दूसरे के पति के साथ मस्ती

हेलो दोस्तों, कैसे हो आप सब? इस स्टोरी के 1स्ट्रीट पार्ट में आपने पढ़ा की मेरे हज़्बेंड मुझे स्वापिंग के लिए बोल रहे थे, और मैने मेरे एक छत फ्रेंड के कहने पे किसी जान-पहचान वाले के साथ स्वापिंग का मॅन बना लिया.

मैने मेरी कज़िन सिस्टर और उसके हज़्बेंड को चुना स्वापिंग के लिए. और मैं कज़िन सिस्टर के हज़्बेंड आकाश से छत करके उन्हे पाटने का ट्राइ कर रही थी. वो भी मुझे लीके करते थे, और मुझसे अकेले में मिलना भी चाहते थे. पर फिलहाल मैं उन्हे बोलती हू की पहले हम सब साथ मिलते है. अब आयेज-

नेक्स्ट मॉर्निंग जब मेरी कज़िन सिस्टर अंकिता से मेरी बात हुई, तो उसने बोला की-

अंकिता: यार काफ़ी दिन हुए हम सब मिले नही. चलो ना मिलने का प्लान करते है.

मे: हा यार, बात तो तेरी सही है. करते है प्लान.

अंकिता: आकाश भी तुझे मिस कर रहे है. कल रात उन्होने ही बोला की मिलने का प्लान करो सब का.

मे: अब मैं उनकी फॅवुरेट साली हू तो मुझे मिस तो करेंगे ही ना.

और हम दोनो ही हासणे लगे. हमारे बीच ऐसी मज़ाक-मस्ती होती रहती थी. फिर हमने नेक्स्ट दे माल में मिल के शॉपिंग करने का प्लान बनाया. मैने मेरे हज़्बेंड को बताया, तो वो भी खुश हो गये. क्यूंकी उन्हे भी अंकिता से मिलने मिलता. फिर मैने आफ्टरनून में आकाश से छत पे बताया की-

मे: आज अंकिता से बात हुई मेरी, और कल माल में मिल के शॉपिंग करने का प्लान हुआ है.

आकाश: हा अंकिता ने बताया मुझे भी. मैं तो बहुत एग्ज़ाइटेड हू कल के लिए.

मे: अछा, इतनी पसंद हू क्या मैं आपको?

आकाश: हा, बहुत ज़्यादा.

मे: मुझे भी आप पसंद हो पर…

आकाश: पर क्या?

मे: मैं दीपक को धोखा नही दे सकती.

आकाश: कोई किसी को धोखा नही दे रहा यार. हम कुछ ग़लत नही कर रहे. बुत क्या आप सच में मुझे पसंद करते हो?

मे: हा, मुझे आपका नेचर बहुत पसंद है. आपके हस्सी-मज़ाक, ओपन्ली बिना कुछ च्छुपाए बोल देना, और सबसे अछा आपका स्माइल वाला फेस.

आकाश: थॅंक योउ साली साहिबा.

और मैने छत बाइ बोल के बंद की. फिर जीजू ने मुझे किस वाली एमोजी भेजी, मैने भी वापस भेज दी. जब रात को घर आई, तो मेरे हज़्बेंड भी बहुत एग्ज़ाइटेड लग रहे थे. जब मैने पूछा तो बोल रहे थे की हम इतने दीनो बाद सब मिल रहे थे, इसलिए वो एग्ज़ाइटेड थे. पर मुझे पता था की वो अंकिता से मिलने के लिए एग्ज़ाइटेड थे.

मेरे हज़्बेंड अंकिता को पसंद करते थे. बुत वो शायद मुझसे डरते थे की कहीं मैं बुरा ना मान जौ इस बात का, तो अंकिता के बारे में मुझसे ज़्यादा बात नही करते थे. हा पर अंकिता ही उन्हे कॉल या मेसेज करती रहती थी, और दीपक मुझे बताते थे की आज अंकिता का कॉल आया था.

वो क्या क्या बात करते थे, सब बताते थे मुझे, और ईवन उनकी छत भी दिखाते थे मुझे. वो दोनो छत पे भी फ्लर्टिंग करते थे, और ये सब नॉर्मल था मेरे लिए. क्यूंकी जब भी हम मिलते थे, तब अंकिता उनके आयेज-पीछे ही घूमती रहती थी. वो उनसे चिपक-चिपक के मज़ाक करती थी.

दूसरे दिन हम सब ईव्निंग में एक माल में मिले. मैने तो नॉर्मल एक कुर्ता आंड लेगैंग्स पहना था, पर अंकिता ने ब्लॅक कलर का ओनेपीएसए ड्रेस पहना था, जो उसकी नीस के उपर तक था. उपर से भी उसका क्लीवेज मस्त दिखा रहा था. एक-दूं सेक्सी लग रही थी.

दीपक तो उसे देखते ही रह गये. अंकिता ने बोला की जीजू कहाँ खो गये, तब जाके दीपक ने अपनी नज़रें हटाई. और अंकिता उनके हाथ में हाथ डाल के माल के अंदर चली गयी. मैं और आकाश जीजू उनके पीछे ही अंदर चले गये.

अंकिता दीपक को छ्चोढ़ ही नही रही थी. वो दोनो हस्सी मज़ाक करते हुए आयेज चल रहे थे. मैं और आकाश जीजू तोड़ा पीछे चल रहे थे. हम दोनो भी धीरे-धीरे बातें कर रहे थे. जीजू बोले-

आखश: आप बड़ी खूबसूरत लग रही हो.

मे: इतनी सिंपल तो लग रही हू. नॉर्मल कुर्ता ही तो पहना है.

आकाश: आपकी सिंप्लिसिटी पे ही तो फिदा हू मैं.

आप दिखावा नही करती, और यहीं बात मुझे बहुत अची लगती है आपकी.

मे: अछा जी ये बात है. वो देखो अंकिता दीपक को कितना चिपक रही है. आपको बुरा नही लग रहा?

आकाश: अछा है ना. वो दोनो आपस में बिज़ी है. हम दोनो को तोड़ा टाइम मिल गया अकेले में.

फिर वो मुझसे ऐसे ही मेरी पसंद नापसंद के बारे पूछने लगे. मेरा फॅवुरेट कलर पूछा तो मैने बोल दिया की रेड कलर प्यार वाला. तो वो नॉटी स्माइल देने लगे, और बोलने लगे की एक रिक्वेस्ट करू क्या? मैने पूछा कैसी रिक्वेस्ट?

तो उन्होने बोला: मेरी पसंद का कुछ आप लेंगी आज?

मैने बोला: आप बता देना क्या लेना है, ले लूँगी.

फिर हमने थोड़ी बहुत ऐसी ही शॉपिंग की, और लास्ट में अंकिता बोली: मुझे कुछ और भी लेना है.

फिर वो एक लाइनाये शॉप में चली गयी. मैं भी उसके साथ अंदर चली गयी. आकाश और दीपक बाहर ही खड़े थे. शायद उन्हे अंदर आने में शरम आ रही थी.

अंकिता को कुछ समझ नही आ रहा था, की कों सा ले. तो बोलने लगी-

अंकिता: वो दोनो को भी अंदर बुला ले क्या? मर्दों की पसंद इन सब में ज़्यादा अची होती है.

मैने भी बोला: बुला ले फिर.

फिर वो जाके दोनो को अंदर ले आई, और आकाश को पूछने लगी: क्या लू?

आकाश ने उसे एक रेड ब्रा-पनटी सेट दिखाया, तो अंकिता बोली: आपको पता तो है की मेरा फॅवुरेट कलर ब्लॅक है.

तो आकाश बोले: फिर मुझे क्यूँ पूछा? जो लेना हो लेलो.

फिर अंकिता ने सब के सामने ही दीपक को पूछा की उसको कों सी अची लग रही थी. दीपक मेरा मूह देखने लगा, तो मैने भी इशारे से बोल दिया की इट’स ओक. फिर दीपक के कहने पे उसने एक नेट वाली ब्रा पनटी सेट ली ब्लॅक कलर की. आकाश ने भी मुझे मेसेज किया की सेम मैं भी लू, पर रेड कलर की.

मैने रिप्लाइ में शाइ वाली एमोजी भेजी. फिर ओक बोल दिया. उसके बाद मैने भी सेम टाइप की लेली रेड कलर में. फिर आकाश को देख के स्माइल की, और जीजू ने इशारों में थॅंक्स बोला. फिर हमने तोड़ा नाश्ता किया, और घर आ गये. उस रात मैने दीपक को बोला-

मैं: आज तो बड़े खुश होंगे ना तुम?

तो वो बोले: क्यूँ, क्या हुआ?

मैने बोला: अंकिता बड़ी चिपक रही थी तुमसे, और तुम भी मज़े ले रहे थे.

तो वो बोलने लगे: अर्रे यार कुछ भी मत बोलो. तुम्हे पता तो है अंकिता कुछ ज़्यादा ही मस्ती करती है, और कुछ नही है हमारे बीच.

फिर मैने बोला: यार तुम इतना क्यूँ टेन्षन ले रहे हो? मुझे पता है तुम अंकिता को पसंद करते हो, और शायद वो भी तुम्हे पसंद करती है. और दिन भर तुम किसी के साथ भी रहो, रात को तो मेरे पास ही आओगे ना. तो मुझे कोई प्राब्लम नही है आप दोनो की फ्रेंडशिप से.

दीपक बोलने लगे: क्या बोल रही हो पता भी है तुम्हे?

मैने बोला: मैं सीरियस्ली बोल रही हू. वैसे भी हमारी लाइफ थोड़ी बोर सी हो गयी है ये मुझे पता है. अगर तुम्हे अंकिता के साथ अछा लगता है, तो तुम उसके साथ फ्रेंडशिप बढ़ा सकते हो. मेरी पर्मिशन है आपको.

वो बोलने लगे: फालतू बातें मत करो. क्या तुम मेरा कोई टेस्ट ले रही हो?

मैं बोली: नही बाबा, मैं सच बोल रही हू. अगर अंकिता रेडी है तो आप उसके साथ कुछ आयेज बढ़ सकते हो. मेरी और से पर्मिशन है.

वो बोलने लगे: कहीं तुम मेरे साथ कोई प्रॅंक तो नही कर रही ना?

मैने बोला: ये कोई प्रॅंक नही है. मैं सीरियस्ली बोल रही हू. पर एक बार याद रखना, बस जो भी कर रहे हो, मुझे बताते रहना. मुझे च्छूपा के कुछ भी किया तो फिर तुम्हारी खैर नही.

दीपक मुझे ऐसे देख रहे थे, जैसे कोई अजूबा देख रहे हो. फिर मैने उन्हे टाइट हग किया और बोली-

मैं: मैं आपकी खुशी का ख़याल नही रखूँगी तो कों रखेगा?

फिर दीपक को इतना जोश आया की जाम के ली उसने मेरी. मज़ा ही आ गया.

फिर मैने बोला: देखा, सिर्फ़ मेरी पर्मिशन से तुम इतना खुश हो गये, और मुझे भी खुश कर दिया. तो सोचो आयेज क्या होगा.

दीपक बोलने लगे: मैं एक बात बोलू, बुरा तो नही मानोगी?

मैने बोला: आपकी बात का बुरा कैसे मान सकती हू? बोलो जो भी बोलना है.

फिर वो बोलने लगे: आकाश को शायद तुममे इंटेरेस्ट है. तुम भी उनसे फ्रेंडशिप बाधाओ.

तो मैने बोला: क्या कुछ भी बोल रहे हो. अंकिता जैसी हॉट वाइफ को छ्चोढ़ के वो मुझे क्यूँ पसंद करेंगे?

तो दीपक बोलने लगे: नही यार सच में. आज मैने नोटीस किया की आकाश तुम्हारी तरफ कुछ ज़्यादा ही ध्यान दे रहा था. तुम्हारे आयेज-पीछे ही घूम रहा था वो.

मैने बोला: कहीं तुम्हे जलन तो नही हो रही उससे?

तो वो बोलने लगे: नही यार ऐसा कुछ नही है. पर आकाश सच में बहुत अछा है. तुम उससे फ्रेंडशिप बाधाओ. वो भी खुश हो जाएगा.

तो मैने बोला: क्या सच में आपको ऐसा लगता है, की जीजू को मुझमे इंटेरेस्ट है?

वो बोले: पक्का पता है. तुम उससे बात करो, तुम्हे भी समझ आ जाएगा.

फिर मैने ऐसे ही मज़ाक में बोल दिया: सोच लो, हमारी फ्रेंडशिप कहीं बेड तक ना चली जाए.

तो फिर वो बोलने लगे: मुझे तो कोई प्राब्लम नही है. अगर तुम चाहो तो कर सकती हो.

मैने बोला: हा अंकिता को अपने बेड पे लाने की पूरी प्लॅनिंग कर रहे हो.

फिर हम दोनो ही हासणे लगे, और हमने एक और रौंद किया. हम दोनो को ही अलग जोश था उस दिन. अब दीपक और आकाश तो ऑलमोस्ट मेरे कंट्रोल में थे. अब बस अंकिता ही बची थी. अगर वो भी मान जाए, तो फिर हमारी स्वापिंग आराम से हो जाएगी. ये सब इतना ईज़िली हो रहा था, मेरे उस छत फ्रेंड की वजह से. हर तरह से हेल्प की उसने मेरी.

इस पार्ट में इतना ही. आयेज की स्टोरी अगले पार्ट में. अब तक की स्टोरी कैसी लगी बताना मुझे.
मैं आपके मेल्स का वेट करूँगी.

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