कज़िन का मूड उसको चोद कर ठीक किया

आइए स्वागत है आप सभी का. इस बार कहानी आने में लाते हो गया. उसके लिए मैं आप सभी से माफी माँगता हू. लेकिन आप सभी का फिरसे आने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद. आप मेरी कहानी को इतना प्यार देते आ रहे है, ये देख कर मुझे बहुत ही अछा लगता है. बहुत लोगों की मेरे को मैल आई, और गूगले छत पर मेसेजस भी. उसके लिए आपका दिल से धन्यवाद!

आप सभी से एक रिक्वेस्ट है. जब भी आप लोग मेरे को मैल करो या मेसेज करो, उसके साथ स्टोरी का नामे भी लिख दिया करो. ताकि मुझे पता लग सके की मेरी कों सी स्टोरी आपको सबसे पसंद आई है. तो अब चलिए देर ना करते हुए स्टोरी पर आते है.

मेरा नाम कामदेव है, और मेरे घर में 4 लोग है. जो मेरे रेग्युलर रीडर्स है, उनको पता होगा की मेरी एक सिस्टर है, जो लंडन में रहती है. घर में मम्मी और पापा भी रहते है.

ये बात गर्मियों के दीनो की थी, जब सम्मर वाकेशन्स में मेरे घर मेरी कज़िन आई हुई थी. वो मुझसे आगे में बस एक साल चोटती है. आगे सेम होने के कारण हमारी बॉनडिंग भी अची है. हम सारी बातें शेर कर लेते है.

एक दिन मैं सुबा उठा तो वो फोन में किसी से झगड़ा कर रही थी. कॉल कट होने के बाद मैने पूछा तो उसने नही बताया. फिर 2-3 बार पूछने के बाद उसने बताया की उसका ब्रेकप हो गया था.

ब्रेकप का रीज़न ये था की इसका ब्फ से मिलने का बड़ा मॅन था, बुत ब्फ के पास टाइम नही था. इस वजह से उनके बीच झगड़ा हुआ और बात ब्रेकप तक आ गयी. मैने उसका मूड ठीक करने के लिए क्लब का प्लान बनाया. शाम को मैं कार में उसको लेकर क्लब के लिए निकल गया. रास्ते में हमने ड्रिंक करी, आंड क्लब में जेया कर भी. मेरी कज़िन ने बहुत एंजाय करा, आंड हम रात के करीब 1 बजे क्लब से निकल गये.

क्लब से निकालने के बाद हमने डिन्नर किया और फिर मैने कार घर की तरफ ली. रास्ते में मम्मी का कॉल आया और उन्होने बताया की वो और पापा किसी रिलेटिव के घर गये थे, क्यूंकी उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गयी थी, और घर की चाबी साइड वाली आंटी के घर थी.

मैने घर पहुँच कर अपनी कज़िन को कार में ही रुकने को कहा, और चाबी लेने आंटी के घर गया. फिर चाभी लेकर आ गया. अब मैने घर का गाते खोला, और कार पार्क करी. फिर मैने कज़िन को अपने रूम में सुलने के लिए लिटा दिया, और मैं दूसरे रूम में जाने लगा. इतने में वो बोल पड़ी-

कज़िन: भाई आज तुम भी यहीं सो जाओ ना. हम बातें करेंगे. अकेले मेरा मॅन नही लगेगा.

मैं: ठीक है.

कज़िन: आपको पता है मेरा उससे मिलने का बड़ा मॅन था. लेकिन उसने टाइम पर अपनी गांद दिखा दी!

मुझे उसके मूह से ये वर्ड सुन कर तोड़ा अजीब लगा. बुत आज की जेनरेशन में ये सब नॉर्मल है.

कज़िन: हम जब भी मिलते थे, बड़ा एंजाय करते थे. अबकी बार भी हमारा प्लान था. लेकिन उसने सब खराब कर दिया.

मैं: हा मैं समझ सकता हू.

कज़िन: आप नही समझ सकते मुझे इतना गुस्सा क्यूँ आया?

मैं: समझ सकता हू.

कज़िन: नही समझ सकते.

मैं: क्यूँ नही समझ सकता?

कज़िन: क्यूंकी मुझे उससे चूड़ना था. अब चूड़ने की बात आप कैसे समझ सकते है?

मैं (मुझे समझ नही आया क्या बोलू): ऑश ओक!

कज़िन: हा मैं कह रही थी ना, आप नही समझ सकते.

मैं: हा.

कज़िन: मेरा मॅन था मैं घोड़ी बनती और वो मेरे उपर चढ़ कर मुझे छोड़ता, मेरी गांद मारता.

मैं: कोई नही, अब नेक्स्ट टाइम मिलेगी तब कर लिओ आचे से.

कज़िन: नेक्स्ट टाइम अब एग्ज़ॅम के बाद होगा मिलना. यहीं बात उस छूतिए को सुबा समझा रही थी मैं.

मैं: फिर इतने दिन कैसे मॅनेज करेगी?

कज़िन: फिंगर्स से और किससे, जैसे तुम लड़के हाथ से करते हो! (हेस्ट हुए)

मैं: मैं नही करता हॅंड्ज़ का उसे.

कज़िन: क्यूँ, आपके लिए कोई और करता है क्या अपने हॅंड्ज़ का उसे?

मैं: नही, ऐसी कोई बात नही है.

कज़िन: बता दो यार, मैं कों सा किसी को बता रही हू.

मैं (फिर मैने उसे अपनी गफ़ की पिक दिखाई): इसके साथ करता हू मैं जब मॅन होता है.

कज़िन: बीसी क्या माल है यार, एक-दूं सेक्सी, गांद कितनी अची है इसकी. यार तुम्हारे तो मज़े है भाई.

मैं: लेकिन एक के साथ कितना ही करे?

कज़िन: तो क्या आपको हज़ारों लड़कियाँ चाहिए?

मैं: हज़ार तो नही, बस कोई एक जो एंजाय करे खुल कर.

कज़िन: कोई नही मिल जाएगी.

थोड़ी देर बातें करने के बाद वो कहती-

कज़िन: कब तक ऐसे चेर पर बैतोगे? बेड पर ही आ जाओ. मैं कों सा खा जौंगी आपको.

मैं: ओके.

फिर मैं उसके पीछे जेया कर बेड पर लेट गया, और वो सोने लगी.

मैं: वैसे तुमने कितनी बार किया है?

कज़िन: इसके साथ 6-7 बार.

मैं: इसके साथ मतलब?

कज़िन: इससे पहले भी एक लड़के साथ किया था.

मैं: अछा ज़्यादा मज़ा किसके साथ आया? इस वाले के साथ या पहले वाले? मैने इसके साथ किया होगा 20-25 बार, और इससे पहले इसकी फ्रेंड थी 4-5 बार उसके साथ.

कज़िन: बड़े तेज़ होते है लड़के.

मैं: अगर तुम्हे परेशानी हो रही है, तो मैं दूसरे रूम में सो जौंगा.

कज़िन: मुझे कोई इश्यू नही है. मैं कंफर्टबल सो रही हू.

मैं: फिर ठीक है.

अचानक मुझे ऐसा फील हुआ की वो अपनी छूट रग़ाद रही थी, बुत में कन्फर्म नही था. तो मैने धीरे से हाथ उसके हाथ के साथ बढ़ते हुए आयेज रखा. जब मेरा हाथ पहुँचा तो वो अपने चरमसुख पर थी, और उसने मेरा हाथ पकड़ कर छूट पर लगा दिया, और आह आ करती हुई झाड़ गयी. उसका माल मेरी फिंगर्स पर भी लग गया था, और वो बिल्कुल शांत हो गयी थी.

मैं: ची यार! तुमने ये क्या किया?

कज़िन (डरते हुए): सॉरी भाई, सॉरी. वो बातें करके मूड बन गया था.

मैं: अब हॅंड वॉश करना पड़ेगा.

कज़िन: नही रूको (ये कहते उसने चाट कर मेरी फिंगर्स सॉफ कर दी, और में देखता रह गया).

मैं: जाओ वॉशरूम में क्लीन कर लो खुद को.

कज़िन: क्लियर क्या करना इसमे? सुबा जब नाहोँगी तो हो जाएगा क्लीन.

मैं: तुम्हे इरिटेशन नही होगी?

कज़िन: नही, अब छूट सूखी नही है, तो मज़ा आएगा सोने में भी.

मैं ( पता नही कैसे मेरे में हिम्मत आई): अब मेरा भी मॅन है हिलने का.

कज़िन: हा तो कर लो आप भी.

मैं: हा मैं करके आया.

कज़िन: यार मैने भी यहीं करा ना. कर लो तुम भी. मैं किसी को नही बता रही.

मैं: ठीक है.

मुझे बहुत देर हो गयी करते-करते, लेकिन में डिसचार्ज नही हो पा रहा था, और वो मेरी वजह से सो नही पा रही थी. तो वो अचानक मेरी तरफ हुई और बोली-

कज़िन: रूको मैं करती हू.

जैसे ही उसने लंड हाथ में लिया, मुझे तो जन्नत का मज़ा आ गया.

कज़िन: नाइस ब्रो, मोटा है तेरा तो, लंबा भी. तेरी बंदी खुश हो जाती होगी.

मैं: कर ऐसे ही, वाह क्या फील है.

अब वो बॉल्स को एक हाथ से रब करने लगी, और एक हाथ से लंड हिलने लगी.

मैं: यार क्या हिलती है बीसी तू.

कज़िन: देखो अभी आप और भी.

ये कहते उसने मूह में लिया, और मैं तो जैसे मॅर ही गया.

मैं: ह ऑश एस यार सक इट.

थोड़ी देर चूसने के बाद उसने मुझे स्मूच किया, आंड मेरे उपर आ गयी. फिर उसने टॉप उतरा, और रिघ्त बूब मेरे मूह में दे दिया.

कज़िन: चूस यार आह, एस चूस. वो सला तो आया नही, तू ही आज मुझे घोड़ी बना लिओ. आह आह एस.

मैं: तुझे आज ऐसे छोड़ूँगा की तुझे याद रहेगा की किसका लंड लिया था.

कज़िन: मैं तो रेडी हू, बस तू शुरू कर चुदाई.

इसके बाद मैने उसके कपड़े खोले, और उसने मेरे. मैने उसकी टाँगें खोली और छूट पर जीभ लगाई.

कज़िन: आह फक चूस, चूस उईईईईई.

मैं: वॉट आ पुसी यार, नाइस.

कज़िन: आह आह एम्म्म उम्म्म्म उम्म्म्म उम्म्म्म एमेम ह्म्‍म्म्ममम.

इसके बाद वो झाड़ गयी और सारा रस्स मैं पी गया. इसके बाद मैने लंड पर थूक लगाया, और उसकी छूट पर रखा, और एक झटका मारा.

कज़िन: आह ऑश ऑश ऑश स्लोली-स्लोली.

मैं: हा, हा, डॉन’त वरी.

कज़िन: एस पुश इट.

मैं: ले.

कज़िन: ह एस बेब, एस बेब, ह ऑश फक मे, फक मे.

मैं: क्या टाइट है यार,नाभि भी ऑम्ग ह.

कज़िन: आहह यार बस कर अब ह ह.

मैं: रुक जौ, पागल है? अभी तो मज़ा आने लगा है.

कज़िन: आह एस, मज़ा आ रहा है मेरे को भी.

मैं: ऑश एस क्या छूट है साली.

कज़िन: तो सेयेल छोड़ ना बहनचोड़, किसने रोका है? छोड़ आज मुझे.

मैं: हा आज के लिए रंडी है तू मेरी.

कज़िन: अब से तेरी ही रॅंड हू मैं. छोड़ आह इतना छोड़ ह ऑश की उसे आहह भूल जौ अहह.

मैं: भूल जाएगी आह. क्या माल है तू. कसम से डेली छोड़ने जैसा.

कज़िन: आह बात ना कर, छोड़ सेयेल, ज़ोर लगा कर छोड़.

इसके बाद मैने उसको घुमाया, और गांद पर मारे 20-25 छानते, जिससे वो और गरम हो गयी.

मैं: तैयार है ना तेरी गांद?

कज़िन: तू लंड डाल, तैयार खुद बा खुद हो जाएगी.

मैं: ले बहनचोड़ फिर.

कज़िन: ह बहनचोड़, मदारचोड़ वाह क्या मज़ा है ह एस अहह ऑश.

मैं: कुटिया क्या गांद है तेरी. आह ऑम्ग जलन कर दी लंड पर इतनी टाइट.

कज़िन: तू खुली कर दे छोड़-छोड़ कर.

मैं: हा ले कुटिया.

कज़िन: ह ष्ह अहह उईईइ उई.

मैं: बहनचोड़ क्या मज़ा आ रहा है.

इसके बाद वो कूदने लगी. क्या मज़ा आ रहा था. कूदते हुए उसके बूब्स हिल रहे थे, और वो उनको होल्ड करके कूद रही थी.

कज़िन: आहह यार ह ऑश एस एस एस छोड़ आह.

मैं: ह होने वाला है ह.

कज़िन: अंदर ही झड़ना.

मैं: ह ये ले आह श.

कज़िन: मैं भी आह आह गयी आह गयी…

मैं: अहह हो गया, ह हो गया.

हम दोनो एक साथ झाड़ गये. इसके बाद वो मेरे उपर ही सो गयी वो भी नंगी. अब उसने न्यू ब्फ बना लिया, बुत टाइम लगते ही हम मिलते है और सेक्स करते है.

तो ये थी गाइस मेरी और कज़िन की रियल सेक्स स्टोरी. जिस भी लेडी को सेक्स छत या डर्टी टॉक करनी हो, मेरे को मैल करे. या गूगले छत पर मेसेज करे.
मैल ईद: कामदेवबबा996@गमाल.कॉम.
अगर कोई ग़लती हुई हो, तो मुझे माफ़ करे.
थॅंक्स
कामदेवबबा.

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