु तो आप दिन की रोशनी में भी उस कमरे में खुली आँखों से कुछ देख नही सकते हो. मैने उसमे अलग-अलग आंगल से 7 इंफ्रारेड नाइट विषन कॅमरा लगाए. ये इतने पवरफुल थे की इतनी डार्कनेस में भी अची रेकॉर्डिंग कर सकते थे.

तरुण: ब्रो सच में यार ये तो बहुत काम की चीज़ है.

मैं: सेयेल ये सिर्फ़ अंकित को सबक सीखने तक ही ये सेटप रखना है. कभी तेरा बाप यहाँ आ कर ये सब देख लिए की हमने इस बेडरूम की मा बेहन की है तो तेरी गांद फाड़ देगा.

तरुण: बात तो सही है ब्रो. लेकिन अभी भी कुछ काम बाकी है.

मैं: हा मुझे पता है. मैने उसके लिए भी सोचा है. आज वनिता को स्पेशल इसके लिए बुलाया है.

तरुण: तो आज ये डार्क रूम का एक्सपीरियेन्स कौन लेने वाला है?

मैं: तुम और वनिता एक्सपीरियेन्स करो, और मैं तुम दोनो का पॉर्न बना रहा हू.

उसके बाद वनिता आंटी उस डार्क बेडरूम के बेड पर पूरी नंगी हो कर बैठी थी. और तरुण भी नंगा हो कर उस डार्क रूम में चला गया. मैं कॅमरा में लगे माइक्रोफोन से उन दोनो की बातें सुन सकता था.

तरुण: अर्रे बहनचोड़ इसमे तो कुछ दिखाई ही नही दे रहा है. वनिता कहा हो तुम?

वनिता आंटी: मुझे भी कहाँ तुम दिख रहे हो. तोड़ा संभाल कर बेड पर चढ़ जाओ.

उसके बाद दोनो के जिस्म एक होने लगे, और दोनो ने ये डार्क रूम मॉडेल को बहुत मस्ती से एंजाय किया. मैं रेकॉर्डिंग देख रहा था, तो उसमे दोनो के फेस और सेक्स के पोज़िशन बहुत सही से रेकॉर्ड हो रहे थे. उसके बाद हमारी प्लॅनिंग के मुताबिक जयश्री और अंकित को इस डार्क रूम में लाना था.

वनिता आंटी ने अंकित को कॉल किया, और कहा: तुम इतने दीनो से जिसको छोड़ने का इंतेज़ार कर रहे हो, वो आज तुझे मिलने वाली है. अंकित बहुत एग्ज़ाइटेड था, पर वनिता आंटी ने ये भी बता दिया की उसको देखने नही मिलेगी.

अंकित और जयश्री दोनो बहुत कन्फ्यूज़्ड थे ये सेट उप को लेकर.

वनिता आंटी ने मुझे एक और बार कहा: यार कोई और रास्ता नही है? हम रियल मा बेटे के बीच चुदाई करवा रहे है. ये बहुत ख़तरनाक हो सकता है.

मैने भी उनको समझा दिया: अंकित जैसे छूतिए के लिए यही सही रहेगा. जो औरतों की इज़्ज़त नही करता, उनके लिए यहीं तरीका सही है.

जयश्री अंकित से पहले आ गयी और वनिता आंटी ने उनको आचे से समझा दिया की कोई बात नही करनी है, ना मूह से कोई आवाज़ निकालनी है. फिर उनको बिना कपड़ों के उस डार्क रूम में भेज दिया. उसके बाद अंकित आया तब मैं और तरुण दूसरे कमरे में थे, और उनका लिव शो देख रहे थे.

वनिता आंटी ने अंकित को भी पूरा नंगा कर दिया और कहा: बिना किसी आवाज़ के उस लेडी को छोड़ना.

हमने देखा अंकित इतना एग्ज़ाइट्मेंट में बेडरूम में घुसा की ऐसा लग रहा था पहली बार औरत छोड़ने मिल रही हो. वनिता आंटी ने बाहर से डोर लॉक कर दिया. हम क्लियर देख पा रहे थे अंकित बेड को अपने दोनो हाथो से ढूँढ रहा था, जैसे कोई अँधा आदमी चल रहा हो. जयश्री बेड पर नंगी बैठी थी. वो भी बहुत एग्ज़ाइटेड लग रही थी किसी अंजन से चूड़ने के लिए.

अंकित का पैर बेड से टकरा गया, और वो बेड पर गिरा. उसका हाथ जयश्री को लगा तो वो चौक गयी. लेकिन उसने कुछ आवाज़ नही निकली. अब धीरे-धीरे अंकित ने उसकी मम्मी जयश्री को पकड़ लिया. हम क्लियर देख पा रहे थे की अंकित उसकी मम्मी के जिस्म को पूरा छ्छू कर देख रहा था. जयश्री भी अंजान मर्द का स्पर्श समझ कर शर्मा रही थी.

उसके बाद अंकित जयश्री से लिपट गया, और उसके उपर एक पैर डाल कर उसके बूब्स को दबा रहा था. दोनो अब किस करने लगे थे. तरुण ये देख कर खुश हो रहा था.

मैं: क्या सोच रहा है तरुण?

तरुण: साला अंकित को जब पता चला की जिसका वो अभी मज़ा लूट रहा है, वो उसकी मम्मी थी, तो उसकी गांद फट जाएगी.

मैं: हा, भोंसड़ी का अपनी ही मम्मी को अपनी रंडी बनाना है. ऐसा वनिता को बोल रहा था.

तरुण: लेकिन जो भी हो ब्रो, ये डार्क रूम में चुदाई करना का एक्सपीरियेन्स ही कुछ अलग है. मैं वनिता को छोड़ चुका हू. फिर भी उस दिन ऐसा लग रहा था ये कोई और है.

मैं: हा देख ना ये दोनो भी कितना प्लेषर फील कर रहे है.

हमने देखा तब तक अंकित जयश्री की छूट चाट रहा था, और जयश्री अपना हाथ उसके माथे पर घुमा रही थी. उसके बाद अंकित ने उसका लंड जयश्री से चुस्वाया. आख़िर में वो दोनो ने बहुत अची चुदाई की. वनिता आंटी ने जयश्री को समझा दिया था की जब तक वो अंदर ना आए, तब तक उसको बाहर नही निकालना है.

अंकित और जयश्री एक-दूसरे से चिपक कर डोर खुलने का इंतेज़ार कर रहे थे. पर दोनो में कोई बात नही हो रही थी. अंकित चूतिया अपनी मा के बूब्स दबा रहा था, और बीच-बीच में उनके लिप्स चूस रहा था. हमने कुछ 5-10 मिनिट के बाद वनिता आंटी को डोर खोलने को कहा. वो अंकित को बाहर लेकर आई. अंकित बहुत खुश नज़र आ रहा था.

वनिता आंटी (धीमी आवाज़ में): कैसा रहा ये एक्सपीरियेन्स?

अंकित (वनिता आंटी को हग करके): बहुत मज़ा आया. साली जैसा फोटो मैं भेजा था सेम थी. अंधेरे में भी बहुत मस्त छुड़वा रही थी. दिन के उजाले में कभी मिल गयी तो और मज़ा आएगा.

वनिता आंटी: हा अगर तेरे से हो सका तो दिन के उजाले में भी कर लेना.

उसके बाद वनिता आंटी ने अंकित को बाहर भेज दिया. अंकित के जाने के कुछ टाइम बाद वनिता आंटी ने जयश्री को बाहर निकाला. जयश्री तो शरम के मारे लाल हो रही थी.

जयश्री: यार कौन था ये? उसका लंड बहुत बड़ा था. बहुत मुश्किल से अपनी आवाज़ रोक पाई हू. छूट सूजा कर चला गया.

वनिता आंटी: मज़ा आया की नही?

जयश्री (शर्मा कर): बहुत मज़ा आया. ऐसा मज़ा तो उजाले में भी नही आया. कौन था ये बता ना?

वनिता आंटी: क्यूँ, जान कर क्या काम है?

जयश्री: काम तो कुछ नही, बस सोच रही हू मेरी इतनी अची
प्यास बुझाने वाला कौन होगा?

वनिता आंटी: अपनी आग बुझने से मतलब रख. बाकी का ज़्यादा सोचने की ज़रूरत नही है.

उसके बाद जयश्री भी उसके घर चली गयी. हमने जो रेकॉर्डिंग निकली थी, उसका बहुत अछा पॉर्न वीडियो बना दिया. हमने ऐसे और 2 बार जयश्री और अंकित की चुदाई करवाई.
जयश्री को कोई और मिले, और उसको एक ही लड़के से चुड रही है ऐसा शक ना हो, इसके लिए बीच में तरुण ने अपने 4-5 दोस्तों को बुला कर जयश्री को उनसे चुडवाया.

हमने तब तक जयश्री के बहुत सारे वीडियोस बना दिए थे. आप ऐसा समझो की जयश्री एक पॉर्न स्तर बन जाए इतना बड़ा कलेक्षन हो गया था. मैने सही टाइम का वेट किया, तब तक वो सब चीज़ के होते हुई भी अंकित मम्मी को ब्लॅकमेल करता रहा वो सहता रहा.

जिस दिन मम्मी ने मेरे से बात की, और मेरे से माफी माँगी. उसके नेक्स्ट दे मैने एक वर्चुयल नंबर से अंकित को उसकी मम्मी की फेस के साथ न्यूड्स भेजी. न्यूड्स देख कर वो शॉक्ड हो गया. मैने उसके 5 मिनिट बाद एक वीडियो भेजी जिसमे वो तरुण से छुड़वा रही थी. लेकिन हमने तरुण का फेस ब्लर कर दिया था. उसके बाद मैने उसको कॉल किया.

मैं: देख लिया लोदउ, अपनी रंडी मा का वीडियो?

अंकित: कौन बोल रहा है बहनचोड़?

मैं: छूतिए तमीज़ से बात कर, नही तो तेरी मा की ये वीडियो विराल कर दूँगा.

अंकित (डरते हुए): प्लीज़ आप जो भी बोल रहे हो, ऐसा नही करना.

मैं: ये तो सिर्फ़ ट्रेलर है, पूरी पिक्चर भेज रहा हू.

उसके बाद मैने उसको मेरी, तरुण, और जयश्री के थ्रीसम सेक्स की वीडियो भेजी, जो वनिता आंटी ने चुपके से बना दी थी. और लास्ट में उसकी और उसकी मा की सेक्स वीडियो.

मैने जब कॉल किया तो अंकित रोने लगा था, और वो रोता हुआ बोला: आप प्लीज़ ये सारे वीडियो डेलीट कर दो, प्लीज़.

मैं: क्यूँ बे छूतिए, मैं डेलीट करू. दूसरी औरतों को ब्लॅकमेल करके पैसा लेने में मज़ा आ रहा है ना? उनके पैसों से अययाशी बहुत कर रहा है.

अंकित: तुम किसकी बात कर रहे हो?

मैं: तुझे याद होगा ना तुम किससे पैसों की डिमॅंड कर रहे हो?

अंकित: आप भावना की बात कर रहे हो?

मैं: तू तो बहुत शाना निकला बहनचोड़. इतना जल्दी समझ गया. तुझे क्या लगा भावना को जैसे चाहे वैसे इस्तेमाल करेगा? उसके पीछे हम है, पता नही था.

अंकित: आप जो बोलेंगे मैं वो करूँगा. प्लीज़ आप मेरा और मेरी मम्मी का वो वीडियो डेलीट कर दो प्लीज़.

मैं: वो तू भूल जेया. लेकिन हा, अगर तू चाहता है की तुम्हारा ये वीडियो विराल ना हो, तो उससे पहले तुझे भावना से माफी माँगनी पड़ेगी. और उससे, और बाकी किसी से भी आज तक जीतने पैसे लिए है, वो सब वापस करने होंगे.

अंकित: ठीक है मैं अभी उनसे माफी माँगता हू. आप वो वीडियो डेलीट कर दोगे ना?

मैं: भोंसड़ी के चूतिया समझा है? तेरे पास उनके न्यूड्स है, और मेरे पास तेरी मा के न्यूड्स, और तेरी मा की रंडी की तरह चूड़ते हुए वीडियो, और वो तेरे से भी चुड रही है. अगर तुमने कभी भी भावना और वनिता को आँख उठा कर देखा, तो तेरी ये वीडियो विराल हो जाएगी.

अंकित: प्लीज़ आप ऐसा नही करना. हम लोग जीने के लायक नही रहेंगे.

मैं: ठीक है तो अब ये तेरे हाथ में है, की आयेज से किसी और लेडी को परेशन करना है या शांति से रहना है. मेरा मकसद तुझे सबक सीखना है. मेरा कोई इरादा नही है तेरी तरह किसी को ब्लॅकमेल करने का, पर तुम मुझे मजबूर ना करो तो अछा है.

मैं: अगर तू फिर भी नही सुधरा, तो मेरे पास ऐसे बहुत रास्ते है. ये तो सिर्फ़ हल्के में ले रहा हू तुझे. करने को तो बहुत कुछ कर सकता हू. लेकिन अगर तुम अपनी मा की और तेरे परिवार की इज़्ज़त को सही सलामत रखना चाहता है, तो आज के बाद किसी और लेडी या लड़की को ब्लॅकमेल नही करना.

अंकित: मैं आज के बाद कभी किसी से ऐसा बर्ताव नही करूँगा. मुझे माफ़ करना यार. बहुत बड़ी ग़लती हो गयी. मैं भावना जी, वनिता जी, और बाकी सब से माफी माँग रहा हू.

उसके बाद उसने मम्मी से माफी माँगी, और वनिता आंटी को उसने 1.4 लाख रुपीज़ दिए, जो मैने मम्मी को लौटा दिए. इस पुर सीन में मैं उसके सामने नही आया. तरुण को ये पता था की मैं वनिता आंटी का दोस्त हू.

मम्मी को किसी ने नही बताया की अंकित को सबक कैसे सिखाया. मम्मी अब बिना टेन्षन के नॉर्मल लाइफ जीने लगी. लेकिन वो अब उदास रहने लगी थी, क्यूंकी मैं उनसे अब बात नही करता था बिना किसी काम के ना कारण के. उनको अपनी ग़लती पर पछतावा हो रहा था. लेकिन अब मुझे मम्मी पर बिल्कुल भरोसा नही रहा.

मैने उनको उस दिन बता दिया था की ये मैने आपको लास्ट टाइम बचाया है. आयेज से आप को बाहर किसी गैरों से मूह मारना हो तो आप अपने रिस्क पर कर सकते है. और मैं अब ये इन्सेस्ट रिलेशन्षिप से एग्ज़िट होना चाहता हू. तो मैने डिसाइड कर लिया की आयेज से कभी भी मम्मी से इंटिमेट रिलेशन्षिप नही रखना है. पर पता नही आयेज क्या होगा!

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