बनिये बनवारी ने मारवाड़ी भाभी को चोदा

अब बनवारी ने अपने एक हाथ से लाजो के कडक चुन्चो को पकड़ा और वो उन्हें दबाने लगा. भाभी की सांस फूली हुई थी. उसने कहा, जल्दी करो कोई आया जाएगा. बनवारी बोला, आज तो बहुत दिनों के बाद आई हो हाथ में अब जल्दी कैसे कर लूँ! थोडा रोमांस का मजा भी ले लेने दो मुझे.

कोई आ गया तो रोमांस अधुरा रह जाएगा जी.

यहाँ कोई नहीं आता हैं, ये बनवारी का गोडाउन है यहाँ चूत देने वाली और सामान लेने वाली ही आती हैं.

और फिर ब्लाउज के बटन को खोल के बनवारी ने भाभी को अपनी तरफ घुमाया. लाजो के दूध फुले हुए से थे. और बनवारी ने अपने मुह को वहां पर लगा के निपल्स को चुसना चालू कर दिया. वो जैसे भाभी के दूध को पी लेना चाहता था. लेकिन भाभी को अभी बच्चा नहीं था इसलिए दूध कहा से आता.

बनवारी के लौड़े को भाभी ने अपने हाथ में पकड़ा और उसे स्ट्रोक करने लगी पेंट के ऊपर से ही. और बोली, बड़ा हथियार हैं आप का तो.

बनवारी ने कहा, चला भी बहुत है ये हथियार.

हां वो तो सुधा मौसी कहती है की आप अच्छे नेचर के नहीं हो, उधारी दे के चोदते हो सब को.

उसने ये नहीं कहा की वो कितनी बाद अपनी मरवा चुकी हैं उधारी के चक्कर में. अब मैं नहीं चोदता इसलिए मैं बुरा हो गया. मैं तो समाज सेवा करता हूँ, दुखियारी औरतो को उधार और फ्री में किराना देता हूँ. और बदले में वो मुझे चोदने देती है. और ऐसे कहते हुए बनवारी ने लाजो भाभी को घुटनों पर बिठा के अपना लंड उसके मुहं में दे दिया. लाजो ने भी बड़े ही सटीक ढंग से लंड को मुहं में ले लिया और वो उसे चूसने लगी. लाजो का मुहं पूरा फुल गया था ये बड़ा लंड उसके अन्दर जाने से.

यह कहानी भी पड़े  मामू से कराई बुर की सफाई

और वो मुहं में घुसे हुए ब्लेक लंड को अपनी जबान से चाट के बनवारी को सुख दे रही थी. बनवारी ने हाथ को उसके बूब्स पर रखा और उन्हें दबाते हुए वो जोर जोर से हिलाने लगा बूब्स को. बनवारी खुद बोरी के ऊपर बैठा हुआ था इसलिए उसके हाथ बूब्स तक आसानी से पहुँच रहे थे.

दो मिनट तक लंड चुसाने के बाद अब बनवारी ने लाजो भाभी को बोरी के ऊपर ही ओंधा सा कर दिया और पीछे से उसकी चूत के होल वही पड़े हुए कनस्टर से थोडा तेल निकाल के लगा दिया. फिर अपने लंड पर भी उसने तेल लगाया.

लाजो ने दोनों हाथ से अपने चूतड़ खोले और बनवारी ने पच की आवाज से पूरा लंड एक में ही अन्दर कर दिया. लाजो के ऊपर व लेट सा गया और उसका लंड मजे से लाजो की चूत में घुस गया था.

लाजो ने पहली बार तेल वाली चूत में लंड लिया था इसलिए आज उसके लिए सब से इजी पेनेट्रेशन हुआ था. बनवारी का गरम गरम लंड उसकी नली में था और वो खुद चूतड़ पकड के लेटी हुई थी. बनवारी ने कंधे के ऊपर चुम्मा दिया और फिर कमर को अपने दोनों हाथ से पकड लिया. और फिर उसका लंड पचक पचक के साउंड के साथ लाजो भाभी की चूत में अन्दर बहार होने लगा था.

लाजो भाभी के मुहं से ह्ह्ह्ह अह्ह्ह ओह ह्हह्ह्ह अह्ह्ह्ह निकल रहा था. और बनवारी ने थोडा ऊपर उठ के लंड का पेंच पूरा फसाया हुआ था बुर के अन्दर. और वो जोर जोर से धक्के मार के चोदता ही रहा कुछ देर.

यह कहानी भी पड़े  पति के सामने चुदाइ का मजा

अब बनवारी ने कहा, पीछे लिया है कभी?

हां लिया हैं

मेरा ले लो गी?

आज नहीं फिर कभी, अभी मुझे जल्दी घर जाना हैं सक्कर ले के.

बनवारी ने कहा, फिर मुझे चुम्बन दो ताकि मेरा पानी जल्दी से छूटे.

अब बनवारी ने लाजो को सीधे कर दिया और मिशनरी पोज में चोदने लगा. साथ में दोनों एक दुसरे को कस के चुम्बन कर रहे थे और लाजो भाभी की चूचियां बनवारी की छाती से दबी हुई थी.

एक मिनिट तक बनवारी और जोर जोर से लंड को चूत में घोंपता रहा. और तब भाभी अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह्ह मार डाला मुझे अह्ह्ह अह्ह्!

फिर अगले ही पल बनवारी के लंड ने लावा उगल दिया. लाजो की चूत में इतना पानी निकला की बहुत सब बुँदे ओवर फ्लो हो के बहार भी आ गई. बनवारी ने खड़े हो के लंड को साफ़ किया पुराने पेपर की रद्दी से. और उसने एक पेपर लाजो को भी दे दिया चूत साफ़ करने के लिए.

वो चूत साफ़ कर रही थी तब उसकी थैली में बनवारी ने करीब पांच किलो जितनी सक्कर ऐसे ही बिना तौले हुए भर दी! चुदवा के और सक्कर ले के ये मारवाड़ी भाभी अपने घर की तरफ चल पड़ी.

गोडाउन का दरवाजा खोला तो देखा सामने सुधा मौसी बरामदे में थी और वो लाजो को देख रही थी.

लाजो ने कहा, सक्कर लेने आई थी.

Pages: 1 2 3

error: Content is protected !!