हब्बी ने नीशी को रंडी बनाया

मै – सुनो, आअहह मै रंडी नही हू, आउच माइ गॉड, मेरे हब्बी से कल झगड़ा हो गया था आआहह, ओह फुक्कककक कुत्ते, इस लिए मूड स्विंग करने आई थी आहह.

प्रिन्स – जो भी है तू, साली, तू मेरी रखेल बन कर रहेगी, रंडी कुतिया.

आअहह फुक्ककककक मर गाइिईई, मुमह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह.

फिर उसने मेरी गांड मे लंड डाला, और उसके दोस्त ने मेरे बाल खिच कर किस करना स्टार्ट किया, ओएमजीजीजी, आउच कल का दर्द अभी भी था और फिर से, 20 मिनिट बाद प्रिन्स ने फिरसे चूत मारना शुरू किया, कुतिया आहह ओएमजी, मेरा पानी निकल गया, फिर भी वो मुझे चोदता रहा, अहहह ओएमजी, ओ येस, फुक्ककक उहह, ईडियट.

थोड़ी देर बाद वो भी झड़ गया, फिर शाम को उसने मुझे मेरे कपड़े मोबाइल पर्स दिया..

प्रिन्स – रंडी, कॉल करू तब आ जाना चुदने, पैसे मिल जाएँगे.

ये बोल कर उसने अपना कार्ड और कैश मेरे पर्स मे रख दिए, मै चुपचाप हब्बी के आने से पहले घर आ गयी.

अब जाने का टाइम हो गया, गाइस, फिर से मिलूंगी देसीकहानी.नेट पर, एसी ही सेक्सी हिन्दी स्टोरी के साथ, मुझे और नये डीटेल मे आइडियास चाहिए, और तुम सब के कॉमेंट्स भी,

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