मेरी गरम मामी की गरम चूत

हेल्लो, मेरे सभी प्यारे दोस्तो मैं राहुल अपनी चुदाई से भरी हुई जिंदगी से एक प्यारा और मस्त किस्सा आज आपके लिए ले कर आया हूँ. मुझे उम्मीद है आपको मेरी कहानी पसंद आएगी, इसलिए मैं बिना टाइम वेस्ट किए सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ.

मेरी ये कहानी आज से 4 साल पहले की है, जब मैं मामी के घर रहने के लिए गया था. अब मैं वाहा क्यो और केसे गया, मैं आपको ये भी बता देता हूँ. ताकि आप सब को कहानी अच्छे से समझ आ जाए.

ये बात तब की है जब मैं **त क्लास मे पढ़ा करता था. मेरे मामा की शादी अभी 1 साल पहले हुई थी. मामा का नया घर हमारे घर 20 की.मी दूर था. इसलिए मैं कभी कभी उनके घर जाता था.

मामा एक सरकारी जॉब करते थे, और मामी भी सरकारी टीचर लगे हुए थे. मामी अभी 23 साल की एक जवान लड़की थी. उनका रंग गोरा तीखे नैन नक्श और सेक्सी फिगर की मालकिन थी. मेरी मामी का फिगर कुछ ऐसा है, 34-28-36.

इतने मस्त फिगर को देख कर अच्छे से अछो का लंड पेंट मे खड़ा हो जाता था. मैं धीरे धीरे मामी का दीवाना होने लग गया. मुझे अपने मामा से बहुत जलन होने लग गई, क्योकि उन्हे इतना मस्त बॉम्ब रोज बजाने को मिल गया था.

मुझे अपनी मामी बहोत पसंद थी, मैं उन्हे एक रात के लिए अपना बनना चाहता था. और उन्हे खूब अच्छे से, प्यार और चोदना चाहता था. मैं उनको सोच कर मूठ मारने लग गया था.

एक दिन मैं जब स्कूल से वापिस आया तो मेरी मम्मी ने मुझे कहा की तूने अब अपनी मामी के पास रहना है, अपना सारा समान पॅक कर ले. मैने पूछा क्यो क्या हुआ.

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तब मम्मी ने मुझे बताया की तेरे मामा की बदली यहाँ से देल्ही हो गई है. पर तेरी मामी की बदली होने मे अभी टाइम लगेगा. इसलिए कल से तू उन्ही के पास रहना. उपर से तेरी मामी टीचर है, तो वो तुझे अच्छे से स्टडी भी करवा देगी.

मुझे मम्मी की बात सुन कर काफ़ी खुशी हुई, पर मैं मम्मी के आगे उदास सा मूह बना कर अपने रूम मे चला गया. रूम को अंदर से बंद करके मैं खुशी से उछलने लग गया. क्योकि मेरे दिल की इच्छा अब पूरी होने जा रही थी.

मैं जल्दी से अपना सारा समान पॅक करने लग गया. अगली सुबह मैं जाने के लिए तयार था. मुझे मेरे मामा लेने आ गये थे, फिर मैं उनके साथ चला गया. मामा ने मुझे बहोत कुछ समझाया और फिर वो मामी को किस करके चले गये.

अब मैं और मामी घर मे 6 महीने के लिए अकेले थे. मैं मामी के जिस्म को देख कर पागल हो रहा था. पहले 2 दिन तो ऐसे ही मैने शर्मा कर निकाल दिए. 3सरे दिन से हम दोनो मे बात चीत शुरू होने लग गई.

फिर हम दोनो काफ़ी घुल मिल गये और फिर हम दोनो काफ़ी देर तक बातें करते रहे. इतने घर मे एक बाथरूम और टाय्लेट के बीच एक ही दीवार थी. मैने उसमे एक छोटा सा छेड़ कर लिया.

फिर जब भी मामी बाथरूम मे नहाने के लिए जाती थी, तो मैं भी टाय्लेट मे घुस जाता था. मैं उस छेड़ मे से मामी के नंगे जिस्म का नज़ारा लेता था. मैं अपना लंड बाहर निकाल कर ज़ोर से मूठ मारने लग गया था. ये मेरा रोज काम हो गया था.

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अब मुझे इसमे बहोत मज़ा आने लग गया था. फिर मैं अब मामी को गंदी नज़रो से देखने लग गया. क्योकि वो ज़्यादातर ब्लाउस और साड़ी ही डालती थी, मेरी नज़र उनके बूब्स और कमर को ही देखती रहती थी.

मेरी ये हरकत शायद मामी को अच्छे से पता थी. फिर एक रात की बात है मैं और मामी डिनर कर रहे थे. मामी ने मुझे कहा की आज मैं उनके साथ उनके रूम मे ही साथ सो जाउ.

मैने झट से उनके साथ सोने के लिए हा कह दिया. फिर मैं और मामी रात को उनके रूम मे टीवी देखने लग गये. टीवी पर इंडिया और पाकिस्तान का मॅच आ रहा था, मैं और मामी उसे ही देख रहे थे.

मामी को मॅच मे ज़्यादा इंटेरेस्ट न्ही था. इसलिए वो बीच बीच मे सो रही थी, उनको नींद के झोंके आ रहे थे. नींद मे उनकी साड़ी का पल्लू नीचे हो रहा था. जिससे उनके बूब्स मुझे सॉफ सॉफ दिख रहे थे. जिससे मेरा लंड खड़ा होने लग गया.

मैं – मामी अगर आप को नींद आ रही है, तो आप प्लीज़ सो जाए.

मेरे ये कहते ही मामी लेट गई और सोने लग गई. मैं मॅच को देखने लग गया, तभी मेरा दिमाग़ खराब होने लग गया. मैने टीवी पर चॅनेल चेंज किया और एफ.टीवी लगा लिया. उस चॅनेल पर ब्रा पेंटी का शो चल रहा था.

उसे देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया. मैने फिर मामी को देखा उन्होने अपनी दोनो टाँगे मोड़ कर खोली हुई थी. मैं खड़ा हुआ और उनकी दोनो टाँगो के बीच देखने लग गया. मुझे अंदर चूत सॉफ दिख रही थी, ये देख कर मेरा और भी दिमाग़ खराब हो गया.

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