60 साल का लंड 18 साल की चूत

जवानी का नशा कुछ अजीब होता हैं और इसके नशे में हर कोई छोटी या बड़ी गलती कर जाएं इसमें कोई दो राय नहीं हैं. यह ही उम्र होती हैं 18 के करीब जब शरीर में बहुत सारे बदलाव आते हैं और दिल करता हैं के चूत के अंदर डंडा यानी की लंड ले लिया जाएं. मैं भी इस अवस्था से गुजर चुकी हूँ और इसी बात को आज पहली बार हम दोनों के अलावा तीसरे व्यक्ति के समक्ष रख रही हूँ, मेरा नाम दीपा हैं और मैं नवी मुंबई में रहती हूँ. मेरी उम्र अभी 24 हैं और यह बात तब की हैं जब मैं 18 का पड़ाव पार कर गई थी. रहीम चाचा मेरे डेड के ड्राइवर थे और उनकी उम्र उस वक्त 60 से कम तो नहीं थी.

एक अच्छे इन्सान को भी लंड और चूत का नशा बुरा बनाता हैं
रहीम चाचा पिछले 6 साल से हमारे वहाँ ड्राइवर थे और वोह मुझे हमेशा ही प्यार से बुलाते थे. वोह बड़े हसमुख और नेकदिल थे. मैं भी उनके प्रत्ये कभी कोई बुरा ख्याल नहीं रखती थी. मुझे भी सपनो में घोड़े पर आते और अपने साथ बिठा के ले जाते राजकुमार दीखते थे. लेकिन मेरा भ्रम कोलेज में आते ही टूट गया, यह सपने सिर्फ वोह लडकियां देख सकती थी जिनका रंग गोरा या बिच का था. मेरी जैसे काली के लिए तो कोई राजकुमार, कोई घोडा और कोई लौड़ा जैसे की था ही नहीं. मैंने कई बार देखा की लड़के भी मुझ से बात करते कतराते थे और कई लडको को तो मैंने एक दुसरे की मजाक करते भी सुना था की दीपा तेरी गर्लफ्रेंड….मेरा काला रंग मेरा दुश्मन बना था और मेरी चूत 18 की होते ही अब पुरुष सहवास की झंखना करने लगी थी. आखिर मैं क्या करती, मेरे बॉयफ्रेंड बना के चूत में लंड लेने के सपने टूट चुके थे और मैं अंदर से उदास हो गई थी.


रहीम चाचा को ड्राइविंग सिखने के लिए कहा, उनसे नजदीकी बढाने के लिए
मुझे अब लंड लेने के लिए कोई और रास्ता देखना था. मैं अक्सर रात को पोर्न मूवी और क्लिप्स देखती थी और उस रात जब मैंने एक ड्राइवर और उसकी मालिकिन की पोर्न क्लिप देखी तो मेरे दिमाग में भी रहीम चाचा के लिए पहली बार यह ख्याल आया. उनकी बीवी को मरे हुए भी कुछ अरसा हो चूका था और मुझे यकीन था की अगर उन्हें थोडा उत्तेजित किया जाएं तो वह लंड दे देंगे. मैं कुछ दिनों तक सोचती रही और फिर एक दिन मैंने अपने डेड से कहा की मुझे कार चलानी सीखनी हैं. डेड ने कहा ठीक हैं क्लास ज्वाइन कर लो. मैंने कहा क्लास वाले खाक सिखाएँगे. आप रहीम चाचा को कहिएं ना की वो मुझे सिखा दें. डेड ने उसी वक्त रहीम चाचा को बुलाया और उन्हें कहा की वो मुझे गाडी सिखाएं. मेरी चूत लंड से थोडा और आती दिख रही थी मुझे. रहीम चाचा ने मुझे शाम को क्रिकेट ग्राउंड वाले सुनसान रस्ते पर ले जाने के लिए कहा, और मैं बस शाम का इन्तेजार करने लगी.

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गियर पकड़ो, लंड क्यों पकड़ लिया हैं
शाम के 5:30 बजे हम लोग कार ले के निकले, वैसे मैंने पहले गाडी पर हाथ अजमाया था और इस बात का मेरे डेड और रहीम चाचा को बिलकुल पता नहीं था. मुझे गाडी थोड़ी बहुत चलाना आती थी मगर में फिर भी नाटक करती रही. रहीम चाचा ने गाडी को ग्राउंड के बहार वाले रस्ते के सामने रोकी, यहाँ बहुत कम ट्राफिक और राहदारी होते थे इसलिए यह रास्ता गाडी सिखने के लिए बिलकुल सही था. चाचा ने मुझे गियर, कल्च, ब्रेक वगेरह बताये और वोह बोले में तुम्हारे एकदम पास बेठता हूँ और तुम्हे लगे की कोई दिक्कत हैं तो बस ब्रेक ही दबाना हैं. मैंने गाडी स्टार्ट की और उसे क्लच दबाते हुए गियर में ली. मैंने थोड़ी आगे बढाई, रहीम चाचा अगली दोनों सिट के बिच खड़े थे और उनका लंड गियर के डंडे के बिलकुल उपर था. मैंने थोड़ी गाडी चलाई और फिर यकायक मैंने गियर की जगह उनका लौड़ा हाथ में ले लिया. रहीम चाचा सन्न रह गए और बोल नहीं पाए. वोह एकदम भड़क के मेरे सामने देखने लगे. मैंने लौड़े को दबाया और ब्रेक लगाई. गाडी मैंने बंध की और चाचा का लंड सहलाने लगी. रहीम चाचा ने झटके से अपना लौड़ा मेरे हाथ से छुड़ाया और वोह दूर हटें.

देखो सीधे से चुदाई कर दो, वरना जबरदस्ती का इल्जाम दे दूंगी
रहीम चाचा कुछ बोले उसके पहले मैंने कहा, चाचा मुझे तुमसे चुदवाना हैं. हाँ मैं काली हूँ लेकिन आपको सुख देने की पूरी कोशिश करुँगी. आप अनुभवी हैं और मुझे अच्छी तरह चोदेंगे. देखिये अगर आप ने मन किया तो मैं आप के उपर जबरदस्ती करने का इल्जाम दे दूंगी. और इस स्थिति में आप का क्या हाल होंगा इससे आप अच्छी तरह परिचित हैं. रहीम चाचा बोला, नहीं दीपा ऐसे मत करो. तुम जवान हो इसलिए नशा चढ़ा हुआ हैं. मेरे पर ये जुल्म मत करो. मैं पकड़ा गया तो बहुत बदनामी होंगी और तुम्हारे डेड मेरी बहुत इज्जत करते हैं. मैंने कहा देख लीजिए, इज्जत तो आपकी आज शाम को ही लुट जाएंगी. रहीम चाचा बेचारा दोनों तरफ से फंस गया था. मैंने उसे कार अपने घर की तरफ ले चलने को कहा. घर जाके मैं गाडी से उतरी और रहीम चाचा भी उतर गए, उन्होंने जेब से चाबी निकाल के घर खोला, रहीम चाचा बीवी के मरने के बाद अकेले ही रहते थे. खाना वो हमारे घर ही खाते थे. इनका घर एक रूम का ही था. मैंने अंदर जाते ही दरवाजा बंध किया और रहीम चाचा का लंड और एक बार हाथ में ले लिया. रहीम चाचा अभी भी कतरा रहे थे लेकिन मैं इस बूढ़े का लौड़ा लेने का मजबूत इरादा कर चुकी थी, मुझे भी जानना था की चुदाई होती क्या हैं.

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