दोस्त की सिस्टर की चुदाई मदद करने के बाद

वो भी मुझसे चिपक गई. उसने भी बहुत दिनों से चुदाई नहीं कराई थी, तो वो भी बहुत उत्तेजित थी. वो मुझे मस्त स्मूच कर रही थी. अपनी पूरी जीभ मेरे मुँह में डाल कर मुझे चूसे जा रही थी. वो कभी ऊपर वाले होंठों को चूसती … कभी नीचे वाले को चूसती.

फिर धीरे धीरे मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए और बेड पर लिटा दिया.

क्या मस्त बॉडी थी उसकी. उसकी हाइट अच्छी है … यही कोई साढ़े पांच फिट की है. एकदम से पतली है. उसके चूचे तो ज़्यादा बड़े नहीं हैं … अभी 32 इंच साइज़ के ही हैं. बाद में मसलवाने से साइज़ बढ़ जाएगा. उसके पिंक कलर के निप्पल हैं. कमर भी पतली थी, बिना कपड़ों के बड़ी मस्त लग रही थी.

पहले कुछ देर तक तो मैं उसे ऐसे ही देखता रहा. फिर धीरे से उसके चूचे मसलने लगा. वो मर्द का साथ पाकर पागल होती जा रही थी. मैं उसके एक चूचे को प्रेस कर रहा था और दूसरे को मुँह में लेकर चूसने में लग गया.

मेरे दोस्त की सिस्टर चुपचाप मम्मे चुसवाने के मज़े ले रही थी और अपने हाथों से मेरे बालों को सहला रही थी. उसे दूध चुसवाने में बहुत मज़ा आ रहा था.

फिर मैंने उसके एक हाथ को उठा कर उसकी बगल को सक करने लगा. उधर से मस्त महक आ रही थी, उसकी बगलें साफ़ नहीं थीं … थोड़े से छोटे छोटे बाल थे.

मैं दोनों बगलों को चूसने और अच्छे से सूंघने के बाद थोड़ा नीचे आया और उसके पेट पर किस करने लगा. पेट पर किस करते करते मैं उसकी नाभि में जीभ डाल कर उसे चूसने चूमने लगा.

वो मेरी इन हरकतों से पागल होती जा रही थी और मेरे बालों को पकड़ कर कभी कभी खींच दे रही थी. मैं बस उसकी नाभि को चूस रहा था और हाथों से उसके मम्मों को मसल रहा था.

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फिर मैं थोड़ा नीचे बढ़ा और उसकी बुर के ऊपर के बालों से खेलने लगा. उसकी बुर पूरी गीली हो गई थी और पानी भी छूटने लगा था.

मैंने दो उंगलियों से उसके बुर की फांकों को अलग किया. अन्दर मस्त गुलाबी गुलाबी सा मांस दिखा और छोटा सा छेद भी मुझे ललचाने लगा.

वो अभी तक ज़्यादा चुदी नहीं थी. मेरे पूछने पर उसने बताया बस बीएफ के साथ 4 बार किया था.

मैंने एक उंगली उसकी बुर में डाली, उसे बहुत अच्छा फील हुआ. उसकी पूरी चुत एकदम अन्दर तक रसीली थी और उससे मस्त महक आ रही थी. मैंने जैसे ही उसके बुर पर अपनी जीभ फिराई, वो ऊपर से नीचे तक वो उछल गई. मैंने उसकी आंखों में आंखें डाल कर उसकी तरफ वासना से देखा.

उसने भी नशीली आंखों से मुझे देख कर कहा- आज तक मेरे बीएफ ने भी कभी मेरी बुर को नहीं चूसा था. वो बस थोड़ी देर बूब्स चूस कर लंड अन्दर डाल देता था.
मैंने बोला- बस मज़े करो … अभी और अच्छा लगेगा.

मैं उसकी बुर को मस्ती से चूसने लगा और उसकी चूत के दाने को उंगली से कभी जीभ से टच करने लगा. वो मचलती रही और मेरे सर को अपनी चूत पर दबा दबा कर मुझे उत्तेजित करती रही. मैं भी कभी उसकी बुर के छेद में जीभ डालता, तो कभी ऊपर से नीचे तक पूरा चाटते हुए चूत चूसता रहा.

फिर उसके पैरों को ऊपर करके मैंने उसकी गांड के छेद को चाटना चूमना शुरू किया. उसकी चूत के अगल बगल वाले पार्ट को चूसा.

कोई 10 मिनट की चुसाई के बाद वो एकदम शांत हो गई थी. मुझे समझ आ गया कि उसका रस निकल गया होगा.

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फिर मैं उठा और अपने सारे कपड़े उतार कर उसके बगल में लेट गया. वो उठी और सीधे मेरे लंड को हाथों में पकड़ कर मुँह में लेने लगी.

मैंने उससे कहा- पहले पैरों से स्टार्ट करो और जीभ से पूरा गीला करके चाटो … फिर लंड चूसना.
वो मान गई और अपने जीभ से मारते पैरों को गीला करते हुए ऊपर बढ़ने लगी. मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था.

फिर वो मेरी जांघों तक पहुंच गई और धीरे धीरे उधर चाटने लगी. फिर वो लंड पर आई और उसने पहले लंड के टोपे को मुँह में लेकर चूसना शुरू किया. उसने हाथों से लंड पकड़ा हुआ था.

मैंने उसके हाथ हटाए और कहा- अब चूसो … और जितना अन्दर जा सके, ले कर चूसा करो.

वो वैसे ही करने लगी. वो पूरा लंड अपने मुँह में घुसाना चाह रही थी, लेकिन लंड लम्बा था, तो उसके गले तक पहुंच कर रुक जा रहा था.

लंड चूसने में वो मुझे काफी अनुभवी लगी. पूरा गीला कर करके मस्त लंड चूस रही थी. लंड अन्दर मुँह में लेकर उस पर जीभ भी चला रही थी.

अब मैं उठा और बेड से नीचे आ गया उसके दोनों पैरों को अपने कंधे पर रख कर लंड को उसकी बुर में सैट करके एक झटका लगाया. मेरा लंड एक ही बार में अन्दर चला गया. वो मोटे लंड से हुए दर्द से एकदम से चिल्ला उठी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ उसे ज्यादा पेन हो रहा था, लेकिन बुर पूरी तरह से चिकनी हो गई थी, तो आराम से अन्दर जा रहा था.

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