मॉल में मिली लड़की की चूत और गांड चुदाई

अब हम दोनों वीडियो कॉल पर आ गए और एक दूसरे के नंगे हो चुके अंगों का मजा लेने लगे.

हम दोनों ने फोन सेक्स भी किया.

इसी तरह से हमारी बातचीत चलती रही. अब एक दूसरे को चोदने के लिए हमारे मन तैयार हो चुके थे. बस मिलने भर की देरी थी.

फिर 31 दिसम्बर की रात आई. उस रात को मेरे घर वाले मौसी के यहां न्यू इयर की पार्टी में चले गए. उनको दूसरे दिन ही वापस आना था.

मैंने निधि को ये बताया, तो उसने भी अपने घर पर बोल दिया कि मैं अपनी दोस्त के यहां पार्टी में जा रही हूँ.

उसने मुझे कॉल करके बताया कि मैं घर से निकल रही हूँ, तुम मुझे लेने आ जाओ.

वो जहां पर थी, वहां मैं उसको लेने के लिए बाइक से पहुंच गया और उसे अपने साथ सीधे अपने घर ले आया.

उसे घर पर लाते ही मैंने पहले अन्दर से दरवाजा बंद किया और निधि की तरफ घूम गया. उसने टाइट नीली जींस और सफ़ेद शर्ट पहनी हुई थी. मैंने उसकी तरफ बांहें फैला दीं, तो वो झट से मेरी बांहों में समा गई और उसने मुझको किस करना चालू कर दिया. मैंने भी उसका साथ दिया.

कोई 10 मिनट तक हम लोग दरवाजे के पास ही किस करते रहे. इसके बाद मैंने निधि को अपनी गोद में कुछ इस तरह से उठाया कि उसकी चूत मेरे लंड पर आकर टिक गई. वो मेरे लंड पर अपनी चुत रगड़ते हुए ऊपर नीचे होने लगी. उसकी चुत में भी बड़ी आग लगी हुई थी.

मैं उसकी चुत से लंड रगड़ता हुआ उसे अपने बेडरूम में ले आया.

बेडरूम में जाकर मैंने उसको बेड पर गिरा दिया और ऊपर से मैं भी उसके ऊपर ही चढ़ गया. हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे और एक एक करके एक दूसरे के कपड़े निकालने लगे.

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मैंने उसकी शर्ट निकाल दी. वो पिंक कलर की ब्रा पहने हुए थी. उसकी छोटे छोटे मम्मे उसकी तंग सी ब्रा में बड़े प्यारे लग रहे थे. मैंने उनको मसल दिया, तो निधि मादक सिसकारी भरने लगी. फिर मैंने उसकी जींस भी निकाल दी. वो काली पैंटी में थी. मैं उसके जिस्म को बड़ी मदहोशी से निहारने लगा. वो इस समय मेरे सामने ब्रा पैंटी में लेटी हुई थी और शर्मा रही थी.

अब मैंने उसके पैरों से उसको चूमना शुरू किया. उसकी चूत को सहलाया, तो वो उछल पड़ी. उसकी ब्रा ओर पैंटी को मैंने उतार दिया. उसकी सफाचट चूत में मैंने एक उंगली डाल दी और उसके चूचों को चूसने लगा. कुछ ही देर में वो गर्म हो गयी और अपनी गांड को उठाने लगी.

वो बोली- तुम भी तो अपनी पैंट निकालो.

ये कहते हुए उसने खुद ही मेरी हेल्प से मेरी पैंट निकाल दी और मेरा अंडरवियर भी निकाल दिया.

मेरा 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड देख कर वो डर गई. मैंने तुरंत उसको कस कर अपने गले से लगा लिया और किस करने लगा. फिर उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया.

निधि मेरे लंड को बड़े प्यार से सहलाने लगी. उसके हाथ की कोमलता से मुझे बहुत मज़ा आ रहा था … क्योंकि ये सब करने का मेरा पहला मौका था.

इसके बाद हम दोनों ने 30 मिनट तक 69 में मज़े किए और एक दूसरे का पानी पी लिया. झड़ने के बाद दस मिनट आराम करने के बाद हम दोनों फिर से गर्म हो गए. मैं निधि की चूत में उंगली करने लगा, तो निधि बिल्कुल पागल हो गयी और चिल्लाने लगी.

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निधि- आंह राज़ … जल्दी से तुम अपना लंड मेरी चूत में डाल दो.

मैंने भी देर न करते हुए अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया.

वो दर्द से रोने लगी, तो मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उसके मम्मे दबाने लगा. कोई दो मिनट बाद वो अपनी गांड उठाने लगी. मैंने धक्के लगाना शुरू कर दिए.

अब वो खूब मस्ती में सिसकारियां ले रही थी और चिल्ला रही थी- फक फक मी हार्ड जानू … फाड़ दो मेरी चूत … आंह मेरी जान … मैं अब रोज़ तुमसे ही चुदूँगी … आंह मेरी जान आह आह … यस आह फक मी.

मैं उसकी इन बातों को सुनकर और जोश में आ गया और ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा. अब तक वो 2 बार झड़ चुकी थी. कोई 30 मिनट बाद मैं उसकी चूत में ही गिर गया. उसी समय उसने भी अपना तीसरा स्खलन पूरा कर लिया.

कुछ देर बाद हम दोनों चिपक कर सो गए. रात के 3 बजे मुझे कुछ महसूस हुआ, तो देखा कि निधि मेरा लंड चूस रही थी. ये देख कर मैं भी जोश में आ गया.

मैंने उसको अपने ऊपर खींच लिया और उसकी चूत चाटने लगा. इस बार मैं निधि से बोला कि यार निधि मुझे तुम्हारी सबसे खूबसूरत चीज़ चाहिए.

वो ये सुनकर सकते में पड़ गयी और बोली- मैंने तो अपनी जवानी तुम्हें दे दी. इससे कीमती चीज क्या बाकी रह गई?

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