होली का दिन या चुदाई का दिन

मैं – मम्मी प्लीज़ सॉरी मुझे माफ़ कर पर मुझे इस टाइम लंड की बहोत ज़्यादा ज़रूरत है. मेरी चूत पागल हो रखी है लंड के लिए. प्लीज़ मुझे ये लंड लेने दो. ये तो आपकी है आप जब चाहे जब ले सकती है. प्लीज़ आज ये लंड मेरे नाम कर दो.

मम्मी – बेटी मैं तेरी मा हूँ ले आज के लिए ये लंड तेरा है. कर ले अपनी चूत को शांत इससे. ओ राहुल मेरी बेटी को रंडी समझ कर चोद. जिससे कम से कम 1 महीना इसकी चूत लंड ना माँगे.

राहुल – आप फिकर मत करो अब आप देखो मैं इसका गला चूत और गांड कैसे फाड़ता हूँ.

ये कहते ही राहुल खड़ा हो गया और मेरे बाल पकड़ कर मुझे नीचे ज़मीन पर घुटनो के बल बिठा दिया. राहुल का लंड मेरे होंठो पर लगा हुआ था. मैने हल्के से अपना मूह खोला और राहुल का लंड मेरे मूह के अंदर तक घुस गया. मैं बड़े प्यार से राहुल का लंड चूस रही थी. और अपने मूह मे अंदर तक ले रही थी. राहुल का लंड काफ़ी बड़ा था. करीब 8 इंच का लंड था. पर मैं बड़ी मुश्किल से करीब 5 इंच लंड ही अपने मूह मे ले पा रही थी.

मैं पूरे मज़े मे लंड चूस रही थी. मेरे मूह की थूक मेरे मूह से नीचे ज़मीन पर गिर रही थी. तभी मम्मी बोली आराम से क्या कर रहा है चोद साली का मूह पूरा चोद दे. मम्मी के कहने की देर थी. राहुल ने मेरा सिर अपने दोनो हाथो से पकड़ा और ज़ोर ज़ोर से मेरा मूह चोदने लग गया.

उसका लंड अब पूरा मेरे मूह था. करीब 3 इंच लंड मेरे गले के अंदर घुसा हुआ था. मुझे सांस लेने मे बहोत ज़्यादा मुश्किल हो रही थी. मेरी दोनो आखों मे आँसू आ गये थे. पर मैं फिर भी सब कुछ सहन कर रही थी. मम्मी लगातार कह रही थी चोद इस साली का मूह फाड़ दे गला, साली रांड़ कहीं की. राहुल अपना लंड एक सेकेंड के लिए मेरे मूह से निकलता था.

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तो मेरे मूह से ढेर सारी थूक नीचे गिर जाती थी. फिर से वो अपना लंड मेरे गले मे उतार देता था. ऐसा उसने करीब 25 बार किया और उसके बाद मेरी हालत सच मे बहोत खराब हो गई थी. मेरी दोनो आँखे आँसू से भरी हुई थी मैं रोने लग गई थी. मेरी आँख नाक मूह सब कुछ गीला हो चुका था. मैने कभी सोचा भी नही था की मेरे साथ कभी ऐसा भी होगा.

फिर राहुल ने मुझे सोफे पर बिठाया और मेरी दोनो टाँगे उप्पर उठा कर मेरी चूत चाटने लग गया. उसका चूत चाटने का ये तरीका मुझे सच मे बहोत पसंद आया. मम्मी मेरे दोनो बूब्स चूस रही थी. मैं एक मिनिट मे ही गरम हो गई.

मैं अपनी गांड उठा उठा कर अपनी चूत राहुल से चटवा रही थी. मुझे सच मे बहोत मज़ा आ रहा था. ऐसा लग रहा की काश हमेशा के लिए राहुल की जीब मेरी चूत पर लग जाए. फिर मैं हमेशा इसकी जीब से अपनी चूत चटवाती रहूं.

मैने राहुल का सिर पकड़ लिया था. और अपनी चूत मे उसका सिर दबा कर लगा दिया था. नीचे से मैं अपनी चूत गांड को उठा उठा कर अपनी चूत राहुल से चटवा रही थी. राहुल की जीब मेरी चूत पर नीचे से उप्पर हो रही थी. मेरी चूत उसकी थूक से गीली हो चुकी थी. मुझे सच मे आज चूत चटवाने मे बहोत मज़ा आ रहा था. इस मज़े मैं अपने सारे दर्द भूल गई थी.

कुछ ही देर मे मेरी चूत ने काफ़ी सारा पानी राहुल के मूह के उप्पर छोड़ दिया. राहुल भी मेरी चूत के पानी को अपनी जीब से चाट-चाट कर अच्छे से सॉफ कर रहा था. और अपनी जीब को मेरी चूत के अंदर तक डाल कर बचा हुआ पानी भी बाहर निकाल रहा था.

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करीब 10 मिनिट बाद उनसे मेरी चूत को अंदर से भी अच्छे से सॉफ कर दिया. मेरा जिस्म अब जवाब दे चुका था. मैं काफ़ी ज़्यादा थक चुकी थी और मैं सोना चाहती थी. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मेरी दोनो आँखें बंद थी और मैं थोड़ी देर रेस्ट कर रही थी. पर मुझे तभी अपनी चूत पर मुझे महसूस हुआ. इससे पहले मैं कुछ समझ पाती की ये क्या है. तब तक मेरी चूत मे राहुल का 8 इंच का लंड पूरा घुस चुका था. मेरी जान निकल गई थी मेरा मूह और आँखें खुली की खुली रहे गई. मुझे इतना दर्द कभी नही हुआ. मैं घुस्से मे धीरे से बोली.

मैं – साले आराम से चोद ले, पता भी है कितना दर्द होता है. मेरी चूत अंदर तक फट गई है मुझे लगता है.

राहुल – साली मैं फाड़ने वाला ही हूँ. अबी तो चूत फाडी है अब देख तेरी गांड भी मैं ही फाड़ुँगा.

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