गर्लफ्रेंड की मम्मी की कामुकता जगाकर चुदाई

मैंने आंटी की कमर में हाथ डाल कर उन्हें कसकर पकड़ लिया, मैंने कहा- आंटी, बस आज मुझे कर लेने दो, मैं फिर कभी नहीं कहूंगा, प्लीज मेरी आंटी प्लीज़.
आंटी ने कहा- प्रशांत, पागल मत बनो, छोड़ो मुझे… मुझे जाने दो..

मैं आंटी के गालों को चूमने लगा मैंने कहा- नहीं आंटी, मत जाओ प्लीज़, मत जाओ! मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं, मैं आपको बहुत सारा प्यार करूंगा. रुको ना.
आंटी कुछ कहने ही वाली थी, इससे पहले मैंने उनके होंठ पर अपने होंठ रख दिए और उन्हें कसकर पकड़ लिया, उनके होंठ चूसने लगा.

आंटी मेरा साथ नहीं दे रही थी, मुझसे छूटने की कोशिश कर रही थी. मैंने उन्हें नहीं छोड़ा, मैं उनके होंठ चूस रहा था और उनकी चूचियां भी दबाने लगा. करीब 3-4 मिनट तक आंटी ने मुझसे छूटने की कोशिश की पर मेरे लगातार होंठ चूसने चूचियां दबाने से शायद आंटी गर्म हो रही थी तो उन्होंने मेरा साथ देना तो शुरू नहीं किया पर विरोध बंद कर दिया.

मैंने उनके होंठ चूसने बंद किए तो आंटी ने सर झुका कर कहा- प्रशांत, यह सब गलत हो रहा है, मैं अपने पति से पूरी तरह खुश हूं, फिर मैं उन्हें धोखा नहीं दे सकती.
मैंने कहा- आंटी, मुझे बस आज आपको चोदना है, एक बार चोद लेने दो, फिर मैं कभी आपसे नहीं कहूंगा. प्लीज आंटी, बस एक बार चुदवा लो ना मुझसे!

आंटी ने कुछ नहीं कहा तो मैंने इसे ग्रीन सिग्नल समझकर आंटी को कस के गले लगा लिया. प्रतिक्रिया में आंटी ने भी मुझे गले लगा लिया, मैं मन ही मन बहुत खुश हुआ, मैंने आंटी को गिरा दिया और उनके ऊपर चढ़ गया सूट के ऊपर से ही उनकी चूची दबाने लगा.
आंटी धीरे से बोली- प्रशांत, यह सब सही नहीं हो रहा है, बस आज कर लो, फिर कभी हम यह सब नहीं करेंगे.

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मैंने कुछ नहीं कहा और फिर आंटी के होंठ चूसने लगा.

मैंने धीरे से आंटी का शर्ट ऊपर किया और सलवार का नाड़ा खींचा, जिससे नाड़ा खुल गया और सलवार ढीली हो गई. मैंने सलवार के अंदर हाथ डाला तो देखा आंटी की चूत गीली हो गई थी, उनकी पैंटी पूरी तरह से गीली हो चुकी थी.

आंटी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और हटाना चाहा पर मैंने हाथ नहीं हटाया, पेंटी के ऊपर से चूत सहलाने लगा. आंटी को भी मजा आने लगा और उन्होंने मेरा हाथ छोड़ दिया और वापस मुझसे लिपट गई.
मैंने आंटी का कुर्ता खोला, उन्होंने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी, उनकी बड़ी बड़ी चूचियां देखकर मैं पागल हो गया. मैं एक चूची दबाने लगा और एक मुंह में लेकर चूसने लगा.
आंटी ने मेरा सर पकड़ लिया और प्यार से मेरे बालों को सहलाते हुए बोली- ओह ह प्रशांत! यह सब करना जरूरी है क्या बस जल्दी से जो करना है कर के चोद दे..

मैंने कहा- जागृति आंटी, मैं अपनी जिंदगी में पहली बार चुदाई कर रहा हूं, मुझे पूरे मजे लेकर चुदाई करनी है, मैं आज आपको बहुत चोदूंगा, चोद चोद के आपकी चूत फाड़ दूंगा.
आंटी ने कुछ नहीं कहा, वे शर्मा कर मुझसे लिपट गई.

मैंने आंटी की सलवार उतारी, उन्होंने अपने चूतड़ उठाकर सलवार उतारने में मेरी मदद की. मैंने आंटी की पैंटी भी उतार दी, उनकी चूत पर हल्के हल्के बाल थे.

मैं आंटी की चूत जोर जोर से सहलाने लगा. मैंने उनकी चूत में जैसे ही एक उंगली घुसाई, आंटी बोल पड़ी- प्रशांत… आह…
मैंने आंटी का हाथ ले जाकर अपने लंड पर रख दिया. आंटी ने जींस के ऊपर से ही मेरे लंड को पकड़ लिया और उसे सहलाने लगी. मैंने धीरे से आंटी के कान में कहा- आंटी आप पूरी नंगी हो गई हो, मुझे भी नंगा कर दो ना.

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आंटी उठी, उन्होंने मेरा टीशर्ट और बनियान उतार दिया, फिर उन्होंने मेरी जींस का बटन खोला, जींस उतार दी, अब मैं सिर्फ अंडरवियर में आंटी के सामने था. अंडरवियर से मेरा खड़ा लंड स्पष्ट दिखाई दे रहा था.
मैंने आंटी से कहा- आंटी, इसे भी उतार दो और मेरे लंड को अपने मुलायम हाथों में पकड़ लो ना!

आंटी ने शरमाते हुए नजरें झुका ली और मेरा अंडरवियर उतारकर लंड हाथों में लेकर सहलाने लगी.
मैंने कहा- आंटी, क्या कभी आपने अपने पति का लंड चूसा है?
आंटी बोली- हां, उन्हें चुसवाना बहुत पसंद है, लगभग हर रात को मैं उनका लौड़ा चूसती ही हूं.
मैंने कहा- आंटी, मेरा भी लंड चूस दो ना…

आंटी ने मेरा लंड मुंह में लिया और उसे चूसने लगी. मुझे स्वर्ग की अनुभूति हो रही थी. आंटी कभी मेरा लंड चूसती, कभी अपनी जीभ से चाटने कभी जोर जोर से हिलाने लगती.
मैंने आंटी को धकेल कर बिस्तर पर गिरा दिया, मैं आंटी के ऊपर आ गया, उनके होठों पर किस करने लगा, उनकी चूचियां दबाने लगा. फिर मैं नीचे चूत पर हाथ रखकर सहलाने लगा.
आंटी धीरे से मेरे कान में बोली- प्रशांत डाल दे अब… बर्दाश्त नहीं हो रहा…

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