शराब के नशे में सविता आंटी को चोदा

चाची का ड्रेस आलरेडी बहुत ऊपर आ चूका था. और चाची को ऐसे देख के मेरा लंड भी एकदम तनतना सा गया था कपड़ो के अन्दर ही. और मेरा लंड चाची के पेट के ऊपर टच हो रहा था. फिर मैंने थोड़ी हिम्मत कर के उनको गालों के ऊपर किस किया और फिर धीरे से किस करते हुए मैं चाची के होंठो के ऊपर आ गया. चाची ने भी रिस्पोंस दिया और मेरे बाल नोंचने लगी. दो तिन मिनिट के बाद वो मुझे धक्का दे दी. मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था. वो बोली.

चाची: नहीं ये गलत कर रहे हे हम दोनों आशीष, तुम मेरे बेटे जैसे हो!

मैं: अरे बेटे जैसा हूँ बेटा थोड़ी हूँ. प्लीज़ चाची मैं आप को बहुत पसंद करता हूँ. हर समय आप का ही ख्याल रहता हे मुझे. मैं आप को सच में बहुत प्यार करता हूँ और आप को सिर्फ एक बार संतोष देना चाहता हूँ. और आप डीसर्व भी करती हे. आप सच में बहुत ही सुंदर हो चाची.

और ये कहते हु मैं फिर से चाची के करीब हो गया.

और फिर मैंने चाची को फिर से किस करना चालू कर दिया. लेकिन इस बार किस बड़ा ही मीठा और इंटेंस सा था. बाप रे चाची के लिप्स कितने सेक्सी थे. वो मोअन करने लगी थी. मैंने अपने हाथ को पीछे उसकी कमर पर रख के उसे अपनी तरफ खिंचा गांड से पकड़ के. वो अह्ह्ह अश्हिह्श्ह्हह अह्ह्ह्ह जैसे मोअन कर रही थी.

हम दोनों ने अपने लिप्स को 10 मिनिट जितने लोक किया. और फिर मैंने चाची के वन पिस स्यूट को अनजिप कर दिया और कुछ देर में तो मेरी सेक्सी सविता आंटी मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पेंटी में खड़ी हुई थी!

मैंने उसे अपनी बाहों में उठा के बेड के ऊपर डाला और खुद उसके ऊपर चढ़ गया. अब उन्होंने भी मेरे शर्ट को खोल के फेंक दिया और वो बोली, आशीष अब जल्दी से मुझे दे दो अपना लंड! चाची को लंड चाहिए मुझे के अन्दर.

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सविता आंटी के मुहं से ऐसे सुन के बड़ा ही मजा आ गया मुझे तो.

चाची ने मेरी पेंट और चड्डी निकाल फेंकी. और फिर उसने मेरे कडक और मोटे लंड को पहले अपने हाथ में पकड के हिलाया और बोली, आशीष बाप रे तुम्हारा लंड तो कितना मोटा और लम्बा हे. चाची के मुहं में डालोगे ना?

और ये कहक इ सविता आंटी ने मेरे लोड़े को अपने मुहं में भर के चुसना चालू कर दिया. चाची ऐसे सेक्सी ढंग से लंड को चूस रही थी की मजा आ गया मुझे तो. मैंने चाची के बालों को खिंचा और उसे कहा, चूस साली चूस और चूस अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह और अंदर ले मेरे लोडे को अह्ह्ह क्या मस्त चुस्ती हे तू रंडी के जैसे!

और ऐसे ही कहते हुए मैंने अपने लंड के पानी को चाची के मुहं में छोड़ दिया. कुछ वीर्य की बुँदे निकल के चाची के होंठो पर भी लगी हुई थी. वो चिप रंडी के जैसे मेरे सब माल को पी गई. उसे तो और भी मुठ पीना था जैसे तभी तो वो मेरे लौड़े को निचोड़ निचोड़ के एक एक बूंद को चाट रही थी.

उसने लंड को चुसना खत्म किया फिर मैंने उसे अपनी तरफ खिंच के उसके पुरे बदन के ऊपर चुम्मे चालू कर दिए. वो चीख रही थी, चोदो मुझे आशीष, अब मैं लंड लेना चाहती हूँ अपनी चूत के अन्दर.

मैंने चाची की ब्रा को निकाला और उसके बड़े बूब्स के साथ खेलने लगा. मैं चाची के हॉट बूब्स को जोर जोर से दबा रहा था और वो सिसकियाँ ले रही थी.

मैं सविता आंटी के होंठो को चूसने और काटने लगा.

मैंने उसे और थोड़ी देर तक तडपा के एकदम गरम कर दिया. और जब वो चुदास की आग में सुलग रही थी और ऑलमोस्ट रोने लगी थी लंड लेने के लिए तब मैंने निचे उसकी पेंटी को हटाई. चाची का बुर कितना मस्त था यार, एकदम पिंक और क्लीन शेव्ड. मैंने अपने मुहं से चाची के बुर को चूसने का चालू कर दिया और सविता आंटी और भी तडपने लगी.

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कुछ देर बाद ऐसे ही तडपते हुए वो बोली, आशीष अब और मत तडपाओ मुझे, मेरी चूत अब लंड मांग रही हे और तुम हो की बस चाट ही रहे हो!

मैंने सविता चाची की टांगो को खोला और अपने लंड को लगा दिया उसके ऊपर. चाची ने कहा, डाल दे अंदर और बुझा दे इसकी सब प्यास को आज. आज अपनी चाची को अपनी रंडी और गुलाम बना दे.

जैसे ही मेरे लंड का धक्का अन्दर लगा और लोडा अन्दर घुसा तो चाची के मुहं से चीख निकल पड़ी, अह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह यह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह काफी बड़ा ह्हेह्ह्ह्हह्ह्ह अह्ह्ह्हह, चोदूऊऊऊऊऊ अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह!

मैं बड़ी जल्दी से अपने लोडे को चाची के बुर के अन्दर बहार करने लगा और वो तडप रही थी.

वो हिल हिल के ले रही थी और मैं अपनी इस प्यासी आंटी को जोर जोर से धक्के दे के पेल रहा था. सविता आंटी को लंड से चूद के मज़ा आ गया. पूरी 20 मिनिट की चुदाई में वो 2 बार झड़ गई मेरे लंड के ऊपर ही. और फिर मैंने भी अपने लंड का पानी उसकी चूत में छोड़ के बाहों में ले लिया उसे. बुर में शांति हुई तो वो सो गई और मैं भी नंगा ही उसके साथ सो गया.

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