रात के दो बजे बहन की सहेली की चूत चुदाई

अब उसे भी मजा आ रहा था तो वो अपने चूतड़ों को उठा उठा कर मेरा साथ दे रही थी।
कुछ मिनट के बाद मैं झड़ने वाला था तो मैंने पूछा- पानी कहाँ छोड़ूँ?
उसने कहा- अंदर ही छोड़ दो!

मैंने अंदर ही अपना माल निकल दिया।

वो भी अब झड़ने वाली थी तो अकड़ सी गई थी, उसने भी अपनी चूत से माल निकाल दिया।

अब मैं उसकी गांड भी मारना चाहता था लेकिन उसने मना कर दिया, कहा- काफी देर हो गई है, तुम बाद में मेरी गांड चोद देना! अभी लेट हो रहा है!

ऐसा कहते हुए उसने अपने कपड़े पहने और जाते वक्त एक प्यारा सा किस दिया।
मैंने उसका मोबाईल नम्बर लिया, उसे किस किया।
बदले में उसने मुझे थैंक यू कहा और चली गई।

आज भी जब भी मौका मिलता है, मैं उसके साथ कुछ पल बिता ही लेता हूँ।
कैसी लगी मेरी सेक्स कहानी? रिप्लाई जरूर करें।

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