दोनों बहनों ने मिल बांट के खाया

बहन की चूत का रस पीकर मछली करी का मजा आया लंड हथौड़ा हो गया मेरा मछली के करी की तरह सुगंधित चूत रस का मजा लेकर मेरा लंड और भी कठोर हो गया था बिल्कुल हथौड़े की तरह चोदने को तैयार। अब मैने रीना दी को घोड़ी बना दिया। उसके पैरों के बीच लिटा कर पूनम को उसकी चूत नीचे से चाटने को बोला और खुद पीछे से घोड़े की तरह उसकी गांड में लंड डालने के लिए अपना ढेर सारा थूक उसकी छेद पर मल दिया। वो फुंफकार रही थी, चोद अपनी बहन की गांड को साले! ये गांड नहीं एकदम दुनाली बंदूक की नली है, इसे चोदने के लिए देखती हूं तेरे लंड में कितना दम मौजूद है। मैं पागल हो रहा था और उसके उपर चढ के पीछे से उस्की गर्दन पकड़ ली कि ये भागे नहीं। गांड में निशाना लगा के एक झटका और लंड अंदर! कचाक! वो हकलाने लगी, प्लीज बाहर निकालो, अंदर मत पेलो फट जाएगी, उईईइ मां!!!!!!!! बचाओ, पूनम कम्प्लीमेंटरी तौर पर उसकी चूत चाट रही थी। दोनों ही छेदों में स्पर्श से वो निहाल हुई जा रही थी और बावली की तरह बड़बड़ा रही थी।

अब मैने उसकी गर्दन को जोर से पकड़ते हुए गांड को मारना शुरु कर दिया था, ओह फक योर ऐस्स सिस!! इट्स सो टाइट एंड वर्जिन और पहली बार पांच मिनट में ही मैं झड़ गया उसकी गांड के अंदर। अपने वीर्य से सना लंड और उसकी गांड से ताजा ताजा बहते वीर्य से मिले हुए लंड को मैने पूनम के मुह में डाल कर चोदना शुरु किया। जैसे जैसे वो लौड़े के उपर के आइसक्रीम को चाटती गयी, कंवारा लंड फिर से तन गया। इस बार मैने दोनों बहनों को लाइन में घोड़ी बनाया और फिर पूनम को कुतिया स्टाइल में चोदते हुए रीना बहन के चूत में उंगली करता रहा। वो कमर हिला हिला कर छ्टपटाती रही। जब पूनम झड़ी तो रीना ने उसके नीचे आकर उसका कामरस पीना शुरु किया और मैने रीना की चूत की खबर लेनी शुरु की।

यह कहानी भी पड़े  मेरी बीवी की कामुकता और थ्रीसम चोदन

धकाधक चोदते हुए मैंने रीना के चूंचों की मसाज जारी रखी, वो कविता की चूत चूसती रही। मैने रीना को आध घंटे चोदा और फिर जब वो झड़ी तो इस बार कविता ने उसकी चूत चूसी। आखिर में मैने कविता की गांड मारकर अपना गरमा गरम वीर्य उसकी गांड के हौदे में छोड़ दिया। लबालब भरी गांड से लंड खीचते ही मलाई की मोटी धार को रीना दी ने चाटना शुरु कर दिया था। इसके बाद मेरे मूसल लंड का घरेलू प्रयोग बेतरतीब ढंग से चल रहा है।

Pages: 1 2

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!