नौकरी मे मिली छोकरी

दोस्तो, मैं सिविल इंजिनियर हूँ। मैं रोज अपने घर से कंपनी जाने की लिए बस लेता हूँ। मेरे घर से कंपनी का रास्ता एक घंटे का है। बस में कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों की भीड़ रहती है। एक दिन मैं जब कंपनी जा रहा था, मेरी बगल वाली सीट खाली थी। मैं सोया हुआ था। थोड़ी देर बाद जब मेरी आँख खुली तो मैं देखता ही रह गया। मेरी बाजू में एक लड़की बैठी थी।

क्या सुन्दर लड़की थी !

मैंने आज तक ऐसी लड़की देखी ही नहीं थी। मैंने उसे पूछ लिया- आप क्या करती हो। बस यहाँ से हमारी बात शुरु हो गई।

फिर तो मैं रोज अपने बाजू वाली सीट उसके लिए खाली रखने लगा। हम रोज मिलते थे और बात करते थे। एक बार उसने मेरा मोबाइल मांगा तो मैंने उसे अपना फ़ोन दे दिया। वो अन्दर देखने लगी। अन्दर देखते देखते उसने मेरे गर्म वीडियो देख लिए और वो उन्हें चला कर देखने लगी।

मैंने उससे झट फ़ोन ले लिया, मैंने उसे कहा- तुम्हें ये देखने हैं तो मेरे साथ चलना पड़ेगा।

तो वो मान गई।

फिर दूसरे दिन मैंने उसे फ़ोन करके एक होटल में बुलाया। तो वो आ गई, हम होटल के कमरे में गए। फिर थोड़ी देर उसने वो ब्लू फिल्म देखी। वो फिल्म देखते देखते बहुत गर्म हो गई थी। मैं उसके बाजू में ही बैठा था और उसका एक हाथ मेरे लण्ड पर था।

वो इतनी गर्म हो चुकी थी कि उसे रहा नहीं गया और फ़ोन साइड में रख कर वो मेरा लण्ड मेरी पैंट से निकाल कर जोर से चूसने लगी। फिर मैंने अपने कपड़े उतार दिए और उसने अपने कपड़े भी उतार दिए।

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उसे देखकर मेरे तो होश उड़ गए, क्या क़यामत लग रही थी ! उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था।

मैंने झट से उसे अपनी बाहों में लिया और उसे चूमने लगा। करीब 15 मिनट तक मैं उसे चूमता रहा, उसी दौरान मैंने उसकी चूत में उंगली डाल दी।

वो मारे दर्द के चिल्ला उठी।

फिर मैंने उसके चूचों को चूसा और दबाया। क्या वक्ष थे उसके ! मैंने आज तक इसके जैसे स्तन देखे नहीं थे।

धीरे धीरे मैं नीचे तक आया और मैं उसकी चूत में जीभ डाल कर चूसने लगा, वो सीत्कार कर रही थी। मैं जोर से उसकी चूत चूसने लगा तो वो चिल्लाने लगी और उसने मेरे बाल पकड़ लिए और मेरे मुँह में झड़ गई।

फिर मैं उठा और उसकी चूत पर अपना लण्ड रखा।

वो तड़प उठी और बोलने लगी- और मत तड़पाओ जानेमन ! जल्दी डालो और फाड़ दो मेरी चूत। आज इस चूत का भोंसड़ा बना दो।

मैंने देर न करते हुए एक ही बार में अपना पूरा लंड अन्दर घुसा दिया। वो चीख उठी और मुझे गाली देने लगी- भोंसड़ी के निकाल ! दर्द हो रहा है।

मैंने कहा- बहुत उछल रही थी? आज तो भोंसड़ा बना कर ही रहूँगा तेरी चूत का।

फिर मैं अपना लण्ड आगे-पीछे करने लगा। थोड़ी देर में वो भी अपनी गाण्ड उछाल उछाल कर मेरा साथ देने लगी। वो चिल्ला रही थी- उई माँ ! मर गई ! डाल साले ! मार दे आज ! ओह ओह ओह !! साथ में गाली भी दे रही थी, मुझे बहुत मजा आ रहा था।

करीब आधे घंटे की चुदाई के बाद मैं झड़ने वाला था, उसी बीच में वो दो बार झड़ चुकी थी। मैंने जोर से झटका लगाया और वीर्य की धार उसकी चूत में छोड़ दी।

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और एक झटका और एक और धार।

वो बहुत खुश थी, वो बोली- अब जब भी मैं चुदना चाहूँगी तो तुमसे ही चुदवाऊँगी।

उसे मैंने उस दिन चार बार चोदा और उसकी गांड भी मारी।

कैसे मारी उसकी गाण्ड, यह भी जान लो !

चुदाई करवा कर जब वो अपनी चूत धोने क लिए बाथरूम में गई तो थोड़ी देर के बाद मैं भी अन्दर गया उसके पीछे। वहाँ वो अपनी चूत को पानी से धो रही थी, मैंने उसे पीछे से जाकर एकदम से पकड़ लिया और जोर से उसके चूचों को मसल दिया। वो मेरे होंठों को चूमने लगी। मैंने बाथरूम का फव्वारा चालू कर दिया और हम जैसे बारिश में चुम्बन कर रहे हों, ऐसा अहसास होने लगा।

फिर मैंने उसे बाथटब में लिटाया और उसे चूमने लगा तो वो बहुत गर्म हो चुकी थी। फिर मैं धीरे से उसके वक्ष पर आया और जोर से उसे चूसने लगा। मैं चूसने के साथ उसके स्तनाग्र को भी काट लेता था। वो सिसकार कर रह लेती थी।

फिर मैं उसकी चूत पर आया और जीभ डाल कर चूसने लगा। वो सिसकारियाँ भरने लगी और मुझे गाली देने लगी- चूस साले और जोर से चूस ! आज इस चूत को चूस चूस के बेहाल कर दे साले।

मैं और जोर से चूसने लगा। कभी वो मेरे बालों को खींच लेती थी, वो चिल्लाने लगी और कहने लगी- जान अब मत तड़पाओ ! डाल दो अन्दर और चूत का भोंसड़ा बना दो ! अब नहीं रहा जाता ! आह आःह आःह

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