सगी काकी सा ( आंटी ) को चोदा

काका के जाते ही काकी मेरे आवभगत गई ! फ्रीज़ में से बढ़िया से लस्सी निकाल लाइ मुझे पिलाया फिर कुछ देर में मैं नहाने चला गया और लौट कर आया तो काकी बोली ” शुदेश एक जगह शादी में चलना है तू भी चलेगा” तो मैंने हां कर दिया तो चाची बोली ”दोपहर के 12 बजे चलना है” तो मैंने कहा ”ठीक है” ! फिर कुछ देर तक टीवी देखने लगा तो करीब 11:30 पर चाची ने बैडरूम से आवाज दिया तो मैं बैडरूम में गया तो चाची पेटीकोट पहन कर ड्रेसिंग टेबल के सामने खड़ी थी और बार बार ब्रा का हुक लगाने की कोशिस कर रही थी इतने में दरवाजे के पास गया और बोला ” हां काकी” तो काकी बिना मेरी तरफ देखे ही बोली ” ये हुक नहीं लग रही है लगा तो सही इसे” तब मैं ब्रा की हुक लगा दिया तो काकी बोली ” लास्ट वाले हुक में लगा” तब मैंने ब्रा को और अधिक खीचते हुए लास्ट के हुक में फँसा दिया ! और ड्रेसिंग टेबल में काकी की परछाई देखने लगा क्या गजब की गोलाई डरा खूबसूरती लिए हुए चूचियाँ थी काकी की , ब्लू फिल्मो में तो बहुत से औरतों की चूची देखा पर रियल लाइफ में पहली बार किसी ओरत को इतने नजदीक से देखा , मेरे तन-वदन में आग सी लग गई और ऐसा लगा की पीछे से पकड़ कर काकी की चूचियों को दबा दूँ पर मैं आवाक होकर अपनी सुध बुध खोकर कभी काकी की चिकनी चिकनी पीठ देखता तो कभी आईने में चूचियों को देखता !

इतने में काकी बोली ” चल जा अब यहाँ से साड़ी पहन लूँ और तू भी तैयार हो जा ” और फिर मैं चाची के पास से चला अाया और अपने जज्बातों को कंट्रोल किया और तैयार होने लगा तो कुछ देर में चाची ने फिर आवाज दिया और बोली ”सुदेश हो गया तैयार ” तो मैंने कहा ”हां हो गया” और चाची के पास पहुंच गया तो देखा की चाची गजब की खूबसूरत लग रही थी ! चाची बोली चल चलते है , तब मैं बाइक की चाबी लिया और करीब 12:30 पर चल दिए और 1:00 बजे पहुंच गए और वहाँ पर साम को 6 बजे तक रुके खाना खाए और भीड़ में चाची को ढूढने लगा तो चाची दिखी तो चलने के लिए बोला तो चाची बोली ”रुक चलती हूँ 7 बजे तक” तब मैंने चाची को बोला ”मैं बहुत थक गया हूँ” तो चाची बोली ”तू जा मैं आ जाऊगी किसी के साथ ” तो मैं वहा से चला आया चाची को बोल दिया ”आपको जब आना होगा बता देना तो लेने आ जाउँ तो चाची बोली ”टीक है मैं फोन कर दूंगी ” ओर फिर मैं चला आया और आकर सो गया रात के करीब 10 बजे चाची का फोन आया तो उठा और जल्दी जल्दी तैयार होकर चाची को लेने चला गया और साढ़े दस तक चाची को लेकर आ गया ! आते ही चाची ने एक गिलास पानी पिया अपने गहने जैसे बाली,मंगलसूत्र,उतारा और और बिस्तर में बिना कपडे उतारे ही लेट गई और लेटते लेटते बोली ”सुदेश तू भी यही सो जाना AC में” और इतना कहकर लाइट बंद कर दिया और नाइट लैम्प ऑन कर दिया ! मैंने अपने कपडे उतारा लोवर -बनियान पहना और टीवी देखने लगा करीब 11:15 रात में आकर चाची के पास सो गया !

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नाइट लैम्प के उजाले में चाची की चिकनी चिकनी जांघे दिखाई दे रही थी ! सीने से पल्लू गायब था और ब्लाउज की कई हुक खुले हुए थे कारण चूचियों की घाटी दिखाई दे रही थी मन कर रहा था की चाची से लिपट जाऊं और चोद दूँ पर हिम्मत नहीं पड़ रही थी ! और मन ही मन चाची की चुदाई के सुखद ख्वाब नींद लग गई पता ही नहीं चला ! मैं खूब गहरी नींद में सोया हुआ था पर अचानक मेरी नींद खुल गई क्योकि चाची मेरे ऊपर अपनी टांग और हाथ लाद कर सोई हुई हुई थी,नाइट लैम्प के उजाले में देखा तो चाची के ब्लाउज सभी हुक खुले हुए थे और ब्रा के अंदर से चाची की बड़ी बड़ी सुडौल चुचिया दिख रही थी ! मैं नींद बहाना लेते हुए चाची की चूचियों के पास अपना गाल चिपका कर सोने का नाटक करने लगा तो चाची मुझे अपनी तरफ और जोर से चिपका लिया तो मैंने धीरे से चूचियों की घाटी में किस कर लिया तो चाची ने मेरे गाल को किस कर लिया तो मैं थोड़ा और आगे बढ़ते हुए चाची की चुचीं को दबा दिया ! ओह क्या मस्त टाइट चूची थी चाची की ! चूची दबाने पर चाची की कोई नकारत्मक प्रतिक्रिया नहीं होने पर मैंने फिर से चूची को दबा दिया और चुचियों की घाटी (दोनों चूची के बीच हिस्सा) के बीच में जीभ से चाटने लगा करीब 3 मिनट तक चाटने के बाद चाची ने मेरी पीठ पर रखे हाथ से मेरी पीठ को सहलाने लगी और बीच बीच में मेरी पीठ को अपने हथेली से दबा देती ! तब मैसमझ गया की चाची चुदने के लिए तैयार है ! हिम्मत करके चाची की पीठ में हाथ रखा और धीरे से ब्रा खोल दिया और चूचियों को ब्रा से आजाद कर दिया और चूचियों को हलके हलके सहलाने लगा

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