गर्लफ्रेंड ने चूत चुदाई के लिए घर बुलाया

मैं जब तक कुछ समझ पाता, उसने खुद ही मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत पर सैट कर लिया. फिर उसने मुझे इशारा किया और मैंने पूरी ताकत से धक्का दे दिया. मेरा लंड एक बार में ही उसकी चूत को फाड़ता हुआ अन्दर घुस गया. मैंने देखा कि मेरा आधा लंड घुस चुका था.

वो दर्द के कारण रोने लगी क्योंकि मेरा लंड 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है. वो मुझसे लंड बाहर निकालने को कहने लगी, तो मुझे उस पर तरस आ गया और मैंने लंड बाहर निकाल लिया.

उसने जब चुत से खून निकलता देखा, तो वो घबरा गई. मैंने उसको समझाया कि ये तो सामान्य सी बात है. पहली बार की चुदाई में सभी के साथ ऐसा होता है.

कुछ देर बाद जब वो नॉर्मल हो गई, तब मैंने दोबारा से लंड उसकी चूत में पेल दिया. इस बार दो प्रयासों में पूरा 8 इंच लंड पेल दिया, जिससे वो फिर से तड़पने लगी थी. लेकिन इस बार मैंने कोई रहम नहीं किया.

पूरा लंड पेल कर मैं कुछ देर के लिए रुक गया. जब उसका दर्द कम हुआ, तो वो अपनी गांड उठाने लगी. उसकी गांड की हलचल से मैं समझ गया कि यह अब चुदने के लिए राजी है. फिर मैंने धक्के देने शुरू कर दिए. मेरा लंड उसकी चूत में अन्दर तक पूरा जा रहा था.

अब वो पूरी मस्ती में ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी- फक मी फक मी हार्ड … माय बेबी … और तेज़ से चोदो … उम्म्ह… अहह… हय… याह… फाड़ दो … ये चुत लंड की बहुत प्यासी है … आह … मेरी जान.

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उसकी ऐसे कामुक आवाजें मुझे और जोश दे रही थीं. मैं और तेज़ चोदने लगा. मैंने कोई 20 मिनट तक उसकी धुंआधार चुदाई की. ज़िया इतनी देर में दो बार झड़ चुकी थी.
अब मैं झड़ने वाला था, तो ज़िया से मैंने पूछा- कहां निकालूं?
उसने कहा- चूत में ही निकाल दो.

मैं दस बारह तेज शॉट मार कर उसकी चुत में झड़ गया. कुछ देर हम दोनों ऐसे ही एक दूसरे से चिपके पड़े रहे और कुछ देर के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.
मैं ज़िया से बोला- अब क्या ख्याल है मेरी जान..?
वो मेरे लंड की तरफ देखने लगी.
इस बार वो घोड़ी बन गई और बोली- मुझे ये पोज पसंद है.

मैं भी उसको इस पोजीशन में चोदने के लिए रेडी था. मैं उसकी गांड की तरफ आया और लंड उसकी चुत में पेल दिया. उसकी मीठी आहें और कराहें निकलना शुरू ही गईं. मैंने उसकी चूचियों को पकड़ कर उसकी 20 मिनट तक चुदाई की.

वो बोली- मुझे ऊपर आना है.

ये सुनकर मैं नीचे लेट गया और वो मेरे लंड पर बैठ कर खूब मज़े से चुदने लगी.

कुछ देर की मस्त चुदाई के बाद हम दोनों झड़ गए और यूं ही नंगे लेट गए. हमारी थकान ने हम दोनों को बेसुध कर दिया था. चूंकि हम दोनों नंगे ही एक दूसरे से चिपक कर लेटे हुए थे … तो रात के 3 बजे, फिर से शरीर में सुगबुगाहट हुई और हम दोनों जाग गए. हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे. जल्दी ही चुदाई का मूड बन गया.

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मैंने ज़िया से कहा- मुझे इस बार कुछ और भी मारनी है.
वो हंसने लगी और बोली- अब क्या बचा?
मैंने बोला- तुम्हारी गांड बहुत सेक्सी है … उसको भी खोलूंगा.
उसने हां बोल दिया.

मैंने लंड पकड़ कर उसकी गांड पर रखा लेकिन नहीं घुसा. फिर मैंने तेल उसकी गांड पर लगाया और पूरा लंड उसकी गांड में पेल दिया.

वो दर्द के मारे ज़ोर से रोने लगी और मुझसे छूटने की कोशिश करने लगी. लेकिन मैंने उसको कमर से कस कर पकड़े रखा. जब उसका दर्द कम हुआ, तो वो मेरा साथ देने लगी.

फिर हम दोनों ने जम कर चुदाई की. मैंने उस रात ज़िया की गांड दो बार मारी. चार बार आगे से चुदाई की, मतलब हम दोनों ने रात में कुल 6 बार चुदाई की. सुबह 5 बजे के अँधेरे में मैं उसके घर से निकल आया.

इसके बाद हम दोनों ने कई बार चुदाई की.

दोस्तो, मेरी गर्लफ्रेंड सेक्स कहानी आपको कैसी लगी. ज़रूर बताइएगा. मेरी लाइफ की एक और रियल सेक्स स्टोरी है, वो मेरी कज़िन के साथ की चुदाई की है.

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