शर्मीली भाभी मेघना की सुहागरात

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम रोहन है मेरी उम्र 22 साल रंग गेहुआ हाइट 6फीट और जिम जाने का शोक है. मैं रायपुर छत्तीसगढ़ का निवासी हु ये मेरी पहली और सच्ची कहानी है.

चलिए दोस्तों अब कहानी के बारे में बताता हु ये कहानी एक रोमांचक सेक्स की कहानी है उम्मीद करता हु आपको अच्छी लगेगी. मै एक इंजीनियरिंग का छात्र हु और अपनी बी.टेक ग्वालियर में रेह के कर रहा था और अब अपनी डिग्री खत्म कर के घर लौटा हु.

मैं सेक्स के लिए खूब तड़पता था बहोत मूठ भी मारता था पर कभी नसीब नही हुआ. मैंने कभी सोचा नही था की मेरी प्यास कुछ अलग ही तरीके से भुझने वाली है.

मई का महीना था शादियों का सीजन भी था और किस्मत से मेरे घर के बगल में भी शादी थी. पडोसी से हमारे घर के बहूत अच्छे रिश्ते है उनके घर के लड़के मेरे पापा को चाचा बुलाते थे, और उनके घर के सबसे बड़े लड़के की शादी थी.

शादी की तैयारी जोर शोर से चल रही थी, मै उनकी बहन को पटाना चाहता था जो की मुझसे 3साल बड़ी है.

मैं उनको परेशान करता था छेड़ता भी था किस भी कर देता था गाल मे मेरी उनसे अच्छी दोस्ती थी पर मेरी बुरी नजर थी उनपे, वो दिखने में सांवली थी उनका साइज़ 30-26-30 होगा पर बहुत मस्त थी.

मुझे लगता था की वो मेरे पे फ़िदा हे मुझसे चुदवा लेगी. मै और वो बहूत करीब थे की मैं उनकी कमर पकड़ के उनको गाल मे चूम लू तो कुछ नही बोलेंगी. मैंने कई बार होंठो को भी चूम लिया और सॉरी गलती से हो गया बोल देता था.

फिर आया एक मोड़ जब पता चला भैया को शादी का मन नही है उनकी एक गर्लफ्रेंड है, इसके चलते घर में तनाव का माहोल था कल बारात जाना था और आज ये. उनकी बहन रूचि रो रही थी मैं उनको गले से लगा लिया और चुप कराया.

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घर मै सबने भैया को समझाया और भैया मान गए दूसरे दिन बरात गये. रूचि कमाल लग रही थी मन कर रहा था अभी चोद दू. बारात घर आई सब खुश थे दो तीन दिन बाद लगा भैया भी खुश है पर ऐसा नहीं था.

भाभी का नाम मेघना रंग दूध जैसा हीरोइन जैसा फेस दुबली पतली शांत सुशिल उनका साइज़ होगा 32-28-34.

उनके घर के सभी मेहमान चले गए और जून का महीना आ गया बारिश का मौसम एक बार मैं अपनी कार में बैठा था और बारिश हो रही थी तभी अचानक से रूचि आ गयी कार के अंदर.

मैं पीछे सीट मे था और वो भी हम बात करने लगे, मैंने उसको होंठ में चूम दिया वो डांटने लगी क्या फालतू करते रहता है गर्लफ्रेंड नही हु तेरी.

फिर मैं बोला गर्लफ्रेंड होती तो कुछ और कर देता वो शर्मा गयी और बोली मुझे मै कुछ दिन मे चली जाउंगी याद करेगा न बेस्ट फ्रेंड मुझे और गले से लगा ली मेरा खड़ा हो गया वो देख ली.

उसके बाल खुले थे मैंने उसके चेहरे से बाल हटाया और इस बार उनके होंठो को चूस लिया और पता नही वो और जोर से पकड़ ली और चूमने लगी.

हम दोनों बहुत देर तक किस किये और अलग हुए तो शर्मा गयी और जाने लगी, मैने उसको पीछे से कमर से पकड़ लिया और बोला धीरे से “बारिश हो रही है” इतने में वो पलट के मेरे होंठो को चूमने लगी.

मै उसके ऊपर आ गया वो जींस और टॉप पहनी थी, मैं उसके गले को चूमने लगा और दूध दबाने लगा और उसकी टॉप उतार दी रूचि मुझे रोक नही रही थी.

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तो मैंने उसके गले को चूमना शुरू कर दिया और उसकी ब्रा उतार दी उसको मैंने अपनी गोद मै बैठा के खूब चूमा और उसके दूध को मुह में भर लिया और निप्पल मे दाँत गड़ाए मैंने उसकी जींस उतार दी और उसकी पैंटी भी उसकी चूत काली थी और बाल थे.

मैंने उसके चूत को जुबान से लगाया तो वो कांप उठी और सिसकिया लेने लगी आआह्ह्ह रोहन अं उफ़ आअह्ह उफ्फ्फ की आवाज़ निकालने लगी.

मैं उसकी चूत मे ऊँगली करने लगा और वो तड़पने लगी पर मेरी किस्मत को आज सेक्स नसीब नही था, बारिश रुक गयी और बारिश के शीशे से सब दिखने लगा उसने रुकने को कहा मैं रुक गया उसने कपङे पहने मुझे होंठों को चूमा और चली गयी.

भाभी कहीँ बहार से आ रही थी भीगी हुई थी थोड़ी आँखों में काजल होठो में लिप्सटीक बाल भीगे हुए ऑरेंज रंग की साड़ी में मैंने उनको देखा और मुझे भाभी से प्यार हो गया.

भाभी बहुत भोली थी बेचारी, उनकी सास उनको प्यार नही करती थी, हमेशा रोक टोक उनका ससुराल में बिलकुल मन नही करता था. रात को भैया भी घर नही आते थे मुझे नही लगता भाभी ने सुहागरात भी मनाई होगी.

और भाभी को मेरी मम्मी पसंद थी अपना दुखड़ा मम्मी को ही बताती थी उनको हमारे घर में अच्छा लगता था. इसी बिच मेरी और भाभी में दोस्ती हो गयी.

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