सुहागरात पर जम कर चूदी पर चूत का सत्यानाश करवा लिया

मुझे इसमें बहुत मजा आने लगा था। पर तभी उन्होंने मुझे पीछे किया और एक ही झटके में मेरी साडी, पेटीकोट और पेंटी मेरे बदन से अलग कर दी और मेरी टांगो को खोल के मेरी चूत के दर्शन करने लगे।

मुझे बहोत ही शर्म आ रही थी पर तभी उन्होंने अपनी एक ऊँगली को मेरी चूत में घुसा दी और मैं तो जैसे तिलमिला उठी। तभी उन्होंने मेरी चूत चाटना शरु कर दिया और मेरा मजा चार गुना हो गया।

देखते ही देखते वो मजे लेकर मेरी चूत चाटने लगे और उनका मजा मेरे मजे से डबल हो गया था। मैं बेड पर मस्ती से सिसक रही थी और चद्दर को नोंच रही थी और वो मेरी चूत के छेद से बहता हुआ पानी लगातार चाट रहे थे।

मैं मस्ती में आह आह बड़ा मजा आ रहा हे, आह आः ओह ओह ऐसे आवाज निकाल रही थी। और मैं साथ ही में उन्हें चूत को अन्दर तक चाटने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही थी। सुनील को चूत चाटने का सही ढंग पता था।

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अब वो थोडा पीछे हटे और अपनी बाहों में किसी गुडिया की तरह मुझे उठा लिया। मैंने भी अपनी दोनों टांगो को उनके बदन की चारोतरफ लोक कर दिया। उन्होंने मुझे निचे बेड पर डाला और मेरे ऊपर आ गए। उनके वो टेढ़े लंड का सुपाड़ा मेरी चूत के ढक्कन के एकदम सामने था और उसे टच हो रहा था।

इस से पहले की मैं कुक करती उन्होने निचे से एक धक्का लगाया और फ्क्कक्क्क से उनका आधा लंड मरी कशिश प्यारी चूत के अन्दर दरवाजे को तोड़ता हुआ घुस आया। मैं तो तिलमिला उठी – आह्ह्ह्ह हाई भग्वान्न्न्नन्न्न्न अआः मेरी माया सुनील आःह्ह्ह मर गई बाप रे, कितना दर्द हूऊऊओ रह्ह्ह्हह्ह हे, प्लीज़ निकल्लल्ल्ल्ल लो इसे।

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सुनील बोले, मेरी रानी ये दर्द तो थोड़ी देर का हे तेरी सिल टूटी हे इसलिए और अब तुझे असली मजा आएगा मेरी जान।

मुझे इतना दर्द हो रहा था की मैंने सुनील की गोद से उतरने की कोशिश की और मैं उछल पड़ी। पर मेरी नाकामी मुझे बहोत महंगी पड़ी। मेरी पकड़ ढीली हो गई और मैं फिर से सुनील की गोदी में ही गिर पड़ी अब उनका पूरा लंड मेरी चूत में घुस चूका था। अं तो जैसे बेहोश ही हो गई।

अगले ही पल सुनील ने मुझे बेड पर लिटाया और मेरी एक टांग अपने कंधे पर रख कर लंड एकदम टोपे तक बहार निकाला और एक जोरदार धक्के के साथ अन्दर घुसा दिया। मेरी तो मानो चूत फट ही गई इस धक्के से। मैं दर्द से तिलमिला उठी आह्ह्ह्ह मर गेई बाप रीईईईईई अह्ह्ह्हह्ह ऊऊऊउ ईईईईइ, प्लीज़ धीरे से सुनील आआआअ दर्द हो रहा हे।

पर सुनील एक बेदर्द की तरह मेरी चूत धनाधन बजने लगे और फच फच फच की साउंड के साथ चुदाई करते गए। मेरी चीेखे जैसे कमरे की दीवारों इ समा रही थी।

मेरा दर्द भी ज्यादा देर तक नहीं टिका और सुनील के दर्द भरे धक्के कब मुझे मजा देने लगे पता ही नहीं चला। और अब मैं उन्हें पूरा सपोर्ट कर रही थी और जोर जोर से चुदवाने के लिए अपनी गांड को हिला रही थी। अब मैं उनका पूरा लंड चूत में घुस्वाना चाहती थी।

मुझे सपोर्ट करते हुए देख के सुनील का जोश भी डबल हो गया और वो पूरी तेजी से मेरी चूत बजाने लगे और चुदाई की आवाजें कमरे में एक मजेदार माहोल बनाने लगी।

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मैं सिसक सिसक कर अपनी चूत मरवा रही थी और सुनील का लंड कभी अन्दर तो कभी बहार हो रहा था। ये मजा मुझे आज से पहले कभी नहीं मिला था इस से पहले मेरे दो बॉयफ्रेंड रह चुके थे पर ये ऐसा मुझे किसी ने नहीं चोदा था।

तभी मेरी चूत में पानी बहना शरु हो गया और सुनील सिसकियाँ लेते हुए मेरी चूत में ही झड़ गए। उनके लंड से निकल रही गरम गरम कामरस की पिचकारियाँ मुझे साफ़ महसूस हो रही थी।

सुनील ने मेरे अन्दर अपना बिज गिरा दिया और उसके बाद भी वो अगले मिनिट तक मुझे चोदते गए। और बाद में जब वो मेरे ऊपर से हेट तो मेरी चूत खून से सनी हुई थी। मैं वर्जिन तो नहीं थी पर फिर भी सुनील के मुसल लंड ने मेरी चूत का बाजा बजा दिया था।

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