मामी की जबर्जस्ती चुदाई

वो रोने लगी, प्लीज मनीष ऐसा मत करो मेरे साथ. में तुम्हारी मामी हूँ. मेरी इज्ज़त मत ख़राब करो. में तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूँ.

मैंने मामी से कहा कि इतनी मस्त जवानी है. फ्री में ख़तम हो रही है. हमारे घर पर रहती हो. तो क्या इतना सब भी नहीं कर सकती लेकिन वो सिर्फ रो रही थी.

मैंने कहा कि अगर तुम नहीं मानी तो तुम पर झूठा इलज़ाम लगा कर घर से बाहर निकलवा दूंगा. यह कहते ही वो डर गयी. वो वापिस अपनी बहुओ के पास नहीं जाना चाहती. मैंने कहा कि में जो करना चाहता हूँ मुझे करने दो किसी को पता भी नहीं चलेगा. अब वो चुप हो गयी. मैंने लोहा गरम देख कर हथोडा मार दिया.

मामी को पलंग पर लिटा कर चाकू साइड में रखा और मामी ने सपर्पण कर दिया. में मामी को बुरी तरह चूमने लगा. उनका ब्लाउज फाड़ दिया और ब्रा भी फाड़ के फेंक दी. और घागरा भी खोल कर फेंक दिया. अब मामी मेरे सामने बिलकुल नंगी थी.

मामी के बूब्स इतने बड़े और गोल मटोल टाइट थे कि क्या बताऊ. मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि एक 45 साल की ऐज में औरत इतनी जयादा सेक्सी हो सकती है. में मामी को पूरा चूसने लगा. वो अभी भी रोये जा रही थी. और अपने आप को छुड़ाने की भीख मांग रही थी.

लेकिन में नहीं रुका और मैंने मामी के बूब्स पर हमला बोल दिया. उनको बुरी तरह मसलने लगा. खूब चूसा अपने दांत गढ़ा दिए. अब मामी को दर्द होने लगा. उसने अब वापिस संघर्ष करना शुरू कर दिया. उसने देखा कि चाकू दूर रखा हुआ है.

यह कहानी भी पड़े  डॉक्टर रश्मि की चालाकी -1

तो वो अब हाथ पाँव चलाने लगी . मामी शरीर की काफी हेल्ती थी तो वो अपना पूरा जोर लगाने लगी मुझे दूर करने के लिए. लेकिन में दूर नहीं हो रहा था. अब मुझे लगा कि अब जयादा टाइम देना ठीक नही.

तो मैंने मामी को चोदने के लिए मामी की टाँगे खोलनी चाही. लेकिन उसने दोनों टांगो को बिलकुल बाँध लिया था और मुझे धक्का देने लगी. इतने में उसने मुझे धक्का दिया और बाहर की तरफ भागी.

लेकिन पूरे घर में अँधेरा होने की वजह से वो एक चेयर से टकरा गयी और गिर गयी पर अब भी वो संभल कर भागने की कोशिश कर रही थी. वो घर से बाहर जाना चाहती थी. लेकिन मैंने उसे पकड़ लिया. अब भी वो तैयार नहीं थी. इतने में मुझे बहुत गुस्सा आ गया. पर मैंने आराम से अपना दिमाग चलाया.

मैंने मामी की चूत में उंगली डाल दी जिस से वो थोड़ी ढीली पड़ी और इतने में मैंने उसे गोद में उठाया और वापिस रूम में ले आया और पलंग पर पटक दिया और रूम लॉक कर दिया. वो फिर से उठने की कोशिश कर रही थी लेकिन में अब पूरा गुस्से में था . मैंने उसे धक्का दे कर लिटा दिया और खुद उस पर चढ़ गया.

अब मेरे पास एक यही तरीका था में फटाफट उसको चोद दूँ. उसकी चूत इतनी चिकनी लग रही थी कि किसी के भी मुह में पानी आ जाये. लेकिन उसने अपनी टाँगे फिर से बाँध ली. इस बार मैंने उन्हें अलग किया और टांगो के बीच में आ गया. तब वो अपनी चूत के आगे हाथ लगाने लगी.

लेकिन मैंने उसका हाथ हटा दिया और अपने एक हाथ से उसके दोनों हाथो को ऊपर की ओर पकड़ लिया और दुसरे हाथ से अपने लोडे को उसकी चूत पे सेट किया. वो हलकी सी गीली थी. मैंने लंड को सेट कर के ज़ोरदार शॉट लगाया और पूरा लौंडा मामी की चूत में चला गया.

यह कहानी भी पड़े  साधु बाबा के साथ कामुकता शांत की

मामी के मुह से चीख निकल गयी. उसे चुदे हुए १०- १२ साल हो गए थे. चूत बहुत ज़यादा टाइट थी. अब मैंने ज़ोरदार शॉट लगाने शुरू किये. उसकी आँखों से दर्द के आंसू आने लगे. लेकिन में नहीं रुका.

मुझे अपने ऊपर गर्व हो रहा था कि में एक २६ साल का लड़का एक 45 साल की औरत की चूत मार के उसकी हालत ख़राब कर रहा हू. अब मामी कमज़ोर पड़ने लगी थी और बेसुध सी हो गयी. अब वो समर्पण कर चुकी थी.

मैंने १ घटे तक मामी को बहुत चोदा. हर तरह से चोदा और जगह जगह से काट भी लिया. उसकी चूत सूज गयी थी. वो भी मस्ती में धीरे धीरे आःह्ह…… अह्ह्ह्ह…. की सिस्कारिया निकाल रही थी और मैंने गोलिया खा रखी थी और में रुक भी नहीं रहा था. बस पुरे पुरे शॉट लगा रहा था.

इतने में मामी बेहोश हो गयी. में फटाफट किचिन में गया और पानी लेकर आया. पानी के छींटे मामी के मुह पर मारे. वो जैसे ही होश में आई मैंने फिर से उसकी चूत में लौडा पेल दिया और पुरे शॉट लगाने लगा.

अब मामी समझ चुकी थी कि आज वो नही बच सकती और मैंने मामी को चोद ही दिया और एक घटे बाद अपना सारा माल मामी की चूत में छोड़ दिया और पूरी रात कई आसनो में चुदाई की.

Pages: 1 2 3

error: Content is protected !!