पहला हक़ पापा को चुदाई का

जल्दी जल्दी में मैं बस पकड़ कर चर्च पहुँच गया| वहाँ मामा की कार खड़ी थी| मामा ने मुझे कार में बिठाया| मामा की कार में काला शीशा लगा है|
मेरे बैठते ही मामा ने मेरा मुँह अपने तरफ खींचा और एक जोरदार चुम्मा मेरे होंठो पर जड़ दिया| “बेटी, तुम्हारे कपड़े?” जल्दी जल्दी में मैं कपड़े लाना भूल गया था| “चलो, कोई बात नहीं| आज तुम्हारे पसंद के कपड़े लेते हैं|” मामा मुझे लेकर बनारसी साड़ीयों की दुकान ले गये| मेरे पसंद की साड़ी ली| बाकी का सारा सामान लिया और फिर एक होटेल आ गये| मामा ने एक कमरा बुक किया और हम दोनो कमरे में आ गये| मामा ने मुझे साड़ी का पॅकेट दे कर गुसलखाने में साड़ी पहनने के लिए कहा और खुद नंगे होने लगे|
नयी साड़ी मुझ पर बहुत ही फब रही थी| मामा तो भरे बैठे थे| मेरे निकलते ही मुझे बाहों में उठा कर बेड पर पटक दिया| मेरी चूचियाँ बड़ी नहीं हैं|
यह देख कर मामा निराश हो गये| “अगर चाहो तो मैं ये चूचियाँ बड़ी कर दूँ|”
“कैसे मामा ?” “अरे मैं डॉक्टर हूँ, स्त्री रोग विशेष, तुम्हारे लंड को भी चूत बना सकता हूँ|” मैने कल्पना की कि मेरे लंड की जगह बुर होता तो मैं पापा को कितने मज़े दे सकता था| तब मैं रंडी बन कर मामा और पापा दोनो को तृप्त कर सकता था| “क्या सोचने लगी?” “मामा अगर ये हो सकता है तो कितने पैसे लगेंगे?” “अपनी जान के लिए तो मैं मुफ़्त में कर दूँगा|” अँधा क्या चाहे दो आँखे| मैं तय्यार हो गया| मामा ने मुझे पेलने के बाद एक दवाई लिखी और कहा इसे हर दिन ३ बार ६ महीने तक लो|

यह कहानी भी पड़े  पापा से चुदवा लिया मैंने

६ महीने बीतने में तो वक़्त ही नहीं लगा| मेरे स्तन बड़े हो गये| इस बीच एक दिन पापा ने चोदते समय कहा, “बेटी क्या बात है, तुम्हारे चूचे बड़े हो रहे हैं? कुछ ले रही हो क्या?” मैने मना कर दिया| “पापा ये तो आपका कमाल है|” पापा खुश हो गये| मैं पापा को सर्प्राइज़ देना चाहती थी| ६ महीने बाद पापा को फिर कहीं ३ दिन के लिए जाना पड़ा| उस दिन पापा के जाते ही मैने मामा को फोन किया की मामा आज ही ऑपरेशन कर डालो| मामा ने मुझे अपने क्लिनिक में भर्ती किया| मुझे इंजेक्शन लगते ही नींद आ गयी| जब मैं उठा तो मैने अपना लंड नहीं महसूस किया| हाथ डाल कर देखा तो वहाँ एक छेद था| मेरा लंड अब बुर बन गया था| और मेरे चूचुक और भी बड़े हो गये थे|
मामा ने बताया की उन्होने मेरे स्तन का भी ऑपरेशन करके सिलिकन बॉल डाले हैं| “थैंक यू मामा |” ये कहते हुए मैं मामा के गले लग गयी| मुझे अपने स्तन बड़े भारी लगे| मामा ने मुझे किस किया|

वो तो मुझे चोदना भी चाहते थे| पर मैने अपने चूत का पहला हक़ पापा को देना चाहती थी| उसी दिन शाम में पापा आने वाले थे| मैं बुर में साड़ी खोंस कर पापा का इंतेज़ार ही कर रही थी| पापा थके हारे आए, उन्हे तो पता भी नहीं था, की उनकी बेटी ने क्या कमाल किया है| मैं खुशी छुपाए बैठी थी|
मुझ से सब्र नहीं हो रहा था| पापा ने खाना खाया| फिर हम दोनो बेड पर आए|
पापा को मैने कहा “आपके लिए मैने डब्बे में एक सर्प्राइज़ रखा है|”
पापा ने डब्बा खोला| उसमें मेरे हार रखे थे| उस हार के साथ मेरे टटटे पड़े थे| पापा ने कहा “ये क्या?” फिर मैने अपनी साड़ी उठा दी| मैने
पेंटी नहीं पहनी थी| मेरे चिकने चिकने बुर को पापा देखते ही रह गये| फिर उन्होने कहा, “बेटी तुम्हें पापा से इतना प्यार है की इतना सब कर डाला|”
“हाँ पापा | मुझसे निकाह करोगे?” पापा ने जवाब में बस मेरा बुर चूसना शुरू कर दिया| मेरे बुब्बे भी अब असली थे| उनको चूस चूस कर पापा का दिल हरा हो गया| पापा ने मेरी बुर मारी| “आहा| आज १८ सालों में किसी की बुर मारी है|”

यह कहानी भी पड़े  पारूल दीदी का भीगा बदन

अगले दिन ही पापा ने ट्रान्स्फर की अर्ज़ी दे दी| हम १५ दिन के भीतर ही नयी जगह आ गये| पापा ने मेरा नाम अपनी बीवी की जगह लिखा दिया| हम दोनो ने निकाह कर लिया| अब हम लोग रोज़ मज़े करते हैं और मामा भी कभी कभी आ कर मज़े लेते हैं|

और मजेदार सेक्सी कहानियाँ:

Pages: 1 2 3

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!