किरायेदार की बीवी को कुतिया बनाकर जम के पेला

फिर रेखा को मैंने जैसा कहा वैसे ही वो लेट गई और मैंने पीछे से अपना लंड उसकी खुली चूत में डाल दिया और चुदाई करने लगा। मेरा लंड जब चूत के अंदर जाता तो चूत के होंठ अंदर घुस जाते थे और जब लंड बाहर निकलता था तो चूत के होंठ मेरे लंड से साथ चिपककर बाहर आ जाते। दोस्तों मुझे भी यह देखकर चुदाई करने का बहुत मज़ा आ रहा था। रेखा की गांड का छेद थोड़ा सा अंदर बाहर हो रहा था और मैंने एक ऊँगली में तेल ले लिया और उसकी गांड के छेद पर लगाया, जिसकी वजह से रेखा और तेज मोनिंग करने लगी और में अपनी एक ऊँगली से धीरे धीरे उसकी गांड के छेद की मसाज कर रहा था।

फिर करीब दस मिनट मैंने ऐसे ही चुदाई कि और अब मेरा दबाव बढ़ने लगा। में ज़ोर से लंबे धक्के मारने लगा और तेज़ी से चुदाई करने लगा। अब रेखा को समझ में आ गई कि अब में झड़ने वाला हूँ और वो भी अपना पानी रोक रही थी। आख़िर मैंने पहली ज़ोर से वीर्य की पिचकारी मारी और भाभी के मुहं से ओह्ह्ह्हहह आह्ह्हह्ह मेरे राजा निकल गया। फिर उसके बाद मैंने दूसरी तीसरी वैसे ही करते करते हुए में दस बार लंबी मोटी गरम वीर्य की पिचकारी मरता रहा और भाभी आअहह्ह्ह्ह ओउुउह्ह्हह मेरी जान बोलती रही और झटका मारती रही। रेखा का भी पानी इसी दौरान निकल गया जिस दौरान मेरा रस निकल रहा था तो उसकी गांड बीच बीच में सिकुड़ जाती में कुछ देर उसकी कमर पकड़कर ऐसे ही रहा और मेरा लंड था कि अभी भी खड़ा था और चूत के अंदर ही था। फिर थोड़ी देर बाद मैंने फिर से धक्के देकर चोदना शुरू कर दिया, वो भी बरसों की प्यासी थी इसलिए मेरा साथ देने लगी। दोस्तों उस रात को मैंने उसको करीब तीन बार चोदा और रात को करीब दो बजे वो फिर से अपने कमरे में चली गयी ।।

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धन्यवाद .

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