होली का दिन या चुदाई का दिन

ये कहते ही वो मुझे और ज़ोर ज़ोर से चोदने लग गया. मेरी चूत पूरी तरह से फट गई थी. उसका लंड मेरे बच्चेदानि पर जा लग रहा था. जिससे मुझे सच मे दर्द हो रहा था. उधर मैने देखा की मम्मी मेरे बेहोश पड़े पति का लंड निकल कर चूस रही है. ये देख कर मुझे घुस्सा आया और मैं मम्मी से बोली.

मैं – ओ मम्मी मेरा पति उठ गया ना तो मैं तो गई समझो. आप प्लीज़ कुछ मत करो मुझे आप मज़े लेने दो ना प्लीज़.

मम्मी – साली रांड़ चुप चाप चुद तू, मुझे अच्छे से पता है मैं क्या कर रही हूँ. आई साली मुझे समझने वाली.

मुझे पता था की मम्मी मेरी सुनने वाली नही है. इसलिए मैं चुप चाप बैठी राहुल से चुद रही थी. राहुल मेरी चूत को अपने लंड से चोद रहा था. मेरी चूत पानी पानी हो चुकी थी. पर राहुल का लंड अभी भी पूरे जोश मे था. मुझे तो ऐसा लग रहा था की मानो ये लंड आज मेरी जान निकाल कर ही दम लेगा.

मेरी चूत को अच्छे से चोदने के बाद राहुल ने मुझे सोफे पर ही घोड़ी बनने को कहा. मैं चुप चाप घोड़ी बन गई फिर उसने मम्मी को इशारा किया. मम्मी मेरे मूह के पास आ कर खड़ी हो गई. और मेरे मूह मे अपना राइट वाला बूब्स घुसा दिया. मैं कुछ समझ नही पा रही थी.

तभी राहुल ने अपना लंड मेरी गांड पर सेट किया और एक जोरदार धक्के से अपना लंड आधा मेरी गांड मे उतार दिया. मेरी एक बार फिर से जान निकल गई. मैं मम्मी का बूब्स अपने मूह मे पूरा लिया हुआ था. इस लिए मेरी आवाज़ बाहर नही आ सकी. उसके बाद राहुल ने एक बार फिर से एक और धक्का मारा और इस बार राहुल का पूरा लंड मेरी गांड के अंदर समा गया.

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मुझे बहोत दर्द हो रहा था मैं दर्द के मारे रोने लग गई. पर राहुल पूरा जंगली बन चुका था. उसने मेरी कमर को पकड़ा और मेरी गांड को ज़ोर ज़ोर से मारने लग गया. मुझे दर्द तो बहोत हो रही थी पर मज़ा भी बहोत आ रहा था. राहुल एक सेकेंड के लिए भी नही रुक रहा था. मेरी गांड मे पूरा लंड अंदर तक जाते हुए मुझे सॉफ सॉफ महसूस हो रहा था.

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कुछ देर बाद राहुल ने अपने लंड का सारा पानी मेरी गांड मे ही निकाल दिया. और हम दोनो शांत हो कर सोफे पर ही बैठ गये. कुछ देर बाद राहुल ने मुझसे अपना लंड अच्छे से चुसवाया और उसका लंड फिर से खड़ा हो गया. और एक बार मेरी फिर से जम कर चुदाई हो गई थी. मेरे पति के उठने से पहले मेरी चूत ने 8 बार अपना काफ़ी सारा पानी निकाल दिया था.

तो दोस्तो ये थी मेरी होली के दिन रंडी बनने की कहानी.

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