शराब के नशे में सविता आंटी को चोदा

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मेरी ये सब हरकतों का अंदाज़ा चाची को तो लग ही रहा था और इस बात का अहसास मुझे होने लग गया था क्यूंकि चाची अजीब बिहेव करने लगी थी. जैसे की कम बात करना, मेरे से दुरी बना के रखना. मेरे दिल के अन्दर का डर और भी बढ़ गया था चाची के इस बिहेवियर से. मैं भी अब चाची से थोडा दूर सा रहने लगा था.

ऐसे ही करीब 10 दिन निकल गए और मेरे अन्दर की हवस अब और भी ज्यादा बढ़ गई. चाची की पेंटी ब्रा सूंघने के बाद मुठ मारता था मैं. एक दिन चाचा बोले की मैं एक हफ्ते के लिए बहार जा रहा हूँ. और उन्होंने मुझे और चाची को फेक्ट्री के काम का ध्यान रखने के लिए कहा. मैं मन ही मन में बादसा खुश हो रहा था की क्यूंकि ऐसे में चाची को चोदने के चान्सिस बढ़ जाने थे.

अगली सुबह मैं तैयार हो के चाचा को एअरपोर्ट पर ड्राप कर के फेक्ट्री चला गया. शाम को करीब 8 बजे मैं घर वापस गया तो देखा की चाची बेचारी उदास लग रही थी और अपने लेपटोप में वो कुछ कर रही थी. मैं उन्के पास गया तो बहुत पूछने में चाची ने बताया की वो बहोत बोर हो रही थी और कुछ समझ में नहीं आ रहा था उसे की क्या करें. मुझे तुरंत आइडिया आया की क्यूँ ना चाची को क्लब लेके जाऊं. फ्राइडे नाईट की वजह से क्लब में ट्राफिक भी अच्छा होता हे. बहोत मनाने केबाद चाची क्लब चलने के लिए रेडी हुई.

करीब एक घंटे के बाद चाची ब्लेक वन पिस पहन के आई. कसम से चाची उसके अन्दर सेक्स बम लग रही ऊपर से उन्के वो सेक्सी होंठ और आँखे! मैं उन्हें देख के अपने मुहं में पानी को आने से रोक नहीं सका!

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मैं: फक चाची, आप क्या सेक्सी लग रही हो इस ड्रेस के अन्दर तो.

वो शर्मा के बोली: रहने दे तू ऐसे ही जूठ मुठ बोलता हे!

मैं: चाची कसम से अगर आप सिंगल होती तो पक्का मैं आज ही आप को प्रोपोस कर देता, आप के जैसी हॉट, क्यूट और अनुभव वाली औरत भला मुझे कहा मिलेगी!

चाची: बस कर अब तेरी तो आलरेडी एक गर्लफ्रेंड हे.

मैं: अरे नहीं किसने कहा आप को. मैं तो आप के जैसी गर्लफ्रेंड की तलाश में हूँ. कसम से.

चाची: अच्छा जी!

मैं: हां चाची, बोलो आप को बनना हे मेरी गर्लफ्रेंड!

चाची: बस करो तुम एकदम सठिया गए हो यार.

मैं: चाची मैं एकदम सिरियस हूँ मजाक में नहीं कह रहा हूँ. क्या आज रात को आप मेरे साथ डेट करेंगी!

और ये कह के मैं अपने घुटनों को ऊपर बैठ या.

चाची शर्मा के बोली: अच्छा बाबा ठीक हे चल.

मैं उठा और मैंने चाची को पहले तो बाहों में भर लिया और फिर उसके गालों के ऊपर किया कर के उसे कहा, मैं अपनी जान की कार के पास वेट करता हूँ.

चाची को ले के मैं क्लब चला गया. वहां पर बड़ी भीड़ थी जैसे की मैं चाहता भी था. मैंने और चाची ने साथ में मिल के शराब पी ली और फिर उसने भी शरम को छोड़ दिया. मैं तो थोडा होश में था लेकिन चाची तो पूरी टल्ली सी हो चुकी थी. और शराब के नशे में वो अपनी दुखी कहानी कहने लगी मुझे. उसकी बातों से मुझे पता चला की चाचा चाची को सही टाइम नहीं दे पा रहे थे और इस वजह से उनका सेक्स लाइफ अब उतना इंटरेस्टिंग नहीं आहा था. ये सब सुनके मैं अन्दर से खुश हो रहा था क्यूंकि अगर वो खुश होती अपने पति से तो बहार के लंड थोड़ी ना लेती.

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मैं सविता चाची को ले के डांस फ्लोर पर चला गया. चाची शराब के नशे में टल्ली होने की वजह से नाच नहीं पा रही थी और बार बार लुडक सी रही थी. मैं ऐसे में सविता चाची के बदन का पूरा मजा ले रहा था. धीरे धीरे मैं उसकी गांड और चुचियों को दबाने लगा और वो धीरे धीरे से अह्ह्ह श्ह्ह्ह करने लगी थी. मैं बहुत एक्साइट हो चूका था. और मैं वहां पर कोई सिन नहीं करना चाहता था तो मैं जल्दी से चाची को ले के आर पर आ गया.

घर पर उस वक्त कोई नहीं जाग रहा था. निचे के कमरे में दोनों बच्चे सो गए थे. और किचन के पीछे के कमरे में नोकर रामुकाका. मैं चाची को ले के ऊपर के फ्लोर में बेडरूम में गया और अन्दर जाने के बाद मैंने कमरे को बंद कर दिया. मैं नहीं चाहता था की चाची होश में आये तो मैं एक बोतल ले के आ गया शराब की और फिर से हम दोनों साथ में पिने लगे. चाची अब एकदम हाई हो गई थी नशे के अन्दर. मैंने अब चाची को गले लगा के उसे समझाया की लाइफ में ये सब चलता हे. और उस वक्त भी मेरा लंड खड़ा ही था.

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