दीदी की शादी मे मिले दो लंड

नमस्ते दोस्तो मैं रूपा अपने सब प्यारे दोस्तो का हाथ जोड़ कर और अपनी चूत खोल कर स्वागत करती हूँ. मेरी चूत आप सब के लंड को एक एक बार लेना चाहती है. क्योकि आप सब के प्यार से ही आज मैं एक और कहानी आप सब के लिए ले कर आई हूँ.

मेरी उम्र अभी 19 साल हुई है, और मैने कम से कम 15 लौडे का स्वाद ले लिया है. वैसे मैने काफ़ी सुना है की जो हम कहानी पढ़ते है, वो सारी फेक होती है. पर मुझे दुनिया का तो पता न्ही, पर अपना ज़रूर पता है. क्योकि मेरे पास इतना फालतू टाइम न्ही है.

की मैं सोच सोच कर लिखूं, मैं तो वो ही लिखिति हूँ. जो मेरे साथ असल मे हुआ है. क्योकि आज के टाइम जो सब कुछ टीवी, और इंटरनेट पर चल रहा है. उसे देख कर आज कल लड़किया बहोत जल्दी जवान हो रही है.

और अपनी 16 साल की अम्रा मे आते आते 8 इंच का लंड लेने की हिम्मत रखती है. और तो और आज कल देवर भाभी, दोस्त की बेहेन, भाई बहेन सब के बीच सेक्स हो रहा है.

इसलिए मैं न्ही कह सकती की सब कहानी झूठी है. खैर मैं आपको अपने दिल की बात बताने लग गई थी, इसके लिए मुझे माफ़ करना. अब मैं आपको सीधी अपनी कहानी बताने जा रही हूँ.

ये बात तब की है, जब मैं +2 क्लास मे थी, और मैने मेडिकल ली हुई थी. मेडिकल लेने की वजह से मुझे सेक्स के बारे मे सब कुछ पता चल गया था. मैं अपने टीचर तक से चुद चुकी थी.

क्योकि मुझे 7 दिन की छुट्टी चाहिए थी, क्योकि मेरी बड़ी बहेन की शादी थी. मेरे पापा ने बहोत बड़ा पॅलेस बुक किया हुआ था. मेरे पापा ने बहोत पैसे शादी मे लगाए हुए थे.

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हमने शादी मे बाबू मान को बुलाया हुआ था. बाबू मान के नाम को सुनते ही हमारे सब दूर दूर के रिश्तेदार आए हुए थे. शादी का पॅलेस भी काफ़ी अच्छा ख़ासा था. पॅलेस इतना बड़ा था की उसे पूरा देखने के लिए कम से कम 2 घंटे लग जाए.

मेरे जीजू भी काफ़ी अच्छे और हॅंडसम थे. जीजू और भी काफ़ी पैसे वाले थी. मैं जीजू की इक्लोति साली थी, इसलिए उनकी नज़र मेरे उपर ही थी. शादी के फेरे हमने पास के गुरु द्वारे मे करवाया.

जब जीजू शू निकाल कर अंदर गये मैने और मेरी कुछ बेहेनो ने मिल कर जीजू के शू उठा लिए थे. फिर रसम के तहत शू वापिस देने के लिए हमने जीजू से पैसे की डिमांड करी.

जीजू बहोत पैसे वाले थे, इसलिए उन्होने झट से 1 लाख रुपए हमे दे दिए. मैं शर्त करते हुए पैसे और शू लेकर वाहा से भाग गई. उनके साथ उनके दो दोस्त आए हुए थे.

पूरी शादी मे वो दोनो सबसे अलग ही चमक रहे थे. क्योकि वो दोनो यूएस से आए हुए थे. काफ़ी ज़्यादा हॅंडसम और गुड लुकिंग थे, वो दोनो ,मेरी भी नज़र उन दोनो पर ही थी.

जब मैं वाहा से भागी तो वो दोनो मेरे पीछे भाग कर आए और दोनो ने मुझे पकड़ लिया. पकड़ते हुए उन दोनो ने मेरे बूब्स और मेरी गांड को जम कर मसल दिया. पर ये एक रसम थी, इसलिए किसी को भी शक न्ही हुआ.

उसके बाद सब डॅन्स करने लग गये, बाबू मान के सॉंग पर सब झूम झूम कर डॅन्स कर रहे थे. मुझे मेरी मासी और बुआ ने अपने साथ खींच लिया और मुझे भी उनके साथ डॅन्स करना पड़ा.

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डॅन्स करते हुए अचानक से उन दोनो मे से एक लड़का मेरे सामने आ गया. हम दोनो एक दूसरे की आँखो मे देख रहे थे. तभी उसने बड़ी चालाकी से मेरे साथ मे एक पेपर पकड़ा दिया.

फिर वो वाहा से चला गया, मैने भी डॅन्स वाली जगह से पार्किंग मे आ कर उस पेपर को खोला. उसमे एक नंबर लिखा हुआ था, मैने तभी उस नंबर पर फोन किया.

फोन उसी लड़के ने उठाया और उसने मुझे हॉल मे बुलाया. मैं सबसे चुपके हॉल मे आ गई. हॉल मे कोई भी न्ही था, क्योकि सब बाबू मान के गानो पर नाच रहे थे.

वाहा मुझे वो लड़का मिला और मैं उसके पीछे पीछे चलने लग गई. वो मुझे पॅलेस के एक दम लास्ट मे चेंजिंग रूम मे ले गया. वाहा जाते ही उसने मुझे कमर से पकड़ा और मुझे ज़ोर ज़ोर से किस करने लग गया.

मैं – अरे मुझे जाने दो.

दूसरा लड़का भी वही पा बैठा हुआ था, वो दोनो मिल कर मेरी तारीफ करने लग गये. अब भला एक लड़की को और क्या चाहिए कोई उसकी अच्छी अच्छी तारीफ करते रहे.

मैं – देखो जो करना है जल्दी करो, क्योकि मैं जीजू की एक्लोति साली हूँ. सब मुझे ढूँढ रहे होंगे.

फिर वो दोनो मेरे पास आए और एक मेरे बूब्स को मसल रहा था और दूसरा मेरी गांड को मसल रहा था. मैं गरम होने लग गई, फिर उन दोनो ने मेरा कुर्ता उतार दिया और मेरी ब्रा को भी उतार दिया.

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