दोस्त मेरी पत्नी का ख्याल रखना

मैंने उन्हें कहा कि आप हमारे साथ शहर क्यों नहीं चलती वह कहने लगी अब इस बुढ़ापे में मैं शहर कहां जाऊंगी गांव में ही हमारी पुरानी यादें आज भी ताजा हैं और हम शहर नहीं जाना चाहते। उस दिन हम लोग वहीं रुक गए और मेरी बच्ची भी बहुत खुश थी अगले दिन हम लोग अपने गांव लौट आए जब हम अपने गाँव लौट आये उस समय काफी तेज तूफान चल रहा था और तूफान इतना तेज चलने लगा कि कुछ देर बाद आसमान में बिजली भी कड़कने लगी और मौसम पूरा खराब हो चुका था। मिट्टी आंखों में बड़ी तेजी से जा रही थी और हमारा मकान का एक हिस्सा टूट गया मैंने अपने पिताजी को फोन किया तो वह कहने लगे बेटा मैं कल गांव आ जाऊं तो मैंने उन्हें कहा नहीं पिताजी आप रहने दीजिए मैं देखता हूं। मैंने उस टूटे हुए हिस्से का काम शुरू करवा दिया और कुछ ही दिनों बाद वह दोबारा पहले जैसा ही हो गया हमारे गांव के चाचा मुझे जब मिले तो वह कहने लगे बेटा तुम कई वर्षों बाद दिख रहे हो, कैसे हो? तुम बिल्कुल पहचान ही नहीं आ रहे हो। जब उन्होंने मुझे यह बात कही तो मैंने उन्हें कहा चाचा आप कई वर्ष भी तो हो चुके है और गांव में अभी कुछ नहीं बदला है वैसे ही कच्ची सड़कें और कुछ भी गांव में नहीं बदला है।

चाचा कहने लगे बेटा गांव में भला क्या बदलेगा मैंने चाचा से पूछा घर में सब लोग ठीक हैं तो चाचा कहने लगे हां केशव घर में सब ठीक हैं तुम घर पर आना। चाचा का लड़का मेरा हम उम्र है और वह मेरा बहुत अच्छा दोस्त भी था मैंने सोचा कि मैं उससे मिलने के लिए चल लेता हूं। जब मैं उससे मिलने के लिए गया तो मैंने उसकी स्थिति देखी तो मैं दंग रह गया क्योंकि वह नशे का इतना आदी हो चुका था कि वह मुझे अच्छे से पहचान ही नहीं पाया उसका रंग भी पूरा काला हो चुका था और वह पहले जैसा बिल्कुल भी नहीं था। चाचा ने मुझे कहा कि बेटा बैठो, जब मैं घर में बैठा तो मदन की पत्नी मेरे लिए पानी लेकर आई चाचा ने कहा कि यह मदन की पत्नी है। चाचा ने जब मुझसे मदन के बारे में कहा कि मदन पूरी तरीके से शराब के नशे में डूब चुका है और वह किसी की बात नहीं सुनता तो मैंने सोचा कि मदन से बात की जाए लेकिन मदन तो जैसे किसी की बात सुनने तक को तैयार नहीं था। मदन की पत्नी बहुत ज्यादा परेशान थी और वह चहती थी की मदन के साथ वह अच्छे संबंधों को बनाए लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया क्योंकि मदन तो नशे में चूर रहता था। मदन की पत्नी मेरी तरफ अपनी नजरें जमाए हुई थी ताकि मैं उसकी इच्छा को पूरा कर सकूं और आखिरकार मैंने उसकी इच्छा को पूरा करने का फैसला कर लिया था। वह मेरे लिए बहुत तड़प रही थी उसे ना जाने किसी का प्यार क्यों नहीं मिल पाया था। जब मैंने मदन की पत्नी को चुंबन किया तो वह पूरी तरीके से तड़पने लगी थी उसकी तड़प बहुत बड गई। एक दिन मदन ने मुझसे कहा कि मेरी पत्नी तुम्हारे लिए बहुत तडपती है मैं इस बात से चौक गया मदन नशे में चूर था उसे सब मालूम था।

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उसे इस बात का आभास था की वह अपनी पत्नी के साथ कुछ भी नहीं कर सकता इसलिए उसने मुझे कहां तुम मेरी पत्नी का ध्यान रखना। उसने जब यह बात मुझसे कहीं की तुम मेरी पत्नी का ध्यान रखना। उस दिन मदन के घर मे उसकी पत्नी के स्तनों को मैंने दबाना शुरू किया वह तो पहले से ही मेरे साथ पूरी तरीके से अंतरंग संबंध बनाने को तैयार हो चुकी थी। उसने जब मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरु किया तो वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुकी थी। उसने मेरे लंड को काफी देर तक अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया जब मेरे लंड से पानी निकलने लगा तो वह कहने लगी आपके लंड से तो पानी निकल आया है। मैं भी उत्तेजित हो चुका था मैंने भाभी की चूत को चाटना शुरू किया तो मुझे बड़ा मजा आने लगा और आखिरकार में पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुका था।

जब मैंने अपने लंड को मदन की पत्नी की योनि में प्रवेश करवाया तो वह चिल्लाने लगी और कहने लगी मुझे तुम्हारे लंड को लेने में मजा आ रहा है। भाभी ने अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया मेरे लंड पूरा अंदर तक जा रहा था जिससे कि मुझे पूरी तरीके से जोश चढ़ने लगा था। मैंने भाभी कि योनि के अंदर बाहर अपने लंड को करना शुरू कर दिया वह पूरी तरीके से जोश में आ चुकी थी और आखिरकार उसने मुझे कहा कि तुम अपने माल को मेरी योनि में गिरा दो। भाभी ने अपनी चूत को टाइट कर लिया उसके बाद जब मैं धक्के मारता तो उसे मजा आने लगता लेकिन मैं ज्यादा समय तक मे धक्के ना मार सका। मेरा माल बड़ी तेजी से भाभी की चूत में गिर गया। उसके बाद वह खुश हो चुकी थी। मैने दोबारा से भाभी को चोदना शुरु किया मैंने अपने लंड को चूत मे घुसाते हुए कहा कि भाभी तुम्हे चोदना मे मजा आ रहा है। वह कहने लगी आपने मेरी चूत मार रहे है तो मुझे अच्छा लग रहा है। भाभी ने अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया जब उन्होने अपने दोनों पैरों को चौड़ा किया तो मुझे उसे चोदने में बड़ा मजा आ रहा था। वह मेरा साथ बड़े अच्छे से दे रही थी जिस प्रकार से उन्होने मेरा साथ दिया उससे मुझे लगा कि वह खुश है।

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