कच्ची कली कंचन की कामुकता

कंचन चिल्लाने लगी ओइईईई.. माँ… आ.. उई.. मे मर जाउंगी.. तुम अपना लंड निकाल डालो मुझसे दर्द बर्दाश्त नही होता… लेकिन मे कहा सुनने वाला था. मेने धीरे धीरे धक्के मारने शुरू कर दिए क्या चूत थी उसकी आहा मेरा लंड तो पूरा पीस चुका था. उसकी चूत मे. फिर धीरे धीरे उसको भी मज़ा आने लगा ओर मेने भी अब अपनी स्पीड बड़ा दी. फिर क्या वो भी मस्त हो गई थी और हम दोनो मस्ती से चुदाई करने लगे।

20 मिनिट तक चोदने के बाद मे झरने के करीब था तब तक वो 2 बार झर चुकी थी और मेने अपनी स्पीड एक दम से बड़ा दी और 30 या 35 शॉट के बाद मे झड गया और अपना सारा वीर्य उसकी चूत मे डाल दिया. उसकी चूत मेरे वीर्य से भर गयी थी. हम दोनो ज़ोर ज़ोर से हाफ़ रहे थे और मे कंचन के उपर ही सो गया. 20 मिनिट तक हम ऐसे ही पड़े रहे फिर मे उठा ओर कपड़े पहनने लगा ओर हमने फिर खाना बनाया और साथ खाना खाया।

उसे ठीक से चलने मे कठनाई हो रही थी. फिर वो करीब 10:00 बजे वापस घर चली गयी. उसके बाद जब भी मौका मिलता है कंचन मुझसे ज़रूर चुदवाती है और मे उसे खूब अच्छी तरह से नये नये स्टाइल मे चोदता हूँ।

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