Hindi Porn Kahani हरामी बलमा

राजा ने अपनी ज़ुबान मेरी चूत में घुसा दी और मेरे चूतदों के नीचे अपने हाथ रख कर उप्पेर उठा दिया. उसकी उंगलियाँ मेरी गांद से टकरा गयी तो मेरी उतेज्ना तीन गुना हो गयी. राजा ने मेरी चूत का सारा भाग चूमा, चटा और अपनी एक उंगली को मेरी गांद पर रगड़ना जारी रखा.’ आहह राजा भैया….मेरी गांद को मत छुओ भाई, इसको छ्चोड़ दो…..मेरो चूत जल रही है…इसको खूब चॅटो भैया.’ मैने उसको रोका. लेकिन उसने अपनी उंगली पर क्रीम लगा कर मेरी गांद को चोदना शुरू कर दिया. क्रीम लगने से उंगली आसानी से गांद में घुस गयी और मैने भी विरोध बंद कर दिया. कुच्छ देर में उसने गांद में एक और उंगली डाल दी. मुझे दर्द हुआ तो राजा जा कर दो और ग्लास ले आया और मुझे ज़बरदस्ती पिलाने लगा. मुझे पर नशा चढ़ चुका था किओं की मैने पहले कभी शराब नहीं पी थी.

“अब मेरी रंडी नंदिनी बेहन को लंड चूसने की इच्छा हो रही है, ठीक है? चल चूस ले मेरी बहना, मेरा लंड तेरा ही तो है.” राजा बोला और शराब के नशे में मुझे रंडी कहे जाने का भी गुस्सा नहीं लगा. मैने झुक कर राजा का लंड मूह में डाल लिया. मैं उसका लंड चूसने लगी और वो मेरी गांद को सहलाने लगा. मेरी गांद दरवाज़े की तरफ थी और मेरा मूह उसके लंड पर उप्पेर नीचे हो रहा था कि अचानक किसी ने दरवाज़े पर लात मारी और दरवाज़ा खुल गया. मैने घबरा कर लंड मूह से निकाल दिया और दरवाज़े की तरफ देखा तो मेरी आँखें फटी की फटी रह गयी. दरवाज़े पर एक हॅटा कॅटा लड़का खड़ा था जो एक पहलवान लगता था. उसका कद कम से कम 6 फीट का होगा और वो मुस्कुरा रहा था.

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“अर्ररे राजा, साले बेह्न्चोद, ये क्या हो रहा है? बड़े मज़े से लंड चुस्वा रहा है इस रंडी से. हम को भूल गया मदेर्चोद? हम दोनो मिल बाँट कर खाते हैं हैं और चोद्ते हैं तो आज क्या बात हुई?” मैं घबरा कर राजा से लिपट गयी,” राजा भैया, ये कौन है? भैया तुमने दरवाज़ा बंद नहीं किया था?” मैने पूछा तो अजनबी हंस पड़ा” ओह तो ये तेरी जान है, साले? अगर तुम दोनो ये सब करते हो तो राजा मुझे अपना पार्टनर समझो. ऐसी मक्खन जैसी चूत ले कर च्छूपा बैठा है, साले, अपने भाई का ख्याल नहीं आया? और मेरी पत्नी, तेरा नाम क्या है रानी?” राजा गुस्सा होने की बजाए मुस्कुराने लगा,” नंदिनी दीदी, जैसे हम भाई और बेहन हैं, इस्सको अपना भाई बना लो. ये मेरा दोस्त ज़कु है. इस से कोई बात च्छूपी नहीं है, दीदी, आज हम दोनो दोस्त तेरी चूत और गांद की तस्सली करवाने वाले हैं. किओं भाई, माल कैसा लगा?”

मैं कुच्छ नहीं समझी. राजा ने मुझे जान बुझ कर अपने दोस्त के सामने भेंट किया था. आज राजा ने मेरे साथ विश्वासघात किया था. मेरा दिमाग़ सुध बुध खो बैठा. ज़कु भी अपने कपड़े उतारने लगा. उस मदेर्चोद का लंड कम से कम 8 इंच का था और मोटा भी बहुत था. वो मुझे बालों से पकड़ कर खींचता हुआ बोला,” रंडी, अब मेरा लोड्ा चूस जैसे अपने भैया का चूस रही थी. मैं तेरा पति हूँ और राजा मेरा भाई. हम दोनो मिल कर तुझे जान्नत ना दिखा दें तो मुझे कहना” नशे में मुझे अपनी ज़िल्लत भी अच्छी लगी किओं के मैं बे-इंतेहा चुदासि हो चुकी थी. जब मेरा यार राजा ही हरामी है तो क़िस्सी से क्या शिकायत करनी?

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मैं झुक कर अब ज़कु के लंड को चूसने लगी. ज़कु ने भी अपनी झांते शेव की हुई थी और उसके लंड से मुझे एक भीनी खुश्बू आ रही थी. मैने भी शरम छ्चोड़ कर पूरी बेशर्मी से उसके लंड को उप्पेर से नीचे तक अपनी ज़ुबान से चॅटा, उसस्के अंडकोषों पर ज़ुबान फेरी और उसकी गांद में उंगली घुसेड डाली. उतेज्ना से ज़कु तो फुदकने लगा,” वाह मेरी बीवी, वाह रंडी, तू तो बहुत बड़ी रंडी है, साली क्या लंड चुस्ती है. तेरी मा को चोदु, मैं झाड़ रहा हूँ, मेरी जान!” कहते ही ज़कु के लंड ने पूछकारी छ्चोड़ दी जो मेरे होंठों पर और चुचि पर जा गिरी.

अब राजा से बदला लेने की बारी थी,” राजा भैया, आपके दोस्त ने तो पिचकारी छ्चोड़ दी मेरे मूह पर और मेरी चुचि पर, इसको चट कर साफ कर दो ना, प्लीज़, राजा भैया. ज़कु, मेरे मालिक, अपने दोस्त से कहो ना मेरे होंठों और चुचिओ से आपका माल सॉफ कर दे.” मैने कहा तो ज़कु ने राजा की तरफ रौब से देखा. राजा शायद ज़कु से डरता था. वो एक दम से मेरी चुचि से लंड रस चाटने लगा. शकल से लगता था कि राजा को ये करना अच्छा नहीं लगता था लेकिन मज़बूरी में करना पड़ रहा था. मैं जान बुझ कर राजा को चिडाने के लिए कहा” शाबाश राजा भैया, आपके दोस्त के लंड का रस कैसा है, टेस्टी है ना? चट लो भैया, हो सकता है जिज़्जु आप से खुश हो कर आपको अपनी बेहन को चोदने का मौका भी दे दें” अगर राजा मुझे अपने दोस्त के साथ शेर करना चाहता है तो फिर वो वाकई ही अपनी बेहन को शेर करे.

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