वासना या प्यार

फिर वह शांत हो गई और मैंने धीरे धीरे से धक्का देना शुरू किया. 10 मिनट आराम से चोदने के बाद वह झड़ने लगी तो उसने मुझे कसकर पकड़ लिया और उम्म्ह… अहह… हय… याह… करती हुई झड़ गई!

अब मैंने भी जोर जोर से धक्के मारना शुरू कर दिए और हम दोनों इकट्ठे शांत हो गए.

वह इस सेक्स से बहुत खुश हुई, उसने मुझे गले से लगा लिया और कहा- कुमार, आपने मुझे दुनिया की सबसे बड़ी खुशी दी है! मुझे आपसे प्यार हो गया! मैं आपके बिना नहीं रह पाऊंगी!

ऐसे ही कई हफ्ते बीत गए मैं और पुष्पा मौका देखकर चौका मार लिया करते थे. लेकिन काम की वजह से मैं उसको ज्यादा से ज्यादा समय नहीं दे पा रहा था जिसकी वजह से वह कभी-कभी मुझसे नाराज हो जाती थी.

एक दिन मेरी मां अचानक बीमार हो गई और उन्हें हॉस्पिटल एडमिट करवाना पड़ा. इसी बीच मैं पूरा दिन हॉस्पिटल में मां के साथ बिताता और शाम को पुष्पा के पास चला जाता. मैं उसे बड़े प्यार के साथ बांहों में लेता वहाँ हम खूब मजे करते!

हॉस्पिटल में पूरा दिन मैं बोर हो जाता परंतु मेरे मां के बेड के साथ वाले बेड पर एक भाभी भी एडमिट थी जो अभी 33 साल की थी, देखने में गोल मटोल हॉट लगती थी. मेरा दिल करता था कि मैं उसको वहीं चोद दूं सबके सामने!
भाभी के साथ भी मैंने खूब मजे किए हैं जो मैं आपको अगली कहानी में बताऊंगा!

और 1 दिन पुष्पा बीमार हो गई, उसे बुखार आ गया था. मैं उसके घर देखने गया. मैं उसके पास लेट गया. वह बहुत ठंड महसूस कर रही थी मैं जाकर के उसके कम्बल में घुस गया और उसको किस करने लगा. किस करते करते वो कब गर्म होने लगी पता ही ना चला. मैंने उसकी सलवार नीचे कर दी और अपना लंड उसकी गांड पर रगड़ने लगा. वो भी मेरे साथ सहयोग करने लगी.

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मैंने उसकी टांग उठाई और पीछे से डाल दिया और धीरे-धीरे धक्के देने लगा. वह बहुत गर्म होने लगी!

दोस्तो, यह कहानी जब मैं लिख रहा हूं तो आपको बताना चाहूंगा कि मैं अपना लंड हाथ में लेकर उसको दबा रहा हूं और मुझे अहसास हो रहा है कि जैसे बीते हुए लम्हों को मैं फिर से जी रहा हूं. कहानी की ओर बढ़ते हैं.

पुष्पा इतनी गर्म हो चुकी थी कि उसको 10 मिनट प्यार प्यार से धक्के देने के बाद में झड़ गया. और उसको तब बुखार से थोड़ा आराम मिला. थोड़ी देर बाद जब हम एक दूसरे से अलग हो गए.
मैंने उसे कहा- आज मैं आपके साथ ही रहूंगा रात को!

शाम को मैं बाजार से खाना ले आया. हमने खाना खाया और मैं पुष्पा के साथ बिस्तर में घुस गया. उसका बुखार अब तक ठीक हो चुका था. मैंने पुष्पा के सारे कपड़े उतार दिये, फिर पुष्पा को अपने ऊपर लेटा लिया और उसके दूध को जोर जोर से मसल मसल कर पीने लगा!

वह बहुत गर्म हो रही थी और यह रात मेरी ऐसी पहली रात थी कि मैं किसी औरत के साथ पूरी रात रहने वाला था. इसे मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा.

फिर मैंने नंगी भाभी पुष्पा को बिस्तर पर लिटाया और उसकी चूत पर मैंने अपनी जीभ लगाई और चाटने लगा. वो पानी पानी होने लगी. उसकी सिसकारियाँ निकल रही थी.
Nangi Bhabhi
Nangi Bhabhi

वो मुझे ऊपर खींचने लगी तो मैंने उसे अपने शरीर से ढक लिया. अब मेरा लंड उसकी चूत के ऊपर था. उसने अपने हाथ से मेरे लंड को अपनी चूत के छेद पर रखा और मैंने अपना लोड़ा उसकी चूत में एक झटके से अंदर कर दिया और प्यार प्यार से धक्का मारने लगा.
पर मुझे आज धक्का देने में मजा नहीं आ रहा था तो मैं बिस्तर पर लेट गया और मैंने उसे कहा कि वह मेरे ऊपर आ जाए.
वो ऊपर आने को मान गई और मेरे खड़े लोड़े पर बैठने लगी. मेरा लंड उसकी चूत में घुस गया. वो उछलने लगी और मजे के कारण उसके मुंह से सीसी की आवाज निकलने लगी.

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मैंने भी उसको कस के पकड़ और नीचे से अंधाधुंध जोर जोर से चोदा. 15 मिनट की चुदाई के बाद वो थक गई परंतु मेरा अभी निकला नहीं था.
तो मैंने उसको फिर बिस्तर पर लेटाया और उसके ऊपर आकर उसे चोदने लगा. इसी बीच में एक बार झड़ चुकी थी.

पर मेरा लंड अभी कहाँ मान रहा था, मैं लगातार उसकी चूत चुदाई में लगा रहा. जब वह ज्यादा थक गई तो वो अपने हाथ जोड़ने लगी और कहने लगी- अब और मत चोदो. मैं थक गई हूं. अपना लंड बाहर निकाल लो.
मैं भी अब थक चुका था और अब उसको और तंग नहीं करना चाहता था. लेकिन मैं झाड़ना चाहता था तो मैंने उसको कहा- बस दो मिनट और सह लो.

अब जोर जोर के कुछ झटके मारने के बाद मैंने पूरा माल उसकी चूत में भर दिया और उसने मुझे बहुत चूमा.
जब मैं उसके ऊपर से हटा तो उसने मेरे लोड़े को भी चाट कर साफ किया और कहा- कुमार आज मुझे लगा है कि किसी मर्द ने मुझे छुआ है आज मैं अपने आप को शांत महसूस कर रही हूं.

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