सिमरन, बड़े भाई की हॉट गर्लफ्रेंड

नमस्ते मेरे प्यारे सभी दोस्तो, मैं रमण आज अपनी पहली हिन्दी कहानी मे आपका स्वागत करता हूँ. मेरा नाम रमण, और मैं करनाल से हूँ. अब आपको ये बताने की ज़रूरत न्ही है, की हम हरयाणा के लड़के देखने मे कैसे और दिमाग़ से कैसे होते है.

ये कहानी मेरे जीवन के पहले सेक्स की है. उपर वाले की कृपा से आज भी 2 महीने उसे ही चोद कर आता हूँ. ये सब कैसे हुआ, और कहाँ शुरू हुआ ये कहानी मे बताता हू. मेरा लंड मस्त है.

अब मैं कहानी पर आता हूँ. ये बात तब की है, जब मैं 10त क्लास मे था. मेरे घर मे मैं और मेरा बड़ा भाई और मम्मी पापा रहते थे. मम्मी पापा दोनो जॉब करते थे. इसलिए वो दोनो शाम को एक साथ ही घर आते थे.

मेरा बड़ा भाई 12वी क्लास मे था. हम दोनो एक ही स्कूल मे पढ़ते थे. हम दोनो की गर्मियो की छुट्टी पड़ी हुई थी. इसलिए हम दोनो घर पर ही अकेले मस्ती करते थे.

हमारे घर के पास एक लड़की रहती थी, वो सर्दारन थी. उसका नाम सिमरन था, वो भी हमारे स्कूल मे ही पढ़ती थी और भाई की क्लास मे थी. मैं अब घर पर ही रहता था.

एक दिन की बात है, मैने नोटीस किया. की दोपहर को 2 बजे सिमरन रोज मेरे घर पर आती है. वो ये कह कर आती थी, की वो मेरे भाई से कुछ मेथ्स की प्राब्लम पूछने आई है.

मेरा बड़ा भाई भी, मुझे चूतिया बना कर उसे अपने रूम मे बंद करके उससे स्टडी करवाता था. मैं ये सोचता था, की ये दोनो डिस्टर्ब ना हो इसलिए डोर को अंदर से लॉक कर देते थे.

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पर मुझे क्या पता था, की मेरा बड़ा भाई मेरी आँखो के सामने ही मुझे चूतिया बना रहा है. ये सब कुछ थोड़े दिन ही चला, एक दिन जब सिमरन भाई के रूम से बाहर आ रही थी. तो वो बाहर आते हुए अपने कपड़े ठीक कर रही थी.

ये देखते ही मेरा दिमाग़ हिल गया, उस टाइम तो मैं कुछ बोला न्ही. अगले दिन फिर से ये ही सब हुआ. सिमरन घर आई और भाई ने उसे अपने रूम मे ले कर डोर अंदर से बंद कर लिया.

पर आज मैं अपनी पूरी तयारि से था, मैने आज भाई के रूम की विंडो मे से अंदर देखना शुरू कर दिया. अंदर का नज़ारा देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया. भाई ने अंदर आते ही, सिमरन को अपनी बाहों मे भर लिया और उसे ज़ोर ज़ोर से चूमने लग गये.

वो दोनो पूरे नंगे हो कर सेक्स कर रहे थे, ये देख कर मेरा मन भी सिमरन को चोदने का होने लग गया. करीब 20 मिनिट बाद वो दोनो थक कर एक दूसरे के उपर लेट गये. फिर मैं जल्दी से वाहा से हट गया और अपने काम मे लग गया.

अब मैने फ़ैसला कर लिया था, की अब मैं भी सिमरन की चूत के मज़े लूँगा. इसलिए मैं शाम को अपने भाई के साथ उपर छत पर गया, और उन्हे बातो ही बातो मे कहा

मैं – भाई जो आप और सिमरन डेली करते हो रूम मे वो सब मैने देख लिया है.

ये सुनते ही भाई एक दम सुन्न हो गया, वो ज़रा सा भी न्ही हीले कुछ मिनिट. फिर थोड़ी देर बाद वो बोले.

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भाई – प्लीज़ छोटे भाई, ये बात किसी को भी मत बताना प्लीज़.

मैं – मुझे क्या मिलेगा ?

भाई – बोल तुझे क्या चाहिए ?

मैं – सिमरन.

भाई – क्या सिमरन ?

मैं – मतलब की मुझे भी उसके साथ वो ही करना है, जो तुम करते हो डेली.

भाई – ठीक है, जब वो कल आएगी तो मैं एक बार उससे बात करता हूँ.

मैं – ठीक है, तो कल मिलते है.

मैं उस रात चैन से सो न्ही पाया. अगले दिन सेम टाइम सिमरन घर आई, मैं उसके आने का बेसब्री से वेट कर रहा था. उसके आते ही भाई उसे अपने रूम मे ले गया. मैं भाग कर विंडो मे से अंदर देखने लग गया.

आज भाई उसे आते ही बेड पर ले गया, और उसे बेड पर बिठा कर कुछ बात करने लग गया. कुछ देर बात करने के बाद भाई उठ गये और बाहर आने लग गये. ये देख कर मैं भाग कर सोफे पर आकर बैठ गया. भाई मेरे पास आए और बोले.

भाई – जा छोटे मैने तेरी बात कर ली है. तू भी लाइफ के मज़े ले.

ये सुन कर मैं खुशी से उछल पड़ा और भाग कर भाई के रूम मे चला गया. पर सिमरन के सामने आते ही मेरी हवा टाइट हो गई. मैं बिना डोर बंद किए ऐसे ही खड़ा हो गया.

सिमरन – अब क्या सोच रहे हो, डोर बंद करो और मेरे पास आ कर बैठो.

मैने डोर बंद किया और उसके पास जा कर बैठ गया. सिमरन मुझे देख रही थी. ये सब कुछ मेरे साथ पहली बार हो रहा था, इसलिए मेरी फट पड़ी थी.

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