मोटे लण्ड की तमन्ना

मैं सिसक उठी..
भले ही मैं छीनाल थी, पर उसका लण्ड बहुत मोटा था.. जिसके कारण, वो मेरी चूत मे नहीं गया..
विशाल ने कहा – यार, हमने इसे ग़लत समझा… इसकी चूत तो बहुत टाइट है… अंदर ही नहीं जा रहा…
गांडू, चूत कसी होने का मतलब ये नहीं है की साली छीनाल नहीं है… बस, रंडी को, बहुत दिनों से कोई तगड़ा लण्ड नहीं मिला… बिचारी का पति, लुल्ला है… ये कहते हुए विक्की ने मेरी चूत पर तेल डाल कर, मेरी चूत को पकड़ कर फैला दिया और सभी ज़ोर ज़ोर से हँसने लगे…
अब विक्की ने, विशाल को इशारा किया और विशाल ने एक जोरदार धक्का लगाया…
“फुक्कककक” की आवाज़ के साथ, उसके लण्ड का सुपाड़ा मेरी चूत मे समा गया..
मेरी चूत में दर्द का भूचाल आ गया और मैं तड़प उठी…
विक्की, सही कह रहा था।
बहुत दिनों से मुझे कोई तगड़ा लण्ड नहीं मिला था और आप तो जानते ही हैं, मेरे पति का लण्ड सही में, लुल्ला ही है..
दर्द से मचलते हुए, मेरी सिसकारियाँ निकाल गई – अयीईयी या हह मां… तेरी मां की चूत, बहन के लौड़े… निकाल, अपना लण्ड… तेरी अम्मा का भोसड़ा, मादरचोद… आहआआआआहहहहह्म्म… दर्द हो रहा है साले, गाण्ड के छेद… रंडी के पिल्ले, मेरी चूत फाड़ दी, तूने… अहमाम्म्माआआह… इतना दर्द तो तब भी नहीं हुआ था, जब मेरी सील टूटी थी, भोसड़ी वाले… तेरी मां रंडी, बहन छिनाल… बहन की चूत, तेरी मादरचोद… निकाल… आहहहहहहहहहहहहहहह…
अब मैं छूटने की कोशिश करने लगी, पर मैं तीन तीन बलिष्ठ मर्दो की बाहों में थी और बस कसमसा कर रह गई..
मैंने दोनों हाथों से विक्की को पकड़ लिया और अपने नाख़ून उसके बदन में गहराई तक उतार दिए।
वो बुरी तरह, चीख उठा..
मुझे दर्द तो हो रहा था पर मैं बहुत, उत्तेजित थी।
तभी विशाल ने, एक और झटका लगाया और मेरी चूत ने विशाल के लण्ड पर पानी छोड़ दिया…
अब मेरी चूत ने, विशाल के लण्ड को जगह दे दी..
विशाल धीरे धीरे अंदर बाहर करते हुए, मुझे चोदने लगा… !!
इससे कुछ ही देर में, मैं भी मस्ती में आ गई..
अब मैं बोल रही थी – म्म्मह… चोद, विशाल चोद… उन्हम्म्म… अहः अहह आ या उंह… ऐसे ही, ऐसे ही, ऐसे ही… मादर चो द द द द द दद… आ आ आ आ आ आ आह मां… ज़ोर से, और ज़ोर से… हाँ हाँ हाँ… मां की चू त त त त त… बना दे, मेरी चूत का भोसड़ा… तेरी, बहन की चूत… चोद मुझे, अपनी बहन और मां समझ कर… मां के लौड़े, तेरी रंडी बहन भी ऐसे ही कूद कूद कर चुदवाती होगी… आह… मज़ा आ गया, यार… मार ना, और ज़ोर से मार… बहन चोद, तेरी मां पर तेरे बाप ने रहम करी होती, तो आज तू यहाँ नहीं होता… लगा दम… लगा… हाँ… शबाश… चोद चोद चोद चोद चोद… आ आआ आआ आ आआ आआ… आआआआ आआ हहहहह म्म मम्म हह ह ह ह ह ह ह ह… आज से मैं, तुम तीनों की रंडी बन के रहूंगी… जब जी चाहे, मुझे चोदना… जैसे जी चाहे, मुझे चोदना…
ये सब सुनते ही विशाल जोश मे आ गया और उसने एक जोरदार धक्के के साथ अपना पूरा लण्ड मेरी चूत में अंदर तक उतार दिया और बोला – ले साली, रंडी… तू तो बहुत बड़ी छीनाल है… ले और ले…
अब मेरी चीख निकल गई – आह ह ह हह हहह… मर गई… तेरी मां की चू त त त तत…
अब तक, मेरी चूत पूरी तरह खुल चुकी थी…
मेरी चूत के दोनों किनारे, अपनी पूरी लिमिट तक खुल चुके थे..
मेरी क्लोरिटस तक, उसके लण्ड से रगड़ खा रहा था..
अब विशाल ने, अपनी स्पीड बहुत बड़ा दी।
मैं मदहोश होने लगी..
मैं लगातार झड़ रही थी और उसे गालियाँ बक रही थी…
मेरा योनि रस, नीचे बह रहा था.. ..
विशाल के अंडकोष और मेरी जागें, मेरे रस से भीग चुके थे… …
आज बड़े दिनों बाद, मोटे लण्ड से चुदवाने का मौका मिला था।
कितना मज़ा आ रहा था, मैं बयान नहीं कर सकती..
मेरे बहुत से आशिक रहे थे…
कज़िन भाई, देवर, यहाँ तक की एक दो बार तो दूसरे शहर में मैंने “अजनबी मर्दों” से भी चुदवा लिया था.. पर, आज लग रहा था की पहली बार किसी “असली मर्द” से चुदवा रही हूँ.. ..
अब राज बोला – सच में यार, विक्की… आज मुझे समझ आया, असली मज़ा तो साली रंडी और छीनाल लड़कियों को ही चोदने में आता है… ये सीधी साधी, शरीफ लड़कियाँ जो बस टाँगें खोल कर लेट जाती हैं, घर संभालने के लिए ठीक हैं… पर, अगर जिंदगी और चुदाई के मज़े लेने हैं तो इसके जैसी एक रंडी लड़की होनी चाहिए, यार…
विक्की बोला – चिंता क्यूँ करता है… इस साली छीनाल को ही हम, अपनी रखैल बना के रखेंगें…
फिर विक्की मुझसे बोला – काजल डार्लिंग… अभी तो बस, ये शुरूवात है… आज हम, तुम्हें और तुम्हारी चुड़दकड़ चूत को पूरी तरह से मज़ा देंगे… तुम आज का दिन, जिंदगी भर नहीं भूल पाओगी… तुम्हारी, बहन की लौड़ी इस चूत को हम पूरी तरह से फाड़ कर, उसका भोसड़ा बना देंगे… आज से तुम, हम तीनों की रखैल बन कर रहोगी…
उसकी यह बाते सुनकर, मैं फिर से झड़ गई और बोली – तेरी मां की चूत, बहन के लण्ड… बोल मत, करके बता… दिखा, तेरे लण्ड में कितना दम है… मुझे रखैल बनाएगा, हरामी… पहले अपने बाप का लण्ड निकाल कर ये तो देख ले की लौड़ा है या लुल्ला… कहीं, तेरी मां तो किसी और मर्द की रखैल नहीं है… भोसड़ी वाले, बातें मत कर… चूत मार, चूत… ज़बान नहीं लण्ड चला, अपना…
मेरी बातें सुनकर, विशाल का भी बदन अकड़ने लगा था..
वो मेरी चूत, 10-15 मिनट से चोद रहा था।
उसके झटके तेज़ होने लगे थे..
उसका एक एक धक्का, मेरे गर्भाशय तक महसूस हो रहा था।
अचानक से, मेरी चूत में ज्वालामुखी सा फुट पड़ा…
उसका वीर्य, मेरे गर्भाशय को भरने लगा।
मेरी भी चूत फट पड़ी और मैं भी उसके साथ एक बार फिर झड़ गई।
इस बार, मैं इतनी ज़ोर से झड़ी की रस के साथ साथ, मेरी मूत भी निकल पड़ी..
विशाल, मेरी मूत की धार अपने बदन पर लेने लगा और बोलने लगा – उन्ह: कितनी गरम है… और ज़ोर से मूत, छीनाल… आह हह…
अब मैं आँखें मूंद कर आनंद सागर में गोते लगा रही थी..
मेरी पूरी चूत फट चुकी थी और अंदर तक साफ दिखाई दे रहा था।
भले ही मैंने कितने भी लण्ड लिए थे, पर सब साधारण थे और कोई भी 6-7 इच से बड़ा नहीं था और किसी ने भी मुझे अब तक 15-20 मिनट तक तो नहीं चोदा था…
बातें कितनी भी बड़ी बड़ी क्यूँ ना कर लें, पर अच्छे अच्छे हटे कटे लड़कों और आदमियों को मैंने 10 मिनट से ज़्यादा टिकते नहीं देखा था…
कसम से, मज़ा आ गया था आज तो..
भले ही, चूत की मां चुद गई थी.. !!
खैर, राज ने मुझे अपनी गोद में उठाया और मुझे बाथरूम ले जा कर, मेरी चूत को धोकर साफ़ कर दिया।
तभी, विक्की वहाँ आ गया।
उसने अपना लण्ड हाथ में पकड़ रखा था और हिला रहा था..
उसका लण्ड, विशाल के लण्ड जितना ही बड़ा था पर थोड़ा मोटा था।
वो मेरे पास आया और मुझे किस करने लगा।
राज बोला – काजल, विशाल तो तुम्हें अपनी रखैल बना चुका है… अब बारी, विक्की की है…
मैंने कहा – मेरी चूत की बुरी हालत है… विक्की, आज तुम को अपनी होने वाली रखैल पे थोड़ा रहम करना पड़ेगा…
विक्की बोला – रहम बीबी पर किया जाता है रांड़, रखैल पर नहीं… आज तो तुम्हें हम लोगों से चुदवाना ही पड़ेगा… आज तुम तीनों की रखैल, एक साथ बनोगी…
और वो मेरे पास आकर, मुझे किस करने लगा।
राज ने मेरी चूत पर साबुन लगा दिया और विक्की को कुछ इशारा किया।
तभी विशाल बाथरूम में, मेरे सामने आ गया और बोला – तुमने चुदाई एंजाय की या नहीं… ??
मैंने कहा – बहुत मज़ा आया… पहले, थोड़ा दर्द तो हुआ पर ऐसी चुदाई के लिए, मैं कोई भी दर्द बर्दाश्त कर सकती हूँ…
राज ने कहा – सुहागरात तो तुम्हारी चूत विशाल के साथ मना चुकी है… अब मेरा क्या… ??
मैं उसका इशारा समझ गई और मैं थोड़ा आगे की तरफ उसके लण्ड को किस करने के लिए झुकी..
वैसे ही, विक्की ने अपना लण्ड कुतिया स्टाइल में, मेरी चूत में डाल दिया..
साबुन लगा होने के कारण, उसका लण्ड एक ही बार में मेरी चूत को चीरता हुआ मेरे ग्रभाशय में समा गया..
उसका लण्ड, थोड़ा ज़्यादा मोटा होने के कारण मैं चीख उठी – मा द र चो द द द…
मैं आगे खिसक कर उसका लण्ड निकालना चाहती थी पर उसने मौका नहीं दिया..
उसने फ़ौरन, मेरी कमर को पकड़ कर मुझे चोदना चालू कर दिया…
पूरे बाथरूम में मेरी सिसकारियाँ गूंजने लगी – आ ईईईईईईईईईईईई या अ… आआ आआ आआ आआआ… सूअर के बच्चों, आनह: मां… तुम्हारी मां की चूत में सांड़ का लण्ड… उफ्फ या इ या… मर जाउंगी, बहन के लौड़ो… आहहहहहह… थोड़ा धीरे चोदो…। तुम्हारी अम्मा ने क्या गधे के लण्ड से चुदवा के तुम्हें निकाला है, जो इतने बड़े और मोटे हैं, तुम लोगों के लौड़े… आह ह ह ह म म म हह… मेरी चूत की मां चोद डाली, रे… मां की चू त त तत तत… अपनी बहन की चूत भी, ऐसे ही चोद्ते हो क्या… साले, टट्टी खाने वालों… तुम्हारे लण्ड इतने बड़े हैं की तुम तो अपनी मां की चूत का भी भोसड़ा बना दो… आआ आआ आ आ आ आ आ आहहहहहह…
चिंता मत कर, रंडी की बच्ची… हम तीनों पहले ही, एक साथ अपनी मां और बहनों को चोद चुके हैं… उनकी गाण्ड का छेद भी चाट चुके हैं… टट्टी तो हम, आज तेरी निकालेंगें… फाड़ के रख देंगें, तेरी गाण्ड भी मां की लौड़ी… जब से तू जिम में आई है, हम तुझे चोदने का मौका ढूंढ रहे थे… साली छीनाल, बड़ा मज़ा आता है ना तुझे लौंडों के लण्ड को तड़पाने में… हरामजादी, इतने गहरे टॉप पहन पहन कर, अपने मम्मे दिखा कर उकसाती है, तेरी मां का भोसड़ा… बहुत गाण्ड मटकाती है, साली रांड़… आज चोद चोद कर, तेरी इसी गाण्ड से टट्टी ना निकाल दी तो कहना… ये ले – और ये कहते हुए राज ने एक जोरदार तमाचा, मेरी झुकी हुई गाण्ड पर मारा…
फिर, करीब 2-4 मिनट की चुदाई के बाद, विक्की ने अपना लण्ड बाहर निकल लिया..
मैं तब तक, 3 बार और झड़ चुकी थी..
विशाल ने अब साबुन उठाया और मेरे पूरे शरीर पर लगा दिया और इसी बहाने मेरी गाण्ड पर भी बहुत सारा साबुन लगा दिया।
इससे पहले मैं कुछ समझ पाती, राज ने मुझे मजबूती से पकड़ लिया और विशाल ने मेरी टांगे फैला दी और विक्की ने एक ही झटके में अपने लण्ड का सुपाड़ा मेरी गाण्ड में पेल दिया…
आ आ आ आआ आआ आआ आआआ आआआ आआआ आहह हहह हहह हहहह हहहह आआआआआआआआआआह… मां की चू त त त त त त त त त त त त त त त त त त त त त त त तत तत ततत ततत तततत… आ ज त क मैं ने क भी कि सी से गा ण्ड न हीं म र वा ई मा दा र चो द… मे रे प ति त क को भी मैं गा ण्ड न हीं मा र ने दे ती… बा ह र नि का ल ल ल ल ल ल ल ल ल ल ल ल ल ल ल ल ल ल… ते री मां का भो स ड़ा, ब ह न के लौ ड़े… …
पर, विक्की मेरी गाण्ड को मारता चला गया और जड़ तक लण्ड पेल कर ही रुका और रुक कर मुझसे बोला – मेरी जान, अब तो करके दिखाने का मौका आया है… कैसे छोड़ दूं…
और धीरे धीरे वो अपने लण्ड को अंदर बाहर करने लगा और 3-4 मिनट, मेरी गाण्ड मारने के बाद, वो मेरी गाण्ड में ही झड़ गया……
मेरे दोनों छेद की अब तक, मां चुद गई थी.. !!
मैं गरम पानी से नहा कर, थोड़ा रिलैक्स हुई और जिम टेबल पर आराम के लिए लेट गई।
इतनी बार झड़ने के कारण, अब मुझे कमज़ोरी आ रही थी।
लेकिन, राज का “भूसंड लण्ड” तो अभी बाकी था…
सो राज ने मेरे पास आकर, मेरी चूत पर हाथ रखा..
मैं बोली – इन दोनों ने मेरे दोनों छेद को फाड़ कर, मेरी मां चोद डाली है… अब तुम कौन सा छेद, फाड़ोगे… ??
राज बोला – चिंता मत करो… मुझे तो चुदी हुई चूत, चोदने में भी बहुत मज़ा आता है… मेरा लण्ड, इन दोनों से बड़ा है… इसलिए, जब भी हम रंडी लाते हैं मैं हमेशा आख़िर में उसको चोदता हूँ ताकि रंडी बिदक ना जाए और ज़्यादा पैसे ना मांगे…
जैसा मैं आपको पहले बता ही चुकीं हूँ, राज का लण्ड सबसे बड़ा और मोटा था.. ऐसा लण्ड, मैंने आज तक नहीं देखा था..
हालाकी, अब तक मेरी मैया चुद गई थी और मुझ में खड़े होने की भी ताक़त नहीं थी.. पर राज का खड़ा हुआ मूसल सा लण्ड देख कर, मेरी साली हरामजादी चूत फिर से गीली हो गई थी और इधर राज ने हाथों से सहलाकर, मुझे और गरम कर दिया था..
अब मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसके लण्ड को पकड़ लिया और उसे सहलाने लगी।
सच में वो लण्ड, बहुत बड़ा था…
मेरे पति के लण्ड का तो कम से कम, दोगुना था..
मुझे अपने पति से कोई शिकायत नहीं है, पर राज का लण्ड देखकर लगा मेरे जैसी चुड़दकड़ के नसीब में लुल्ली ही क्यूँ लिखी थी..
काश, समीर का लण्ड भी राज जैसा होता…
राज के लण्ड के लिए, मैं हर पीड़ा बर्दाश्त करने को तैयार थी…
राज ने कहा – काजल, मैं चाहता हूँ तुम मेरे ऊपर बैठ कर मेरे लंड की सवारी करो… मैं तुम्हें चोदते हुए, तुम्हारे ये मस्त गोल गोल दूध हिलते हुए देखना चाहता हूँ…
ये कह कर राज नीचे लेट गया और मैंने ऊपर आकर, उसके बालों भरे सीने पर हाथ फेरा..
उफ्फ!! क्या “बलिष्ठ शरीर” था, राज का…
मैं उसकी रखेल, दासी, रंडी जो वो चाहे बनना चाहती थी।
मेरी छीनाल चूत, उसके मस्त लंड के लिए तड़प उठी थी..
जी चाहता था, उसके लंड पर फेविकोल डाल कर हमेशा के लिए अपनी चूत में ही घुसा लूं।
खैर, मैंने उसके लण्ड का सुपाड़ा अपनी चूत पर रखा..
उसने मेरी कमर पकड़ कर, मुझे सहारा दिया और मैं उसके शानदार लण्ड पर बैठती चली गई..
करीब 4-5 इंच अंदर लेने के बाद, मैं रुक गई।
दर्द का, “मधुर अहसास” था..
मैं धीरे धीरे, ऊपर नीचे होने लगी।
उसका लण्ड, उसे अधिक अंदर नहीं जा रहा था।
जैसे ही, मैंने ज़ोर लगाया, मेरी चूत झड़ गई और उसका लण्ड पूरा योनि रस से नहा गया..
ये देखकर, विशाल मेरे पास आया और उसने ज़ोर से मुझे राज के लण्ड पर बिठा दिया..
मैं चीख पड़ी – आ आआ आआहहहहहहहहहह… विशाल, मां के लौड़े… तेरी बहन की चूत… उन्हमम्ममममहह… तू क्यूँ अपनी मां चुदा रहा है, बीच में… इईईया… गांडू, हो गया ना तेरा अब… अब शांति से बैठ, बहन के लंड… नहीं तो, तेरी मां चोद दूँगी… भोसड़ी वालों, आज मेरी चूत का कचूमर निकाल दिया, तुम लोगों ने… साले कुतिया के पिल्लों, तुम्हारी मां की तरह पैदाइशी छीनाल नहीं हूँ, मैं… अब बर्दाश्त नहीं कर पा रही हूँ… इतना मर्दाना जोश है तो जाकर, अपनी मां बहन को साथ में चोदो…
अब राज ने मुझे अपनी गोद में उठा लिया, बिना लण्ड निकाले।
मुझे नीचे किया और चोदना शुरू किया.. !!
उसका 6-7 इंच तक लण्ड घुसने के बाद, वो अंदर नहीं जा पा रहा था।
राज ने मुझे जकड़ते हुए एक जोरदार झटका दिया और मुझे पेट में महसूस हुआ जैसे बच्चे दानी में कोई बच्चा आ गया हो।
उसका लण्ड मेरे गर्भाष्या में था..
उसका एक एक धक्का, मुझे प्रसव का आभास करा रहा था…
करीब 10 मिनट तक ऐसे ही चोदने के बाद, उसने मुझे अपने बाहों में उठा लिया और खड़े खड़े अपनी गोद में लेकर चोदने लगा…
तभी उसी पोज़िशन में विशाल ने अपना लण्ड, मेरी गाण्ड में पेल दिया..
एकदम से घुसे लंड से, मैं चीख उठी – आ आ आ आ आ आ आ आ आ आहहहहहहहहहहहहहहहहहहहह… ते री ब ह न का भो स ड़ा… भ डु ए ए ए ए ए ए ए ए ए ए ए ए ए ए ए ए ए ए ए… ते री गा ण्ड मा रे हा थी मा द र चो द द द द द द… आहममम मम मां… मा र डा ला ला ला ला ला ला…
अब मैं, दोनों छेद से चुद रही थी..
इसी पोज़िशन में करीब 2-3 मिनट चोदने के बाद, विशाल मेरी गाण्ड में ही झड़ गया और राज ने मुझे अपने ऊपर लिटा लिया और पीछे से विक्की ने अपना लण्ड, मेरी गाण्ड में डाल दिया..
मैं दर्द से करहा रही थी – आ ह ह ह ह ह ह ह ह ह मां… न हीं ही ही ही ही ही… छो ड़ दो अ ब… र ह म क रो…
दो विशाल लण्ड, मेरी चूत और गाण्ड दोनों को लगातार फाड़ रहे थे और करीब 15 मिनट बाद, राज ने मुझे कहा मैं झड़ने वाला हूँ..
आख़िरकार, मुझे थोड़ी राहत महसूस हुई…
राज आदमी नहीं, “सांड़” था.. !!
जितनी देर में विशाल और विक्की दोनों मुझे 2-2 बार चोद चुके थे, राज ने एक बार चोदा था…
जिंदगी में पहली बार, मुझे एक “असल मर्द” से चुदने का मौका मिला था.. ..
सो, मैंने कहा – राज सारा रस मेरी चूत में ही डाल दो… जो होगा, देखा जाएगा… मैं गोली खा लूँगी या एबॉर्शन करा लूँगी… पर, तुम्हारे माल की गरमी मैं महसूस करना चाहती हूँ…
राज ने मेरे पूरे गर्भाष्या को, अपने वीर्य से भर दिया।
करीब 4 घंटे की जबरदस्त चुदाई के बाद, मैं जब घर पहुँची तो सीधे समीर को गले लगा लिया और उसे सारी चुदाई की बात बताई और उससे कहा – इस चुदाई ने, मेरी हर तमन्ना पूरी कर दी है… …
समाप्त… …

यह कहानी भी पड़े  चाचीजान के बदन की गरमी

Pages: 1 2 3

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!