पैसों के लिए पुराने यार से चुदी मा

मैं मम्मी और वनिता आंटी की चुदाई देख कर घर वापस आ गया. उस दिन मेरा मूड खराब हो गया था. मुझे बहुत अफ़सोस हो रहा था की मैने बिना बात जाने वनिता आंटी को बुरा कहा. आज का दिन उनके लिए बहुत बुरा रहा था.

अंकित ने उनको और मम्मी को बहुत ज़लील किया था. अंकित को लेकर मेरे अंदर बहुत ज़्यादा गुस्सा था. मैने उस दिन एक बात का नियम लिया, की कभी भी गुस्से में कोई डिसिशन नही लूँगा. मेरे दिमाग़ में बहुत सारे सवाल उठ रहे थे, और मैं हर एक गुत्थी को सूलजाने की कोशिश करने लगा था.

मैं शवर लेने गया, तब मुझे मम्मी की चुदाई याद आ गयी, और मैने एक और बार मूठ लगाई. मैं शवर लेकर नाश्ता कर रहा था, तब मम्मी घर पर आई. तब तक पापा भी आ गये थे. मम्मी बहुत खुश लग रही थी. उनका चेहरा खिल गया था.

पापा ने भी मम्मी को पूछा: क्या बात है भावना? आज कुछ ज़्यादा ही खुश नज़र आ रही हो? क्या हुआ?

मम्मी: अर्रे कुछ नही हुआ. आप क्यूँ ऐसा पूच रहे हो?

पापा: कभी तुम्हे इतना खुश नही देखा इसलिए (मम्मी जब चल रही थी, तो उनकी चल बदल गयी थी).

पापा: अर्रे ऐसे क्यूँ चल रही हो? कुछ हुआ है क्या?

मम्मी: अर्रे आज बस में भीड़ बहुत थी, तो खड़े-खड़े आना पड़ा. तो पैर दर्द कर रहे है. और आज बहुत तक गयी हू.

पापा: ओह ठीक है. तुम्हारे दोस्त के घर पर पूजा थी. वो सब आचे से हो गया ना?

मम्मी: हा आज उसी के काम में तक गयी हू. खाना ना बना हो तो आज बाहर से मंगवा लेना. मैं बहुत तक गयी हू.

शिऊु भाभी: मम्मी आप तक गये है तो आराम करे. मैं सब मॅनेज कर लूँगी.

मम्मी: थॅंक्स बेटा, अब मैं नहाने जेया रही हू.

साला मम्मी ने घर में सब को इतने आचे से झूठ बोला की किसी को शक तक नही हुआ, की ये औरत आज 2-2 जवान लड़कों से एक साथ छुड़वा कर आई थी. जब तक मुझे मम्मी का असली रूप नही पता था, तब तक तो मैं भी इनको धार्मिक और संस्कारी औरत समझ रहा था.

मुझे अब रीयलाइज़ हुआ की जब मैं और भैया छ्होटे थे तब मम्मी ऐसे बाहर जाया करती थी. उस समय मुझे मम्मी की बातों पर यकीन हो जाता था. लेकिन साला अब समझ आया की हम सब को घर झूठ बोल कर मम्मी बाहर चुडवाया करती थी.

दूसरे दिन मैं ऑफीस में था. तब मैने वनिता आंटी को सॉरी का मेसेज किया, और उनसे मेरी ग़लती के लिए माफी माँगी. उसके बाद मुझे वनिता आंटी का कॉल आया. हमारी कुछ 2 घंटे तक फोन पर बात हुई. उस बात-चीत के दौरान मुझे बहुत कुछ ऐसी चीज़ें मालूम पड़ी, जो शॉकिंग थी.

मैं मम्मी का फोन मॉनिटर कर रहा था, तो मुझे पता चला की अंकित मम्मी के पैसों से अययशी कर रहा था. और मैने अब ध्यान दिया की आज कल मम्मी पापा से कोई ना कोई बहाना निकाल कर पैसा मांगती रहती थी. पापा माना करते तो मम्मी परेशन हो जाती थी. मैं समझ गया था की ये सब अंकित के लिए हो रहा था.

अंकित मम्मी को अब ब्लॅकमेल करने लगा था. लेकिन उसको इस बात की भनक नही थी की वो जिस रास्ते पर चल रहा था, वहाँ उसका सामना मेरे से होने वाला है. मम्मी उससे अपनी मर्ज़ी से चुडवाया करती, तो मैं उसको कुछ नही कर रहा था. पर अब बात ऐसी थी की उसने मम्मी का ग़लत तरीके से फ़ायदा उठना शुरू किया था. और मैं घर की दौलत को किसी और पर लूटने नही दे सकता था.

मुझे उसके लिए कुछ ना कुछ तो करना था. अब अंकित से सीधा झगड़ा करता तो मम्मी की इज़्ज़त भरे बेज़ार लूट जाती. और पापा का नाम हमारे टाउन में खराब होता. मम्मी को भी इस बात की चिंता सता रही थी. मैं हाथ पर हाथ डाल कर बैठ नही सकता था, तो मैने अंकित को सबक सीखने के लिए प्लान किया. मैने उस प्लान को आचे से सक्सेस करने के लिए कुछ लोगों की हेल्प भी ली, और वो सब होने में बहुत सारे दिन लगने वाले थे. एक दिन अंकित और मम्मी के बीच मेसेज पर बात हुई, जो मैं आप से शेर कर रहा हू.

अंकित: ही. कैसी हो मेरी जान?

मम्मी: क्या बात है, आज इतने प्यार से बात कर रहे हो? रोज़ तो मुझे कितनी गालियाँ देते हो.

अंकित: आज मैं बहुत खुश हू. वनिता ने मेरे लिए मस्त प्लान किया है.

मम्मी: वाउ, वनिता ने कुछ सोचा है तो बहुत एग्ज़ाइटिंग होगा. क्या सोचा है, तोड़ा मुझे भी बताओ.

अंकित: वनिता की एक दोस्त है जो चुदाई की शौकीन है. और उसको भी यंग लड़कों से सेक्स करना पसंद है. जब से उसके न्यूड्स देखे है, मेरा तो उसको छोड़ने के लिए मॅन मचल रहा है.

मम्मी: वाह क्या बात है. बाइ थे वे कंग्रॅजुलेशन्स तुम्हे एक और आंटी मिलने वाली है.

अंकित: हा यार, जब से उसका सेक्सी बदन देखा है, रोज़ उसके न्यूड्स देख कर मूठ मार रहा हू.

मम्मी: अछा दिखती कैसी है?

अंकित: पता नही यार. उसके जीतने पिक्स वनिता ने दिए है, उसमे उसका चेहरा नही दिख रहा.

मम्मी: हा चेहरे के साथ न्यूड्स मिल गये तो तुम उसको भी हम दोनो की तरह इस्तेमाल करोगे. वनिता ने ये बहुत अछा किया.

अंकित: हा-हा, लेकिन तुम तो मुझे जानती हो ना, मैं कितना कमीना हू. उसको भी मेरी रंडी बना दूँगा.

मम्मी: अंकित वो अगर तुम दोनो से एक बार चुड गयी, तो मेरी तरह तुम दोनो के लंड की दीवानी बन जाएगी.

अंकित: ह्म.. तुम आज मिलने आ रही हो ना?

मम्मी: ठीक है दोपहर को मेरे घर के पास से लेकर जाना.

अंकित: बेबी आज थोड़े पैसे लेकर आना. मुझे तोड़ा काम है.

मम्मी: अंकित जितना मर्ज़ी करे मेरी चुदाई कर लिया करो. पर पैसे नही है मेरे पास. पति से और पैसे माँग नही सकती. अब तो वो भी मेरे पर चिल्ला रहे है. पूछते है क्या करती रहती है इतने पैसों का. अब मैं उनको रोज़-रोज़ कितने बहाने बतौ?

अंकित: मेरी जान ये अब तुम्हारी प्राब्लम है. मुझे तो आज पैसे चाहिए मतलब चाहिए. तुम कुछ भी करो, मुझे कोई फराक नही पड़ता. तुम चाहे चोरी करो, अपने आप को बेचो, तुम्हे जो ठीक लगे वो करो (मुझे अंकित की ये बात पर इतना गुस्सा आया था की पूछो मत).

मम्मी: प्लीज़ यार. मुझे तोड़ा वक्त दो. मैं कहीं से मॅनेज कर रही हू.

अंकित: 2 दिन का टाइम देता हू. मुझे 20000 रुपीज़ चाहिए.

मम्मी: इतने सारे?

अंकित: हा तुम कहीं से भी ला कर दो.

मम्मी ने उसके बाद अपनी कुछ दोस्तों से पैसे माँगना शुरू किया. मम्मी सब आंटी से झूठ बोल रही थी की उनको अभी ज़रूरत थी, वो बाद में लौटा देंगी. मुझे मम्मी पर गुस्सा भी आ रहा था, लेकिन वो घर की इज़्ज़त को बचाने के लिए कर रही थी.

मम्मी ने 3-4 आंटी को कॉल किया, लेकिन उनकी किसी ने हेल्प नही की. उसके बाद मम्मी ने अपनी गोल्ड चैन को गिरवी रखा, और वहाँ से पैसे लेकर अंकित को दिया. वो मुझे वनिता आंटी से पता चला. कुछ दीनो के बाद अंकित ने और ज़्यादा पैसों की डिमांड की, और इस बार मम्मी उसको पैसे देने के लायक नही बची थी. मम्मी बहुत परेशन रहने लगी. वो अंकित को माना करती तो वो उसको गंदी गालियाँ देता.

मम्मी ने अब वो स्टेप उठाया, जो मैं सपने में भी सोच नही सकता था. मम्मी ने अपने पुराने यार को कॉल किया, जिसका नाम रंजीत अंकल था. उन्होने उनसे मिलने को कहा, और मम्मी उनको सिटी में मिलने जाने वाली थी. मम्मी उस दिन रिश्तेदार के घर जाने के बहाने उनसे मिलने गयी.

वो उस दिन वाइट सारी और रेड स्लीव्ले ब्लाउस पहनी थी. उनकी बॅक बहुत लो थी और ब्लाउस में क्लीवेज बन रही थी. मम्मी बहुत कातिल लग रही थी. मुझे पक्का यकीन था की वो आज रंजीत अंकल को पैसों के लिए मिलने जेया रही थी. मेरे अंदर भी एक उत्सुकता जागी, की मैं मम्मी के पुराने यार को देख साकु.

मैं मम्मी को पता ना चले ऐसे उनका पीछा करने लगा. मम्मी ने कॅब बुक किया था. वो उसमे बैठ कर सिटी की तरफ जाने लगे. मैं भी बिके से उनको फॉलो करने लगा. कॅब सिटी के एक आचे रेस्टोरेंट पर रुकी. एक अंकल आए और उन्होने कॅब वाले को किराया दिया. मैं समझ गया की वो और कोई नही पर रंजीत अंकल होंगे.

रंजीत अंकल की पर्सनॅलिटी देख कर मैं भी सोच में पद गया. उनकी हाइट 6 फीट होगी, और वो बहुत स्ट्रॉंग मान थे. उनका रंग सावला था, पर दिखने में बहुत स्मार्ट लग रहे थे. उनकी मूचे ऐसी थी की हर कोई उनसे इंप्रेस होता था. मैने स्पाइ अप से मम्मी के फोन का माइक्रोफोन ऑलरेडी ओं किया हुआ था, और एअर बड्स लगा कर उनकी बातें सुन रहा था.

रंजीत अंकल (मम्मी को हग करके): बहुत सालों बाद तुमसे मिल रहा हू. और क्या बात है, पहले से ज़्यादा खूबसूरत और प्यारी लग रही हो.

मम्मी (शर्मा कर): थॅंक योउ रंजीत. तुम भी हॅंडसम लग रहे हो.

रंजीत अंकल: चलो अंदर लंच करते है.

मम्मी उनके साथ रेस्टोरेंट में चली गयी. मैं अंदर का सिट्टिंग अरेंज्मेंट देख कर अंदर गया. वो लंच टाइम का पीक अवर था, तो रेस्टोरेंट में बहुत से कस्टमर थे. मैं बैठने से पहले वेटर को ऑर्डर दे दिया, और उसको बोल दिया की एक बार मेरा ऑर्डर आ जाए, उसके बाद बार-बार मेरे टेबल पर आके डिस्टर्ब ना करे. मम्मी से काफ़ी मैं डोर साइड में कॉर्नर टेबल पर बैठ गया. मैं उन दोनो को देख सकता था, और एअर बड्स से उनकी बातें सुन रहा था.

रंजीत अंकल: भावना मुझे यकीन नही हो रहा आज तुम मेरे साथ लंच कर रही हो. कितना अरसा हो गया हम दोनो को मिले हुए.

मम्मी: बहुत साल हो गये, पहले तो कितना मिलना होता था हमारा. कॉलेज के बाद आज हम मिल रहे है. इतने सालों बाद भी तुमने मुझे पहचान लिया.

रंजीत अंकल: तुम्हे कोई कैसे भूल सकता है? मैं तो देख कर पहचान गया था की ये तुम हो. एक बात काहु यार?

मम्मी: बोलो ना.

रंजीत अंकल: इतने सालों बाद तुमने मुझे कॉंटॅक्ट किया. और मिलने भी बुलाया, और तुम मुझसे कुछ बात शेर करना चाहती थी. क्या हुआ है?

मम्मी: पहले हम लंच करते है. उसके बाद हम शांति से सब बात करेंगे.

वो दोनो अब लंच करने लगे, और अपने कॉलेज टाइम की बातें कर रहे थे. रंजीत अंकल मम्मी की खूबसूरती की तारीफ करते जेया रहे थे. मम्मी भी शर्मा कर स्माइल के साथ उनकी तरफ देख रही थी.

रंजीत अंकल: भावना पहले कितना मज़ा आता था, हम दोनो कॉलेज से गुटली मार कर गेस्ट हाउस जाते थे.

मम्मी (शर्मा कर): हा, और तुम मुझे शाम तक वहीं…

रंजीत अंकल: भावना एक बात काहु यार? आज तुम्हे देख कर वो दिन याद आ गये. मेरा तो आज तुम्हे देख कर वो सब करने का मॅन कर रहा है.

मम्मी: क्या यार तुम भी, पुराने दीनो की बात लेकर बैठ गये. वो तो जवानी को जोश था. अब मैं शादी-शुदा हू, और मेरे घर पर मेरा पोटा आ गया है.

रंजीत अंकल: भावना तुम्हे देख कर लगता नही है. तुम दादी बन गयी हो. आज भी इतनी सेक्सी लग रही हो.

मम्मी: रंजीत इतने साल हो गये, लेकिन तुम थोड़े से भी नही बदले.

रंजीत अंकल (मम्मी के हाथ के उपर हाथ रख कर): भावना आज क्यूँ ना हम पुरानी याद को ताज़ा करे.

मम्मी: रंजीत ये कैसी बातें कर रहे हो? वो हमारी जवानी के दिन थे. अब इस उमर में ये सब अछा थोड़ी लगेगा.

रंजीत अंकल: भावना प्लीज़ अब मेरा मूड बन गया है. और तुम्हे बता है ना मेरा मूड बन जाता है उसके बाद क्या होता है.

मम्मी: बहुत आचे से पता है. कैसे भूल सकती हू वो दिन. कभी-कभी तुम्हे बहुत मिस करती हू.

रंजीत अंकल: मैं भी तुम्हे मिस करता हू. तुमने कॉल किया और मिलने की बात की, तो मैं देल्ही से फ्लाइट पकड़ कर यहाँ आ गया.

मम्मी: तुम देल्ही में रहते हो?

रंजीत अंकल: अब मैं देल्ही सेट्ल हो गया हू.

मम्मी: ई आम सॉरी यार. मुझे पता नही था तुम देल्ही में हो. नही तो मैं मिलने की बात ही नही करती.

रंजीत अंकल: ये कैसी बातें कर रही हो. तुमसे मिलने के लिए तो मैं दुनियाँ के किसी भी कोने से आ सकता हू.

मम्मी (तोड़ा एमोशनल होकर): रंजीत प्लीज़, अब रुलाएगा क्या.

रंजीत अंकल: भावना प्लीज़ आज मेरा बहुत मॅन कर रहे है.

मम्मी: ठीक है, अब तुम इतनी डोर से मुझे स्पेशल मिलने आए हो तो माना भी नही करूँगी. और देखती हू आज की तुम में अब भी वो बात है या बुड्ढे हो गये हो (मम्मी हासणे लगी).

रंजीत अंकल: वो तो होटेल के रूम में जेया कर पता चलेगा.

उसके बाद वो दोनो रेस्टोरेंट से बाहर निकल गये. मैने भी मेरा बिल पे करके उनको फॉलो किया. अंकल ने कॅब बुलाया, और सिटी के सबसे महनगा होटेल था वहाँ मम्मी को लेकर गये. मैने मम्मी के मोबाइल के माइक्रोफोन से उनकी चुदाई सुनता रहा. रंजीत अंकल ने मम्मी की बहुत लंबी और तगड़ी चुदाई की.

मम्मी ने रंजीत अंकल से झूठ बोला की उनकी एक फ्रेंड के हज़्बेंड बीमार थे. और उसके इलाज के लिए पैसों की मदद चाहिए. ऐसा बोल कर मम्मी ने उनसे 1 लाख रुपय लिए. मम्मी को अंकित की वजह से अपने पुराने यार से चूड़ना पड़ा, और झूठ बोल कर पैसे भी लिए.

अंकित का बुरा हाल कैसे होता है वो जानने के लिए कहानी से जुड़े रहे. आपको अभी और उसकी चुड़क्कड़ मम्मी की स्टोरी कैसी लग रही है प्लीज़ कॉमेंट करके बताइए और आपका फीडबॅक मूडछंगेरबोय@गमाल.कॉम पर मैल करे.

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