साली का भीगा बदन

अचानक धारा ने मुझे जोर से धक्‍का दे दिया। मैं इसके लिए तैयार नहीं था। अचानक धक्‍का लगने से मैं गिर गया। मैं एक बार को कुछ समझ नहीं सका। थोड़ा डर भी गया लेकिन अगले ही पल मैंने पाया कि धारा मेरे ऊपर आकर लेट गयी है। मैं कुछ समझ नहीं पा रहा था।

धारा एक एक करके मेरे सारे कपड़े उतारते जा रही थी। हम दोनों के बीच कपड़ों की सारी दीवार गिर चुकी थी। मेरा लण्‍ड मोर्चा लेने के पूरी तरह से तैयार था। तभी उसने झुक कर मेरे लण्‍ड को अपने होंठों की नर्माहट के साथ छुआ और धीरे से मुँह के अन्‍दर लेने लगी।
वह मेरे ऊपर इस तरह बैठी थी जिससे कि उसकी चूत बिल्‍कुल मेरे होठों पर आ टिकी थी। मैंने भी धारा की चूत पर जीभ फिरायी। उसकी चूत का एक बार जीभ से पूरा जायजा लेने के बाद मैंने बिंदास उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया।

मेरी इस हरकत से धारा के बदन में हलचल हुई और उसके मुँह से मेरा लण्‍ड आजाद हो गया। उसके मुँह से आआहऽऽ … आआऽऽऽ … ऊऊऊऊ … ऊओफ्फ्फ्फ़ की आवाज बाहर आ रही थी।
तभी उसकी चूत ने भरभरा कर पानी छोड़ दिया।

इसके बाद मेरी ओर घूम कर बोली- ओह, मेरी चूत तुम्हारे इस सुडौल लंड को लिए बिना नहीं रह सकती, प्लीज़ अपने इस खिलाड़ी को मेरी चूत के मैदान में उतार दो ताकि यह अपना चुदाई का खेल सके।
धारा अब मेरे लण्‍ड को अपनी चूत में लेने के लिए तड़प रही थी।

मैंने भी देर करना उचित न समझा, धारा को लण्‍ड के लिए तड़पते देख कर मैंने साली को अपनी बांहों में भर कर उठाया और पास बिस्‍तर पर लिटा दिया। धारा की चूत एकदम पहले से ही गीली थी। मैं धारा के बदन के ऊपर लेट गया। मेरा लण्‍ड धारा की चूत के दरवाजे पर दस्‍तक दे रहा था। धारा ने अपनी चूत को खुद ही अपने दोनों हाथों से खोल रखा था। मैंने देर न करते हुए धारा की चूत में लम्‍बा और मोटा लण्‍ड पेल दिया।

यह कहानी भी पड़े  Pahla Pyar.. Pahla Lund- Part 1

काफी दिनों से धारा की चुदाई नहीं हुई थी इसलिए चूत एकदम टाइट थी। धारा की कसी कसी और गीली चूत में लण्‍ड का धक्‍का लगाते ही पूरा लण्‍ड उसकी चूत के आगोश में समा चुका था। धारा के मुँह से ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह… आआह्ह.. मार डाला!’ की आवाज निकल गयी।

धारा ने अपने हाथ के इशारे से मुझे धक्‍का लगाने से मना किया क्‍योंकि वह मेरे दमदार लण्‍ड का अचानक वार झेल नहीं पा रही थी। मैंने भी धारा की बात मान कर धक्‍का लगाना कुछ देर के लिए रोक दिया।
यह क्‍या मेरे रुकने के थोड़ी देर बाद धारा ने खुद ही नीचे से हल्‍का हल्‍का झटका देना शुरू किया। अब मुझे साली की चूत चोदने का दुगुना मजा मिलना प्रारम्‍भ हो गया। धारा उत्‍तेजित होकर नीचे से धक्‍का लगा रही थी। मैंने भी उत्‍तेजना में उसके हर धक्‍के का जवाब अपने लण्‍ड के धक्‍के से देना शुरू किया। दोनों से तरफ से लगातार शाट चुदाई के आनन्‍द में अभूतपूर्व वृद्धि कर रहे थे।
जितनी तेजी से मैं अपनी साली की चुदाई कर रहा था, उतनी ही सेक्‍सी सेक्‍सी आवाजें धारा के मुँह से निकल रही थीं ‘आह्ह … आह … ऊऊ ऊऊ … ईई ईशशर … आआआआ … ऊऊओफ़ फफ … ऊऊऊ फफ फ अआ ह्ह्ह … की आवाज से कमरा गूँज रहा था।

करीब दस मिनट की चुदाई के बाद धीरे धीरे धारा की चूत ढीली पड़ती जा रही थी। जोर जोर से चुदाई के कारण धारा अपनी सांसों पर नियन्‍त्रण नहीं कर पा रही थी। कुछ देर बाद धारा मुझसे अचानक जोर से लिपट गयी। उसने चूत को अन्‍दर से सिकोड़ लिया था जिससे मैं अपने लण्‍ड पर धारा के चूत की गिरफ्त को पूरी तरह महसूस कर रहा था।

यह कहानी भी पड़े  दामाद के बच्चे की माँ बनने बाली हु

मैं धारा के बूब्‍स को जोर से मसलने लगा और धारा की चूत में दमदार धक्‍के लगाना शुरू कर दिया। दस बीस शाट और लगाने के बाद मैं धारा की चूत में ही झड़ गया। मेरे लण्‍ड ने दो तीन बार पिचकारी के साथ पूरा वीर्य धारा की चूत में भर दिया। धारा का जिस्‍म काम्प रहा था। उसने मेरी कमर को जोर से अपने हाथों से जकड़ रखा था।

हम दोनों काफी देर तक ऐसे ही निढाल लेटे रहे। बीच बीच में मैं धारा के सूखे होंठों को अपनी जीभ से गीला कर रहा था। देर तक धारा को इसी तरह लेटे लेटे चूमने चाटने के बाद हम दोनों की जान में जान आयी।

करीब दस मिनट बाद हम दोनों बिस्‍तर से उठ खड़े हुए। उसके बाद कमर में हाथ डाले हुए हम दोनों ने बाथरूम की तरफ रुख किया। बाथरूम में अंदर शॉवर चला कर एक दूसरे के बदन को चाटते हुए रगड़ते हुए हम लोग करीब बीस मिनट तक नहाते रहे।

थोड़ी देर बाद नहाते नहाते मेरा लण्‍ड फिर से खड़ा हो गया। धारा ने वहीं बाथरूम की फर्श पर बैठ कर शावर के नीचे मेरे लण्‍ड का सुपारा अपने मुँह में ले लिया। धारा मेरे लण्‍ड को अपने मुँह में लेकर अन्‍दर बाहर करने लगी। मेरी उंगलियाँ धारा के बालों को जकड़ हुए थीं। मैं धारा के मुँह में धीरे धीरे लण्‍ड ठूस रहा था।

Pages: 1 2 3

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!