माँ की गांड मारी बेटी के सामने

रजनी ने अपनी साडी के पल्लू को हटाया. उसके बूब्स जवानी में बड़े थे. लेकिन अब ढलती हुई उम्र में उसके अन्दर भी टेढ़ापन आ गया था जैसे. निपल एकदम ब्लेक हो गए थे और बूब्स एकदम निचे की और झुके हुए थे. ब्लाउज ना भी पहने तो कोई दिक्कत नहीं थी. ब्लाउज के बटन खोल के वो ब्रा खोल रही थी. दिव्या के माथे को पकड़ के राज ने उसे अपने लंड की तरफ धकेला और बोला, सक इट बेबी.

दिव्या राज का लंड चूसने लगी. और उधर उसकी माँ ने अपने बदन के बाकी के कपडे भी खोल दिए. रजनी आंटी की चूत ऐसी थी जैसे कबूतर का बड़ा घोंसला हो. उसकी झांट शायद कितने बरसो से बनाई नहीं गई थी. वही हालत पीछे भी थी. गांड के होल के ऊपर तो बाल थे ही, कमर के निचले हिस्से में भी बाल उग निकले थे. राज ने रजनी आंटी को पकड़ के दिव्या के पास बिठा दिया.

और फिर उसने दिव्या के मुहं से लंड को बहार निकाला. रजनी आंटी बेचारी कुछ कहना चाहती थी. जैसे ही उसने मुहं खोला राज ने लंड ठूंस दिया. और बाल पकड के मुहं को एकदम फास्ट फास्ट चोदने लगा. रजनी का मुहं दुखा दिया था उसने. रजनी के बाल खींचने से उसे दर्द भी हो रहा था. लेकिन वो कुछ कह न सकी और अपना मुहं चुद्वाती रही.

राज बड़ा गुस्से में था और वो कस कस के रजनी के मुहं को फक फक चोदता रहा. दिव्या साइड में खड़ी हुई अपनी माँ की बदहाली को देख रही थी. रजनी देवी के मरे हुए से बूब्स हवा में पुरे ऊपर निचे होते थे जब राज का धक्का आता था. और उसका बूढ़ा सा मुहं लंड के सुपाडे और डंडे से जैसे पूरा भर चूका था. उसकी आँख में नमी थी जो आंसू ही थे.

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दिव्या को माँ की दया आ रही थी. लेकिन उसकी इस हालत की वो खुद ही जिम्मेदार थी. लेकिन उसके दिमाग में एक बात चल रही थी की राज कहता हे की माँ नोकर का लंड लेती हैं. लेकिन अभी उसकी माँ जैसे मज़बूरी में लंड को चूस रही थी.

अब राज ने रजनी को घोड़ी बना दिया और उसकी गांड के ऊपर जोर जोर से तमाचे लगाए. रजनी कराह रही थी. उसने दोनों हाथ से घेहूँ की बोरिया पकड़ी हुई थी. और राज ने पीछे गांड के ऊपर हाथ मार के वो बोला, चल गांड खोल इसकी दिव्या!

दिव्या ने मजबूर में गांड खोल दी माँ की. और राज ने बिना किसी नोटिस के अपने लंड को एकदम से रजनी की बूढी गांड में घुसेड दिया. दर्द की वजह से रजनी तडप के रह गई. उसकी गांड में पूरा लंड तो नहीं घुसा था लेकिन फिर भी वो जैसे फट के हाथ में आ गई थी. राज और जोश में आ गया और उसने दिव्या को किस किया और एक धक्के में पुरे लंड को गांड में डाल दिया.

रजनी अब रोने लगी थी. लेकिन राज को फिर भी दया नहीं आई. 5 मिनिट कस के गान मारने के बाद राज ने अपना पानी रजनी की गांड में ही निकाला. रजनी थक के निचे गिर पड़ी. राज ने अपने पाँव से उसके कपडे उसकी तरफ फेंके. और वो बोला,

राज: चल जल्दी से कपडे पहन के दरवाजे के ऊपर पहरा दे, अब मैं तेरी बेटी के साथ कुछ देर प्यार करूँगा.

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रजनी ने रोते हुए कपडे पहने और आंसू पौंछ के वो दरवाजे के ऊपर पहरा देने चली है!!!

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