परजाई ने कहाँ सिर्फ लंड चूसूंगी

देखो साला यह होती हैं औरत, कितनी चालबाज की रिसेप्शन वाली को भी डाउट ना हो. कमरे में घुसते ही मैंने परजाई की गांड पे अपना लंड रख के घिसा. उसने पलट के मेरी और देखा और बोली, “अरे कोई देख लेंगा…!”
होटल में परजाई की चुदाई

मैंने उसकी बात जैसे सुनी ही नहीं. मैंने फट से अपनी पेंट खोली और खड़े लंड को ले के सीधा कुर्सी पे जा बैठा. इस हॉट पंजाबी भाभी ने मेरे लंड को देखा और वो उसकी लम्बाई देख के हैरान हो गई. मेरा हथियार 9 इंच लम्बा और 3 इंच चौड़ा हैं. परजाई सीधे ही अपने घुटनों पे आ बैठी और मेरे लंड को सहलाने लगी. “आप का तो काफी बड़ा और मोटा हैं…!”

“चल चूस इसे बातों में टाइम वेस्ट मत कर.” मैंने उसके मुहं को लंड की और खिंच के कहा.

उसने अपना मुहं खोला और मैंने देखा की उसकी गुलाबी लिपस्टिक मेरे लौड़े के ऊपर आ चिपकी. उसने मुहं में आधा लंड लिया और उसके उपर अपनी जबान चलाने लगी. मैं उसके माथे को जोर से दबाया और बाकी के आधे लंड को अंदर डालने की कोशिश की. लेकिन किसी भी सूरत में वो मेरा 9 इन्चा पूरा तो नहीं ले सकती थी. कम से कम 6 इंच उसके मुहं में था और बाकी के तिन इंच और बाल्स को परजाई अपने हाथ से मजे दे रही थी. मुझे कितने मजे आ रहे थे वो तो मैं लिख नहीं सकता लेकिन स्वर्ग से भी ज्यादा मजे थे भाभी के मुहं में ऐसा लंड डालने से. मैंने अब उसके मुहं को दो हाथों से पकड़ा और अपने लंड को अंदर बहार करने लगा. परजाई के मुहं से जब लंड बहार आ रहा था तो उसके ऊपर काफी थूंक चिपक के बहार गिर रहा था. उसकी यह सेक्स अदा देख के मैं परजाई की चुदाई करने पे मजबूर हो गया जैसे.

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मैंने अपने लौड़े को मुहं से बहार निकाला. परजाई ने मेरी और देखा और बोली, “कब निकला पता ही चला मुझे तो…!”

मैंने लंड के ऊपर हाथ चलाते हुए कहा, “निकलेंगा तो तुम्हारी चूत के अंदर. चलो उतारे अपने कपडे.”

परजाई: अरे नहीं मैं नहीं कर सकती प्लीज़ सूरी को पता चलेंगा जब वो सेक्स करेंगा.

मैं: बेन्चोद गाँव भर में अपनी चूत बाँट रही थी और आज मैंने माँगा तो भाव खा रही हैं. तब सूरी याद नहीं आता था. खोल नहीं तो अभी कॉल करता हूँ उसे.

परजाई ने धीरे से अपनी सूट को खोलना चालू किया. पहले उसने ऊपर का ड्रेस उतारा. बाप रे वो चुंचे ब्रा से लड़ रहे थे जैसे; उन्हें बहार आना था और ब्रा उन्हें कैद किये हुए थी. भाभी ने फिर धीरे से निचे के कपड़े खोले. काली पेंटी के पीछे उसकी गोरी चूत छिपी हुई थी. वो अब सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी. मैंने नजदीक जा के उसके झूलते हुए बूब्स को आजाद किया. परजाई ने अपनी पेंटी उतारी और बोली, “जल्दी कर लेना प्लीज़, मुझे जाना भी हैं.”

मैंने कहा, “पहले मैं तुम्हारे यह बड़े बड़े चुंचे चोदुंगा और फिर लंड चूत में डालना हैं.”

परजाई निचे बैठी और मैंने अपने लंड को पकड के उसके चुंचो के बिच में रख दिया. परजाई ने अपने दोनों चुंचो को साइड से दबाया और लंड को बिच में जकड़ लिया. मैंने ढेर सारा थूंक उसके चूंचियों पे निकाला. मैं अपने लौड़े को आगे पीछे करने लगा और परजाई चूंचियों को और भी जोर से दबाने लगी. मैं अपने लंड को चुंचो के बिच में जोर जोर से 5 मिनिट तक हिलाया. फिर लंड को बिच से हटा के मैं उसे निपल्स के ऊपर घिसने लगा. ऐसा करते ही परजाई के मुहं से अह्ह्ह्हह अम्म्मम्म्म्म ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह निकल पड़ा, उसे भी मजा जो आ रहा था. अब परजाई की चुदाई के लिए हम दोनों ही रेडी थे; मैं और परजाई.

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अब वो खुद ही मेरे लंड को हाथ में ले के खड़ी हुई. बेड पे लेट के उसने अपने हाथ से मेरे लंड को अपनी चूत पे सेट किया. मैंने उसकी निपल मुहं में ली और आगे झुका. एक झटका और मेरा लंड चूत के अंदर आधा घुस गया. परजाई ने आह भरी और मुझे गले से लगा लिया. बड़े लंड से चुदाई करवाने में औरत को भी मजा आता हैं. परजाई को बाँहों में भरे हुए मैंने और एक झटका दे दिया. अब की लंड जैसे की समुन्द्र की तल में गोता लगा आया. मुझे परजाई की चूत की गरमी अपने लंड के ऊपर महसूस हो रही थी. उसने अपनी चूत को टाईट करने के लिए शायद मसल्स खींचे थे. मेरा लंड मस्त टाईट था उसके भोसड़े में. अब मैंने धीरे धीरे से लंड को चूत के अंदर आगे पीछे करना चालू कर दिया. परजाई के मुहं से आह आह ओह ओह की आवाजें निकलने लगी. वो मुझे कस के अपनी बाहों में भरे हुए थी. मैंने लंड की स्पीड बढाई और उसकी चूत के अंदर जोर जोर से लंड को चलाने लगा. मेरे चोदने के झटकों से उसकी जांघ के ऊपर चप चप की आवाज आ रही थी. परजाई ने मुझे और भी जोर से कस लिया और बोली,

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