होली का दिन या चुदाई का दिन

उधर मेरे पति नीचे सबके साथ खेल रहे थे और फिर मम्मी के बुलाने पर उनके साथ बैठ कर बाते मार रहे थे. वो दोनो बहोत अच्छे से बाते मार रहे थे और काफ़ी हस भी रहे थे. ये देख कर मुझे बहोत ज़्यादा खुशी मिल रही थी.

फिर मैं उप्पर वाले कमरे मे आ कर दरवाजा बंद कर दिया और लॉक लगा दिया. उस कमरे मे बैठ कर अपने कपड़े उतार रही थी और वाहा पर लाइट भी ऑन थी क्योकि वाहा से मुझे कोई देख नही सकता था.

मैने अपनी नयी जीन्स टॉप भी बाहर निकाल कर रख दी थी जो की अब चेंज करके पहननी थी. मैने जैसे ही अपनी टी- शर्ट उतारी तो मैने कमरे मे एक हलचल सी सुनी. ये सुन कर मैं थोड़ा डर गई की आख़िर कमरे मे है कौन.

फिर मैने इधर उधर देखा तो पाया की मेरा फ्रेंड राहुल मेरे सामने खड़ा था और मुझे निहार रहा था. ये देख कर मैं भी शरम से लाल- पीली हो गई और वही पर पड़ी चादर से खुद को छिपाने लग गई.

आपको ये तो बता दू की राहुल मेरा कज़िन ब्रदर है और शादी से पहले मैं उसके साथ काफ़ी बार सेक्स कर चुकी हूँ.

जैसे ही उसने मुझे ऐसे देखा तो वो बहोत खुश हो गया और मुझे देखता ही रहा. तब मैने उससे पूछा की तू यहा क्या कर रहा है. तो उसने मुझे बताया की आंटी के कहने पर तेरा यहा इंतेज़ार कर रहा हूँ.

और अब जा कर मेरा इंतेज़ार ख़तम हुआ है. और तुम मुझसे इतना शर्मा क्यो रही हो पहले तो मेरे नीचे ज़बरदस्ती आया करती थी और अब क्या हो गया है.

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मैं उसकी ये बात सुन कर थोड़ा खुद पर भी हैरान थी की मैं उससे इतना शर्मा क्यो रही थी. फिर भी मैं उसके सामने ऐसे ही खड़ी रही और अब वो मेरे पास आया और बोला- शालु इस चादर को हटा दो.

मैं – नही अब मैं शादी शुदा हूँ और अब मैं तुम्हारे साथ ये सब कुछ नही करने वाली हूँ.

राहुल – ठीक है पर तुम मुझे खुद को नंगी तो दिखा सकती हो. और गोड प्रॉमिस मैं तुम्हारे साथ कुछ नही करूँगा.

मैं – चलो ठीक है.

अब मैं उसकी बात मानते हुए कपड़े उतारने लग गई. कुछ पल बाद मे उसके सामने ब्रा और पैंटी मे थी जिसमे देख कर वो मुझे देखता ही रह गया.

तब मेरी नज़र भी उसकी पैंट पर पड़ी तो देखा की उसका लंड भी खड़ा हो रखा था. मैने अब उसके सामने पहले तो पैंटी उतार डाली और फिर उसके सामने अपनी ब्रा भी उतार डाली. जैसे ही मैने ब्रा उतारी तो वो मेरे गोरे- गोरे बूब्स को देखने लग गया.

राहुल – क्या मस्त फिगर हो गया है तेरा.

मैं – हाँ वो तो है.

राहुल – लगता है तुम्हारा पति खूब अच्छे से तुम्हे चोदता है. और अब तो मन कर रहा है की तुम्हे एक बार चोद डालु.

इससे पहले मैं कुछ बोल पाती, राहुल ने मुझे कमर से पकड़ लिया और मेरे बूब्स को अपने हाथो मे लेकर मसलने लग गया. पहले तो मैने भी ना किया पर जब उसका खड़ा हुआ लंड मेरी गांड पर लगने लगा तो मुझे भी मज़ा आने लग गया.

मैं अब अपनी गांड को हिला कर राहुल का लंड अपनी गांड पर महसूस कर रही थी. फिर मैं सीधी हुई और उससे चिपक कर उसके होंठो को अपने होंठो मे डाल कर चूसने लग गई. वो भी अब मेरा साथ देने लग गया और मेरे एक बूब को मसलने लग गया और दूसरे हाथ से मेरी चूत को रगड़ने लग गया.

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मैने भी देर ना करते हुए उसका लंड पैंट की जीप खोल कर बाहर निकाल लिया और हाथ मे ले कर उप्पर नीचे करने लग गई.

तब जा कर मैने राहुल को बताया की मैं इस लंड को काफ़ी टाइम से पाना चाहती थी.

राहुल – क्यो तुम्हारा पति तुम्हे खुश नही रखता क्या.

मैं – बात वो नही है. एक्चुअली वो सिर्फ़ मेरी चूत ही मारता है और तुम्हे तो ये पता ही है की मुझे लंड चूसना और गांड मे लेना कितना अच्छा लगता है. पर ये बात अपने पति से कैसे कहु.

फिर मैं उसके लंड को अपने मूह मे ले कर चूसने लग गई और बोली की मुझे तो इसका माल भी बहोत ज़्यादा पसंद है. इससे पहले मैं आगे कुछ कर पाती तभी डोर पर किसी का नॉक हुआ.

डोर पर नॉक होते ही मैने राहुल को क्यूबाय्ड मे छिपा दिया और अंदर से ही आवाज़ लगाई की कौन है. तब मेरे पति बोले की मैं हूँ. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मैं – ठीक है पर मैं अभी नंगी हूँ और कपड़े चेंज कर रही हूँ.

पति – तो क्या हुआ मेरी जान, ये तुम मेरे सामने भी कर लेना.

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