जीजा और साली का हनीमून

हेलो दोस्तो , मेरा नाम मीना है, और मैं छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पास एक गाँव की निवासी हूँ। मेरी उम्र अभी 20है मेरे वक्ष का साइज़ 34, कमर 30 और गांड 34 की है। नैन-नक्श से हुस्न की मल्लिका हूँ मैं। मेरे स्तन गोल-मटोल हैं और निप्पल भूरे रंग के हैं। मेरी इस पहली कहानी में मैं बताऊंगी कि मैने अपनी सील कैसे अपनी जीजू से तुड़वाई। कम उमर से ही मेरी सहेली ने मुझे यौन शिक्षा में प्रवीण कर दिया था। मैं चूत, लण्ड, चूचियों के बारे में सब जानने लग गई थी। मेरी सहेलिया अकसर अपनी चुदाई की कहानी मुझे सुनाती रहती थी। जिससे मेरी चुत गीली हो जाती थी और मुझे भी लंड लेने की चाह हो जाती पर मैं घर वालों के डर से लड़कों के चक्कर में पड़ने से डरती थी.

हालांकि बहुत लड़के मुझ पर लट्टू थे और मेरी जवानी के रस को निचोड़ना चाहते थे. मैं अपने घर बाथरूम में अक्सर अपनी नंगी जवानी देख, अपने स्तनों को दबाती सहलाती चूत के गुलाबी होंठों को छेड़ लेती. अपनी उंगली साबुन से चिकनी करके अपनी चूत में हल्के हाथ से डालने की कोशिश करती औऱ दाने को रगड़ कर मजा ले लेती ।यह घटना दो साल पहले की है जब मै 12वी मे थी. एक दिन दी और जीजू हमारे घर आए थे. मेरे जीजू अभी 26 और दीदी 23 की है जीजू और मेरे बीच अक्सर हसी मज़ाक होती रहती थी , दीऔर जीजू जब भी हमारे घर आते उनके लिए अक अलग ही कमरा होता . एक दिन जब मै जीजू को जगाने उनके कमरा मे गयी तो जीजू का लंड उनके अंडरवेर से बाहर निकला हुवा मै तो बस आँखे फाडे उनका 7\’\’का लंड को देखती रही तभी मुझे ना जाने क्या हुवा की मै उसका लंड को हाथो मे लेके खेलने लगी तभी जीजू जाग गये और मै वाहा से भाग गयी अब तो जीजू अकेले मे मेरी बोबे और चूतड़ दबा देते थे,

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शाम को मुझे मेरी सहेली की बहन की शादी मे मेहंदी लगाने रायपुर जाना था तो जीजू बोले की चलो मै तुम्हे छोड़ दूँगा और वही से ही अपने काम मे चला जाऊंगा चुकी उस दिन जीजू का नाइट शिफ्ट डुयेटी थी और रायपुर के पास की एक कमपनी मे जॉब करते है और उनका घर भी रायपुर ही है,फिर हम दोनो मेरी सहेली घर गये और वाहा पर मैने पहले दुल्हन फिर मेरी सहेली और आठ दस लोगो की मेहंदी लगाई तब तक जीजू वही पर बैठे मेरी इंतजार कर रहे थे,फिर हम जीजू की बाइक पर वापस घर आ रहे थे पूरे रास्ते जीजू मुझसे फर्ल्ट करते आ रहे थे तभी जीजू ने बाइकअपने घर की वोर मोड़ दी और जब मै पुछि की जीजू हम कहा जा रहे है तो बड़ी बेसर्मी से कहा -जानेमन हम अपनी हनीमून मे जा रहे है तेरी जवानी मसलने,तुझे अपनी बनाने के लिए ,जीजूक्या यह सब ठीक है? हम दोनों जवानी के नशे में दीदी को धोखा दे रहे हैं ,क्या करूँ? जब भी तुमको देखता हू सारी दुनिया भूल जाता हू मै तो बस तुम्हारी जवानी का दीवाना हू, हम जैसे ही घर पहुचे जीजू ने झट से दरवाजे को अन्दर से कुण्डी लगा दी और भागते हुए मेरे पास आ गया. उसने मुझे बेड पर गिरा दिया और मुझे किस करने लगा.

पहली बार अपनी जवानी को किसी मर्द की बांहों में डाला था. दीन दुनिया भूल हम एक दूसरे को पागलों की तरह चूम रहे थे. जीजू ने अपनी शर्ट उतारी और फिर मेरी कमीज उतार दी. काले रंग की ब्रा में दूध से सफेद मेरे कोरे चूचे खुले में देख जीजू पागल हो गया. उसने एक पल में मेरी ब्रा खोली और मेरे चूचों को आज़ाद कर दिया. जीजू ने मेरे छोटे छोटे निप्पलों को मुँह में भर कर चूसा तो मैं मदहोश, पागल सी होने लगी और मैंने उसके लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया. उसने पैंट भी उतार दी. मैंने देखा कि उसका लंड उसके अंडरवियर को फाड़ने पर उतारू था. जब उसने अंडरवियर भी उतारा तो पहली बार हक़ीक़त में लंड सामने देख घबरा गई. उसका तना हुआ सांवला 7-8\’ लंड था.मीना मेरी जान, यह तुम्हारा है … इससे खेलो, चूमो, चाटो सहलाओ. पहली बार इतना बड़ा लंड देखी थी तो मै बस आँखे फाड़ लंड को देखती रही तभी जीजू ने मेरे मुँह में लंड डाल दिया और मैने गु …..गु…गु…गुपप.. करके लंड चूसने लगी फिर तोड़ी देर बाद जीजू ने मेरी टांगें फैला बीच में बैठ अपने होंठ मेरी नर्म कुँवारी गुलाबी चूत पर टिका दिए औऱ चूत चूसने लगा. जब उसने मेरी चूत में जीभ घुसा कर घुमाई,

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तो मैंने उसके बालों में हाथ फेरते हुए उसके सर को चूत पर दबा लिया. बस कुछ ही पलों में मैं अपने चूतड़ उठा उठा चूत चटवा रही थी. फिर उसने मेरी कच्ची और यौवन से भरी जवानी को लूटने का अगला कदम उठाते हुए मेरी टांगें उठाईं और और अपनी कंधो पे रखकर मेरी कमर के नीचे तकिया और रुमाल रख कर लंड चूत पर टिका दिया.मेरा बदन थोड़ा कांप सा उठा. क्यू की मेरी सहेली ने एक बार बताया था कि जब चूत पहली बार फटती है, तो बहुत दर्द होता है.जीजू ने तरीके से मेरे होंठों को होंठों में भर कर, थूक से गीला करके लंड कोमेरी चुत मे लंड डालते ही समझो, मेरी तो जान ही निकल गई उम्म्ह… अहह… हय… याह… उसका इतना बड़ा लंड जब मेरी चूत में गया, तो ऐसा महसूस हुआ कि जैसे मैं मर ही गई. मेरी सांसें मानो रुक गईं … उसने मुझे जकड़ते हुए एक औऱ झटका मारा औऱ मेरी चूत फट गई. कुछ खून की धार से निकल गई.और मेरी चीख इतनी ज़ोर से निकली की पूरा कमरा गूँज गयी उउईए…….. माआ………. मर.. गई..रे आअहह……

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