मालकिन की बूढी चूत शांत की

मालकिन ने कहा, साले हरामी नाटक कर रहा था सोने का कब से और अब राजा हरीश बन रहा हे. हरामी चूप से लेटा रहे और ये ले मेरी भोसड़ी में अपनी जबान को डाल! मालकिन ने अपन नाइटी को खोली और अपनी कच्छी को हटा के अपनी चूत मेरे मुहं पर रख दी. वो कामुक हो गई जब मैंने अपनी जबान को उसकी चूत के ऊपर घिस के चाटना चालू कर दिया!

मैंने उसकी बूढी चूत के अन्दर अपनी पूरी जबान डाल दी और उसको सुख देने लगा. वो मेरे माथे को अपनी चूत के ऊपर दबा के बोली, चाट मेरी गरम बुर को जोर जोर से!

मैंने अब अपने लंड को 69 पोजीशन बना के मालकिन के मुहं में दे दिया. और वो कस कस के ब्लोवजोब देने लगी थी मुझे. हम दोनों एक दुसरे को ओरल सेक्स का मज़ा दे रहे थे. मालकिन एकदम जोर जोर से सक कर रही थी और लंड को हिला भी रही थी. मैंने कहा अह्ह्ह्ह अह्ह्ह मेरा पानी निकलेगा!

और सच में मेरे लंड का रस मालकिन के मुहं में ही निकल पड़ा. वो सब पी गई और बोली, साले जवान हो के भी इतनी जल्दी झड़ जाते हो. मैंने कहा, मादरचोद रंडी साली निचे देख अभी तेरी चूत में घुसने के लिए खड़ा हे मेरा लोडा!

मैंने मालकिन के बाल पकडे और उसे बिस्तर में फेंका. फिर मैं उसके ऊपर आ गया. उसने अपने हाथ से अपनी बूढी चूत के ऊपर मेरे लंड को सेट किया. एक ही झटके में मालकीन का सब घमंड दूर कर दिया मैंने. लंड उसकी चूत में डीप तक घुस गया था और वो अह्ह्ह अह्ह्ह्ह करने लगी थी.

यह कहानी भी पड़े  दूकान पर आई खूबसूरत लड़की को चोदा

मैंने कस कस के चोदा उसे मिशनरी पोस में और वो भी कुल्हें उचका उचका के लंड को भोग रही थी मेरे. कुछ देर इस पोस में चुदने के बाद मैंने मालकिन को कहा ऊपर आना हे?

वो बोली, लंड की सवारी?

मैंने कहा हां!

वो मेरे लोडे की सवारी करने लगी. और मैं निचे से उसकी चूत को ठोकने लगा. मालकिन के बूब्स मेरे सामने उछल रहे थे उनको भी मैंने चूस लिया.

बीस मिनिट तक मैंने चूत को चोद चोद के लाल किया. और मालकिन मेरी इस चुदाई से दो बार झड़ चुकी थी. फिर मैंने आखरी झटके दे के अपने लंड का सब पानी उसकी चूत में खाली कर दिया. वो तृप्त हो के मेरे पास ही लेट गई. मैंने उसके बूब्स चुसे और उसने लंड को हिला के कहा, रवि आज से मकीं तुम्हारी गुलाम, जब कहूँ मुझे चोदना प्लीज़.

मैंने कहा, चोदुंगा ना मेरी रंडी और तेरी तो गांड भी मारूंगा. माधुरी दीक्षित के जैसी गांड हे!

और फिर मेरा और मालकिन का अफेयर चालू हो आया. मालिक को दूकान पर छोड़ के मैं दिनभर घर में रहता था और मालकिन की चूत और गांड से मजे करता था.

फिर मुझे एक सेज में अच्छी जॉब मिली तो मैंने ड्राइविंग छोड़ दी. लेकिन मेडम ने तो कहा हे की तू वो जॉब मत कर मैं बहुत पैसे देती रहूंगी तुझे. लेकिन मैंने सोचा की ये साली अपनी हवस के लिए मुझे रोक रही हे. एक दो साल में उसका मासिक बंद हुआ फिर वो मेरी गांड पर लात मारेगी. मैंने कहा मेडम मैं आप को मिलता रहूँगा जब भी आप का मन करे. लेकिन मुझे जॉब करनी हे.

यह कहानी भी पड़े  मौसी के चक्कर में माँ चुद गईं

वो बड़ी दुखी हुई थी जब मैं उसके वहां से गया था.

लेकिन मैं आज भी छुट्टी मिले तो उसे चोदने जाता हूँ.

Pages: 1 2

error: Content is protected !!