अविवाहिता लड़की से दोस्ती और चुदाई

मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता हूं। एक अधिकारी के माध्यम से मेरी पहचान बैंक की असिस्टेंट मैनेजर से हुई. वो अविवाहित थी. हम दोनों की दोस्ती हुई और बात चुदाई तक पहुँच गयी.

दोस्तो, मेरा नाम विदित शर्मा है अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है। पिछले कई वर्षों से मैं अन्तर्वासना पर सेक्स कहानियां पढ़ रहा हूं लेकिन कभी कहानी लिखने का मौका नहीं मिला।
आज मैं आपसे कुछ महीनों पहले अपने साथ हुई एक हसीन घटना शेयर करूँगा।

पहले मैं आपको अपने बारे में बताता हूं. मैं एक सामाजिक संगठन का सदस्य हूँ और हिमाचल के मंडी जिले में रहता हूँ। मेरी उम्र 28 साल है। बॉडी फिट है और लंड का साइज़ भी काफी मोटा है।
यह कहानी मेरी और कँगना की है. कँगना बैंक में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत है। हालांकि कँगना उम्र में मुझसे बड़ी है वो लगभग 32 वर्षीय एक अविवाहित लड़की है और एक सोसाइटी में फ्लैट लेकर अकेली रहती है।

कँगना दिखने में काफ़ी सुंदर है। उसका फ़िगर 34-30-36 का होगा। रंग गोरा है और आंखें गहरी और नीली हैं।

कँगना से मेरी पहचान एक मेरे परिचित पुलिस अधिकारी के माध्यम से हुई। क्योंकि मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता हूं और कई अधिकारियों के साथ मेरे अच्छे संबंध हैं।
उस पुलिस अधिकारी ने एक दिन बातों बातों में मुझसे कहा- मेरी एक दूर की रिश्तेदार कँगना यहां बैंक में कार्यरत है. और उसके घर वालों ने उसकी शादी के लिए लड़का ढूंढने की जिम्मेदारी मुझे दी है।

उन्होंने मुझसे कहा- अगर तुम्हारी नजर में कोई लड़का हो तो तुम जरूर बताना. और तुम एक बार कँगना से बात कर लो.
और उन्होंने मुझे कँगना का नंबर व्हाट्सएप पर सेंड कर दिया।

उस समय मैंने बात को इतनी गंभीरता से नहीं लिया. लेकिन कुछ दिनों बाद उनके फिर से जिक्र करने पर मैंने कँगना को कॉल किया।

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फोन पर कँगना की आवाज़ में एक मुझे एक मस्ती सुनाई दी।
मैंने उसे बताया कि आपके रिलेटिव पुलिस अधिकारी ने मुझे आपका नंबर दिया है।

वो बहुत फ्रैंकली मुझसे बात कर रही थी। उस समय हम दोनों में थोड़ी बात हुई और बाद में बात करना तय हुआ।

दो दिन बाद उसका फोन आया और उसने काफी देर तक मुझसे बात की.
इस दौरान मैंने उससे पूछा- शादी के लिए तुम्हें किस तरह का लड़का चाहिए?
तो उसने मुझे अपनी पसंद बताई।

बातों बातों में कँगना ने कहा- कभी समय मिले तो मुझसे मिलने आना।
मैंने पूछा- कहाँ पर?
तो उसने कहा- बैंक में भी आ सकते हो और घर पर भी।
मैंने कहा- ठीक है।

लगभग दो सप्ताह बाद मैंने कँगना को वाट्सएप पर मैसेज किया कि मुझे बैंक का कुछ काम है और आपसे मिलना है।
तो उसने कहा कि परसों रविवार को मैं घर पर आ जाऊँ और उसने मुझे अपना एड्रेस सेंड कर दिया।

उस समय तक मैं नहीं जानता था कि कँगना फ्लैट में अकेली रहती है।

रविवार को मैं कँगना के घर पहुंचा। कँगना ने दरवाज़ा खोला और मेरा स्वागत किया।
थोड़ी देर बैठने के बाद मैंने पूछा- घर में और कोई नहीं है?
तो कँगना ने बताया- नहीं, यहां मैं अकेली ही रहती हूँ और छुट्टियों में अपने घर जाती हूँ।

तब मुझे लगा कि कँगना काफी खुले विचारों की और फ्रेंक लड़की है। तभी तो एक अंजान को घर पर बुला लिया।

हम दोनों में उस दिन बहुत सारी बातें और हंसी मज़ाक हुआ।

उस दिन के बाद कँगना से मेरी मैसेज और फोन से आये दिन बातें होने लगी। मेरे मन में हर वक्त कँगना का ख्याल रहने लगा और उसका भी शायद यही हाल था।

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पता ही नहीं चला कि मैं कब कँगना के प्रति सेक्सुअली आकर्षित हो गया। अब मैं हर वक्त कँगना को चोदने के बारे में सोचता रहता था लेकिन अपनी तरफ से कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता था।

एक दिन कँगना का फ़ोन आया और हमारी सामान्य बातचीत हुई बातों ही बातों में उसने मुझे मिलने के लिए बुलाया।

इस बार मैं कँगना से मिलने के लिए उत्साहित था। मैं चाहता था कि बात किसी भी तरह से आगे बढ़े।

कँगना ने उस दिन हरे रंग का टाइट शर्ट और लेगी पहनी हुई थी। इन कपड़ों में उसके सभी अंगों का उभार और आकार साफ देखा जा सकता था। उसका सेक्सी फ़िगर देखकर मेरी साँसें तेज़ हो गई।
उस दिन कँगना के चेहरे पर एक खास चमक थी।

हमने चाय नाश्ता किया और बातें करने लगे।

मैंने देखा कि कँगना मुझसे बात करने वक्त अपनी आंखें नहीं मिला रही थी। तो मैंने पूछा- आंखें क्यों नहीं मिला रही हो?
तो वो और ज्यादा शर्मा गई और नीचे की तरफ देखने लगी।
मैं समझ गया कि बेचैनी उसके मन में भी है।

मैंने उससे दोबारा जोर देकर पूछा तो उसने शर्माते हुए कहा- पता नहीं क्यों तुमसे नजरें नहीं मिला पाती हूं। तुम जब मेरी तरफ देखते हो तो कुछ कुछ होता है।
मैंने पूछा- क्या होता है?
तो वह चुप हो गई और दूसरी तरफ देखने लगी।

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