सौतेली माँ और नानी की चुदाई

रसते मैं मेरे दिमग मैं केवल नानी कि चूत हे चूत घूम रहि थि। मैं कभि कभि एक पौवा देसि सरब पिया करता हलकि आदत नहिन थि महिने दो महिने मैं एक आद बर पी लिया करता था। आज मेरे दिमग मैं केवल चूत हे चूत घूम रहि थि। इसलिये मैं देसि थेके पर देध पौवा पी लिया और चूप चप घर कि और चल पदा। मेरे पीने के बरे मैं मेरी माँ जनति थि इसलिये कुच नहिन बोलति थि। कयोनकि मैं पी कर चूप चप सो जता था। रात कबरिब 9 बजे हुम सब ने मिलकर खना खया। खना खने के बद माँ घर के कम मैं लग गयी और मैं और नानी खत पर बैथ कर बतेन कर रहे थे। थोदि देर बद माँ भि आगयी और बतेन करने लगि। नानी ने कहा चलो कमरे मैं चलेत हैन वहिन बतेन करेनगे कयोनकि बहर थनद लग रहि हैन। इसलिये हुम सम कमरे मैं आगये। माँ ने नानी और अपना बिसतर जमिन पर लगया और हुम सब निचे बैथ कर बतेन करने लगे। बतोन बतोन मैं नानी ने कहा, रमु आज तु हमरे साथ हे सो जा, माँ बोलि ?लकिन यहन कहन सोयेगा और मुज़े मरदो के बीच सोने मे शरम आति हैन और निनद भि नहिन आति हैन? नानी बोलि बेति कया हुवा येह भि तो तुमहर बेते जैसे हि हैन हलनकि तु इसकि सौतेलि माँ हैन फिर भि इसका कितना धयन रखति। अगर बेटा सथ सो रहा हो तो इसमे सरम कि कया बात हैन। खेर नानी और माँ मन गयी। मैं नानी और माँ के बिच सो गया मेरे धिनि तरफ़ माँ सो रहि थि और बहिन तरफ़ नानी ।

सरब के नेसे के करन पता नहिन चला मुज़े कब निनद आगयी। करिब 1 बजे मुज़े पेसब लगि तो मैं े आख खोलि तो बगल से हाआ हूऊऊऊऊ आआआआआ कि दीमि अवज सुनै दी मैं े महसूस किया कि येह तो माँ कि फुसफुसहत थि इसलिये मैं दीरे से माँ कि और देखा, माँ को देख कर मेरी आनखे खुलि कि खुलि रहगयी। माँ अपने पेत्तिसोअत को करमर तल उपर करके बयेन हथ से चूत लगर रहि थि जबकि दहिने हथ कि उनगलिया चूत के अनदर बहर कर रहि । इसि तरह करिब 10 मिनुतेस बद वो पेत्तिसोअत नीचे कर के सोगयी सयद उसका पनि गिरगया होगा।

यह कहानी भी पड़े  माँ के रंडीपन की कहानी कैसे दिलीप चाचा ने माँ को चोदा

थोदि देर बद मैं उथ कर पेसब करने चला गया और पेसब करके वपस आकर नानी और माँ के बीच सोगया। अब मेरी नज़र बर बर माँ पर थि और नीनद नहिन आ रहि थि। इसलिये मैं नानी कि तरफ़ करवत लेकर सो गया। लेकिन फिर भि मुज़े नीनद नहिन आरहि थि, कयोन कि नानी कि और सोने के करन अब मेरे दिमग मैं नानी कि चूत नाच रहि थि। और मैं कसमकस मैं था और इसि तरह कबरिब एक घनता बीत गया। अचनक मेरी नज़र नानी के चूतर पर पदि मैं े देखा कि उनका पेत्तिसोअत घोतनो से थोदा उपर उथा उवा था, अचनक मेरे सरबि दिमग मैं सैतन जग उथा मैं उथा और तेल के सिसि ले आया और नानी के पास मुह करके खुब सरा तेल मेरे सुपदे पर और लंड के जद तक लगया। फिर धीरे धीरे से नानी का पेत्तिसोअत उत्तर के उप्पर करदिया। नानी का मुह दुसरि तरफ़ था इसलिये उनकि चूत के थोदे दरशन होगये। अब मैं े हिम्मत कर के अपने लंड का सुपद केवल नानी कि चूत के मुह के पास रखा, मैं े महसूस किया कि नानी आहिसता आहिसता अपनि गानद को मेरे लंड के पास कर रहि है। मैं समज गया कि सयद नानी चुदने के मूद मैं हैन। इसलिये मैं े भि अपनि कमर का दक्का उनकि चूत पर दला जिस से मेरे सुपद नानी कि चूत मैं घूस गया। और उनके मुहा से हलकि चिक नकलि हय?????।।रमु अहिसता दलोना, कयोन कि तुमहरा लंड कफ़ि बदा और मोता है और मैं भि कै सलोन से चुदवै नहिन हून। बेटा धीरे धीरे और हैसता हैसता करो, कहा कर नानी सिधि लेत गयी और अपन पेत्तिसोअत कमर तक उनचा करदिया, अब मैं नानी के उप्पर चद कर धीरे धीरे अपना लंड घूसा रहा था। जैसे जैसे लंड अनदेर जता था वो उह्हह्हह्हह्हहफ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़ ह्हह्हह्हह्हह्हह्हहाआआआअन्नन्नन्नन्न आआआआऐ कि अवजे नेकलने लगि। मैं जब अपना पुरा लंड नानी कि चूत मैं दल चुक्का था तो मैं े नानी कि आनखो मैं आनसु देखे मैं े पुछा कया आप रोरहि हो उनहोने कहा नहि रे येह तो खुशि के आनसु हैन। आज कितने बरसो बद मेरी चूत मैं लंड घूसा हुवा है। फिर मैं आपना लंड अनदेर बहर करने लगा और जोर जोर से नानी कि चूत को चोद कर फरने लगा और नानी भि अपनि चुत्तर उथा उथा कर मेरा सथ देरहि थि। और बीच बीच मैं कहरहा रहि थि ?और जोर जोर से चोदो, मेरे रजा, वकै तुमहर लंड इनसान का नहिन घोदे या घधे का है। करिब मैं 15-20 मिनुतेस उनकि चूत पर अपना मोता तगदा हथियर अनदर भहर कर रहा था इसि बीन मैं े महसूस किया कि माँ हमरि इस करिया तो सोये सोये देख रहि थि और मन हि मन सोच रहि थि, जब मेरी माँ अपने नतिन से चुदवा सकति हैन तो कयोन ना मैं भि गनगा मैं दुबकि लगलू, कब तक मैं अपने हथोन का इसतमल करति रहूनगि ? अखिर येह मेरा सगा बेटा थोदि है, और उथ कर उसने अपना पेत्तिसोअत खोल दिया और अपनि चूत नानी कि मुहा पर रख कर लगर ने लगि, पहले तो नानी सकपका गयी फिर समज गयी कि उसकि बेति भि पयसि हैन और अपने सौतेले बेते का लंड खना चहति है, फिर नानी माँ कि चूत मैं जीभ दलकर जीभ से चोदने लगि, इसि दरमियन नानी 3 बार जर चुकि, और कहने लगि बस रमु बस अब सहा नहिन जता हैन, मैं े कहा, बस नानी 5 मिनुतेस और। 5 मिनुतेस बद मेरा सरा विरया नानी कि चूत मैं जा गिरा।
अब नानी थक कर सोगयी, माँ ने कहा चलो बितर मैं चलेत हैन वहिन तुम मुज़े चोदना।

यह कहानी भी पड़े  दूर की कज़िन बहेन की कामुकता

Pages: 1 2 3

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!