दो दिन तक भाभी की प्यार भरी चुदाई

यह सुन कर वो मेरे गले लग गईं और मुझे कसकर अपनी बांहों में ले लिया. भाभी बोलने लगीं- तुम कितने अच्छे हो.
उनकी चुचियां मेरे सीने में गड़ रही थीं.
मैंने उनको अपनी बांहों में भर लिया. भाभी ने भी मुझे जकड़ लिया. मैं उनकी गर्मी महसूस कर पा रहा था. मैंने सोचा कि ये मौका अच्छा है. मैंने उन्हें अपनी गोद में उठाया और कमरे में ले जाने लगा. वो मुझे देखे ही जा रही थीं. मैं समझ गया था कि भाभी बहुत प्यासी हैं और उन्हें भी लंड की ज़रूरत है.

अब आगे यह पहले दिन का किस्सा है जब मैंने भाभी को प्यार से चोदा.

मैंने उन्हें अपनी गोद से उतारते हुए पलंग पर लिटाया. वो अब भी मुझे देखे जा रही थीं. मैं धीरे धीरे उनके लाल लाल रसीले होंठ के पास अपने होंठ ले गया और अगले ही पल हम एक दूसरे को चूम रहे थे. वो मुझे ज़ोर ज़ोर से अपने मुँह में खींच रही थीं. उनकी जीभ मेरे मुँह में थी. वो मेरी जीभ को ज़ोर ज़ोर से चूस रही थीं.

करीब दस मिनट के चुम्बन के बाद भाभी ने मुझे अलग किया और किचन की तरफ़ चली गईं. मैं भी उनके पीछे पीछे चला गया.
उन्होंने फ्रिज से एक चॉकलेट निकाली और उसे अपने मुँह में रखी. फिर वे मेरे पास आकर मुझे दुबारा से चूमने लगीं. वो चॉकलेट हम दोनों मिलकर खाई.

अब मैं अपने हाथ उनकी चुचियों पर ले कर गया और उन्हें प्यार से दबाने लगा. वो भी मुझे चूमे जा रही थीं. मैंने उनके ब्लाउज के बटन खोले तो पाया कि उन्होंने अन्दर काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी.
भाभी ने मेरे सामने पूरा समर्पण कर दिया था. अब मैं अपने एक हाथ से उनकी चुची दबा रहा था और दूसरे हाथ से उनकी चूत में उंगली कर रहा था. रिंकू भाभी की उत्तेजना बढ़ती जा रही थी. उनकी चूत रस छोड़ रही थी.

यह कहानी भी पड़े  चुम्मी लेने गया, मिल गई भाबी की चुत

ये सब हम दोनों किचन में ही कर रहे थे. मैंने उन्हें चूमने से रोका और उन्हें उठा कर रूम में ले आया. वे बिस्तर पर लेटने को हुईं तो मैंने उन्हें पैर फैला कर खड़े रहने को कहा. वे मुझे देखने लगीं. मैं नीचे बैठा और उनकी साड़ी के अन्दर घुस कर उनकी पेंटी निकाली और चूत को चाटने लगा. उनकी चूत से रस निकल रहा था, मैं चूत को ज़ोर ज़ोर से चाटने लगा.
भाभी साड़ी के ऊपर से ही मेरा सर दबा कर तेज तेज सिसकारी भरने लगीं- आह ओऊऊऊ ओह आआआह और तेज…

उनकी गर्मी बढ़ रही थी. उन्होंने मेरे सर को अपनी दोनों टांगों से दबा लिया और तेज आवाज निकालते हुए झड़ गईं. मैं उनकी चूत का पूरा पानी पी गया. उन्होंने अपनी साड़ी खोल दी, पेटीकोट का नाड़ा ढीला कर दिया. भाभी नंगी हो गईं और मैं उनके पूरे नंगे होते ही बाहर आ गया.

मैंने उनके सामने अपना लंड हिलाया तो भाभी मेरे लंड को अपने मुँह के पास लेकर आईं और लंड चूसने लगीं. भाभी लंड को ऐसे चूस रही थीं, जैसे कोई बच्चा लॉलीपॉप खा रहा हो.
करीब दस मिनट तक वो मेरे लंड को चूसती रहीं, उसके बाद मैं उनके मुँह में ही झड़ गया. वो मेरे वीर्य को पूरा चाट कर पी गईं.

हम दोनों ही झड़ चुके थे लेकिन आत्मा अतृप्त थी. कुछ ही पलों बाद हमारी साँसें संयत हुईं.

मैं उनको नशीले अंदाज में देखने लगा. अब उनसे भी रहा नहीं जा रहा था.

भाभी- चोद दो मुझे सूरज… आज मेरी चुत का भोसड़ा बना दो… फाड़ दो इसे…
भाभी की बात सुन कर मेरा लंड फिर से जोश में आ गया और मैंने भी देर ना करते हुए उनको पलंग पर चित लिटाया और उनकी दोनों टांगों को खोलकर अपना छह इंच का गर्म लंड उनकी चूत पर रगड़ने लगा. वो तड़प रही थीं.

यह कहानी भी पड़े  मामी मेरे बिज से प्रेग्नेंट हो गई

भाभी- डाल भी दो अब अपना लंड… मेरी रंडी चुत में… फाड़ दे इसे… अपनी रंडी की तरह चोद मुझे… बुझा दे मेरी प्यास को…
मैंने देर ना करते हुए अपना लंड एक जोरदार धक्के के साथ उनकी चूत में पेल दिया.
वो एकदम चिल्ला उठीं- आहहह धीरे डालो… मैं दो महीने से नहीं चुदी.

मेरा भी लंड अभी तक आधा ही गया था मैंने धीरे धीरे पूरा लंड अन्दर डाला. वो अभी भी दर्द से चिल्ला रही थीं- साले कुत्ते फाड़ दी मेरी चूत…
आठ दस धक्कों के बाद भाभी को भी मज़ा आने लगा.

अब वो उछल उछल कर मेरा लंड खा रही थीं और चिल्ला रही थीं- डाल और ज़ोर से चोद मुझे… कुतिया बना दे मुझे… आज से मैं तेरी हूँ… मेरी चूत को रंडी की तरह चोद… आह चोद और चोद आह फाड़ दे इस साली चुत को…
मैंने भी धक्कों की स्पीड बढ़ा दी और ज़ोर ज़ोर चोदने लगा रहा.

दसेक मिनट बाद भाभी झड़ने वाली थीं.वे चिल्लाईं- आह… मैं आ रही हूँ. और वो झड़ गईं. मगर अभी भी उनकी लंड खाने की भूख शांत नहीं हुई थी. वो अभी भी लगातार मुझे धक्के मारने को बोल रही थीं. मैंने भी उनको आसन बदलने को कहा.

Pages: 1 2 3 4

error: Content is protected !!