मा बहन की चुदाई पापा और अंकल ने की

अह्ह्ह्हह्ह ऊउईईईइ माँ, मेरी माँ के मुहं से सिसकी निकल पड़ी! अंकल ने लंड को एक मिनिट ऐसे ही रहने दिया और वो हाथ आगे कर के उसके बूब्स को नोंचने लगे.

उधर बापू के हाथ भी मेरी बहन की जवान चुन्चियों के ऊपर थे और वो उन्हें मसल मसल के लाल कर रहे थे. मेरी बहन एकदम सेक्सी हे. उसका फिगर राजस्थानी ट्रेडिशनल कपड़ो में भी मस्त लगता हे. वो पढ़ी लिखी हे और बापू माँ उसके लिए रिश्ता देख रहे थे. और रिश्ता देखने के काम उन्होंने इस राघव अंकल को ही दिया था जो अभी मेरी माँ की गांड मार रहा था!

राघव अंकल ने अब एक और धक्का मारा और माँ की गांड में अपने अंडे तक लंड को घुसेड दिया. माँ छटपटा उठी और वो गिर ही जाती अगर अंकल ने कमर ना पकड़ी होती. इतना जबर का धक्का ले लिया था माँ ने अपनी गांड के अन्दर.

उधर बापू का होने को था और उन्होंने अपने लंड को बहार निकाल के मेरी छोटी बहन के मुहं में दे दिया. मेरी बहन जैसे चोकलेट खा रही हो वैसे वो बापू के काले लंड को चाटने लगी. बहन ने बापू का पूरा लंड अपने मुहं में ले के चुसना चालू कर दिया. साली रंडी!

बापू के लंड को दो मिनिट जितना चूसा था की उसके अंदर से मलाई निकल पड़ी. और मेरी बहन ने सब चाट ली. फिर वो अपने कपडे सही कर के खड़ी हुई. बापू ने भी अपनी धोती से अपने लोडे को साफ किया और वो कपडे पहन के बैठ के अपना हुक्का सुलगाने लगे.

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उधर माँ की गांड और 10 मिनिट चुदी. अंकल का लंड बेबाक सांड के जैसे अंदर बहार हो रहा था. और माँ की चुदाई की सब खुजली को मिटा रहा था. माँ की गांड में लंड पुरे धक्के खा रहा था और अन्दर बहार हो रहा था. माँ भी गांड को पीछे मार के लंड से लड़ रही थी जैसे. माँ ने और पांच मिनिट तक गांड को हिला हिला के लंड भोगा. और फिर अंकल के लंड का पानी गांड में ही ले के माँ लेट गई. अंकल ने माँ की साडी से ही लंड साफ़ किया और वो खड़े हो के कच्छा पहनने लगे. बापू ने उसे हुक्का दिया और वो गुड गुड करने लगे दोनों.

माँ पांच मिनिट के बाद खड़ी हो के कपडे सही कर के उन्के साथ बैठ गई. बहन सब के लिए चाय ले के आ गई.

राघव अंकल ने कहा: डॉक्टर बन रहा हे लौंडा. आप लोगो को दहेज़ भी नहीं देना हे. एक बार उहाँ शादी हो गई तो बिरादरी में आप की नाक चार गुना बढ़ जायेगी.

माँ: भाई साहब आप कुछ भी कर के बात चला दे मुन्नी की, हम आप जो कहेंगे वो करते रहेंगे.

बापू ने हुक्के की गुड गुड को थोडा रोक के कहा: और सभी काम पहले से कर लेती हे, बिस्तर में भी पति की खूब सेवा करेगी.

दोस्तों ये सब देखने के बाद मैं वहां से वापस निकल आया. उसी दिन से मेरे घर में रहने की हिम्मत नहीं हुई. हालांकि मैं और एक महिना था वहां पर. और अक्सर राघव अंकल माँ को चोदने भी आता था. उसने मुन्नी की मंगनी उस डॉक्टर से करवा दी थी. और मैं जहां तक जानता हूँ शादी के पहले राघव अंकल ने भी मेरी बहन के साथ सुहागरात मनाई थी!

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