Hindi Porn Kahani हरामी बलमा

मैं लंड के मज़े ले रही थी. मेरे चुटटर तकिये से उप्पेर उठने लगे और मेरे हाथों ने राजा की गांद को कस के पकड़ लिया जैसे मैं उसको अपने आप से अलग नहीं करना चाहती थी.” राजा मेरी चुचि चूसो, मदेर्चोद जल्दी करो, मैं बहुत उतेज़ित हूँ. मेरी चूत में खलबली मची हुई है, मेरा दिल अजीब स्थिति में है, मुझे ज़ोर से चोद राजा” मेरे राज शर्मा ..मेरे कहते ही राजा ने लंड को पिस्टन बना डाला जो मेरी चूत के अंदर बाहर तेज़ी से जाने लगा. मैं किसी कुतिया की तरह हाँफ रही थी. राजा भी पसीने से भीगा हुआ था. राजा के अंडकोष मेरी गांद को टक्कर मार रहे थे. तभी मुझे लगा कि मेरी चूत से कुच्छ बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था. मैं तेज़ी से कूल्हे उच्छालने लगी. मेरी चूत से एक रस की धारा उमड़ने लगी. मेरी जान ही निकल रही थी. तभी राजा के लंड से गरम लावा मेरी चूत में गिरने लगा. मुझे क्या हुआ, कुच्छ पता नहीं था. लेकिन 15 मिनिट के बात मैं निढाल हुई बिस्तर पर पड़ी थी और राजा अपना लंड चादर से पोंच्छ रहा था.

देसी मेरी चूत से रस टपक कर मेरी जांघों तक पहुँच रहा था. राजा ने मेरे चूतड़ पर थपकी मारते हुए कहा, “रानी, कल तुम मेरे घर आ जाना वहाँ कल कोई नहीं होगा. तुझे जी भर के चुदाई के मज़े मिलेंगे.” मैं उसको बोली,” राजा, मेरी चूत दुख रही है. क्या ऐसे ही कल भी दुखे गी? लेकिन मैं तेरे घर ज़रूर आयूंगी, मेरे हरामी बलमा”

राज शर्मा से चुदवाने के बाद मैं सारी रात गहरी नींद सोई. मेरी नींद भी चुदाई के सपनो से भरी हुई थी. मुझे चारों तरफ लंड ही लंड दिखाई दे रहे थे. कभी एक लंड मेरे मूह में होता और दूसरा मेरी चूत में. काई बारी तो लंड मेरी गांद में भी घुस जाता. मेरे पूरे जिस्म पर लंड स्पर्श कर रहे थे. सुबह जब उठी तो मैं फूल की तरह खिली हुई थी. वो रविवार का दिन था. पापा और मम्मी बाहर जाने वाले थे. मैने पढ़ाई का बहाना बना लिया और मा ने कहा” ठीक है लेकिन राजू का ख्याल ज़रूर रखना. वो बहुत आवारा हो गया है.” मम्मी ने कहा और वो चले गये. राजू अभी सो रहा था.

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मैं गुसलखाने चली गयी और नहाने लगी, मैने जब कपड़े उतारे तो मेरा जिस्म खिल उठा. मेरा गोरा बदन गुलाबी हो रहा था. मुझ पर चुदाई का नशा चढ़ रहा था. वा, औरत के लिए भगवान ने भी मर्द क्या चीज़ बनाई है और चूत के लिए लंड. मैने शीशे मैं जब अपना नंगा जिस्म देखा तो खुद ही उतेज़ित हो गयी. मेरी चूचियाँ कुच्छ अधिक ही फूल चुकी थी. मेरे निपलेस बहुत सख़्त हो चुके थे. मेरे सपाट पेट के नीचे मेरी चूत भी उभार पर थी. चूत पर छ्होटे छ्होटे बाल उग चुके थे. इनकी शेव करनी ज़रूरी थी और फिर आज तो मुझे राजा के घर भी जाना था कल वाला मज़ा लेने. राजा के मर्दाना जिस्म की याद में मेरी चूत भीग गयी और मेरा हाथ मेरी चूत सहलाने लगा. काश राजा मेरे पास चला आता.

मैने शेव क्रीम अपनी चूत पर लगाना शुरू कर दिया और रेज़र ले कर साफ करने लाफ़ी. रेज़र लगते ही मेरी चूत और गरमा गयी. उप्पेर से मैने शवर खोल दिया और नीचे से चूत की शेव करने लगी. मेरी चुचि कड़ी हो रही थी. मैने ज़ोर ज़ोर से अपनी चुचि को भींचना शुरू कर दिया. मुझे ध्यान ही नहीं रहा कि नीचे से ब्लेड ने मेरी चूत पर कट लगा दिया और खून बहने लगा. चूत की शेव हो चुकी थी लेकिन मैं एक हाथ से चूत में उंगली कर रही थी और दूसरे से अपनी चुचि मल रही थी. मेरे चूतड़ आगे पीच्छे हो कर मेरी चूत को उंगली से चोदने में मदद करने लगे.” ओह राजा, मेरे राजा साले चोद मुझे, मैं मरी, हाई हइईई” मेरे मूह से आहें निकलने लगी और उधर मेरी चूत पानी छ्चोड़ने लगी.” दीदी क्या हुआ? आपको चोट तो नहीं लगी? अगर चोट लगी है तो राजा भैया को बुला लूँ? आप चीख किओं रही हैं?” मेरा भाई राजू बाहर खड़ा पुच्छ रहा था.

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मुझे होश आया कि मैं बाथरूम में ही अपनी उंगली से झाड़ रही थी और मेरा भाई सोच रहा था कि मैं ज़ख़्मी हो गयी हूँ. मैं झट से नहा कर टवल लपेट कर बाहर निकली. मैने पहले चूत के कट पर आफ्टर शेव लोशन लगा लिया था.” मुझे कुच्छ नहीं हुआ, राजू. हम दोनो आज राजा भैया के घर चलेंगे, ठीक है? तुम वहाँ खेल लेना और मैं राजा से किताबें ले लूँगी.” राजू खुश हो गया और जल्दी से नहाने लगा. मेरी नज़र जब बाथरूम में पड़ी तो देखा कि राजू का लंड भी कोई 5 इंच का हो चुका था और मेरा भाई उसको मसल रहा था. इसका मतलब है के साला कुच्छ दिन में ये भी चोदने लायक हो जाएगा!

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