देवर्जी ने की मेरी चुदाई

मैने अब उसके कच्चे को उतार दिया और अब वो मुझे अपना लंड चूसने को बोल रा था, मैं भी झट से उसका लंड मूह मे ले लीयी, और उसके लंड को लोलीपोप की तरह चुस्सने लगी.

उसके लंड को मैं अभी आधा ही मूह मे ले पा रही थी लेकिन उसने अचानक से एक तेज़ झटका मारा और पूरा लंड मेरे गले तक उतर गया, फिर कुछ देर बाद वो बोलने लगा की भाभी मैं आने वाला हू, और वो झड़ गया मैने उसका सारा पानी पी लिया.

अब मैने बोला की देवर जी प्लीज़ अब आप मेरी चुत भी चाटो ना, तो वो पहले मना करने लगा फिर वो भी चाटने लगा , मेरी चुत उसने कैसे ही चाटी मुझे एक अज़ीब सा मज़ा आया और वो मेरी चुत को आइसक्रीम की तरह चाट रा था, कुछ देर बाद मेरा भी पानी निकल गया और उसने मेरा सारा पानी पी लिया, और अब हम 69 पोज़िशन मे एक दूसरे को सक और लीक कर रहे थे.

फिर कुछ देर बाद मैने बोला की प्लीज़ देवर जी चोद दो अब मुझे , मुझसे कंट्रोल नि हो रा, प्लीज़ फुअक्क मी, फुक्ककक मी ना, और वो भी अब अपना लंड लेकर तैयार था और उसने अपना लंड मेरी चुत पे रखा और एक तेज़ झटका मारा और उसका आधा लंड मेरी चुत मे था और मैं दर्द से कराहने लगी, प्लीज़ देवर्जी इसे बाहर निकालो ईस्ये दर्द हो रहा है है मुझे.

लेकिन वो नही माना और इसी बीच उसके एक और तेज़ धक्का मारा और इस बारर उसका पूरा लंड मेरी चुत के अंदर था, और मैं चीखने लगी प्लीज़ देवर जी निकालो इसे, तब जाकर वो कुछ देर रुका और अब वो धीरे धीरे धक्के मारने लगा और अब मुझे भी मज़ा आने लगा और मैं भी अपनी कमर हिला हिला कर उसका साथ दे रही थी, आवाज़ा निकाल रही थी प्लीज़ देवर जी, और तेज़ चोदो मुझे पल्ल्ल्लज़्ज़ फुक्ककक मीी हार्ड फाड़ दो मेररीइ चुत को, आआहह, ओउउक्च ह्म्‍म्म्मम पल्ल्लज़्ज़्ज़्ज़ माअर दो मेरी चुत को, और वो ये सब सुनकर और तेज़ झटके मारने लगा.

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और बोलने लगा हा भाभी आप बहुत अच्छी हो आपकी चुत किसी जन्नत से कम नी है और आज मैं आपकी चुत को फाड़ दूँगा और अब मैं तुम्हे ऐसेही चोदुन्गा, और वो मुझे ज़ोर ज़ोर से चोदे जा रा था फ़ाआच फ़ाआच फ़ाआच पूरे कमरे मे ऐसीही आवाज़ गूंजने लगी, और इसी बीच मैं एक बार झड़ भी गयी, लेकिन वो मुझे चोदे ही जा रा था, फिर अंत मे वो बोलने लगा की भाभी मैं आ रा हू.

तो मैने बोला थोड़ी देर और रुक जाओ मैं भी आने वाली हू, और फिर हम दोनो एक साथ ही डिस्चार्ज हो गये, और वो मेरे अंदर ही डिसचार्ज हो गया फिर कुछ देर तक हम एक दूसरे के उपर ही पड़े रहे, कुछ देर के बाद वो उठा और मेरी गॅंड मारने को बोलने लगा.

मैं उसे मना करने लगी की नही आजतक मैने अपनी गॅंड नी मरवाई है, और मेरी गॅंड बहुत टाइट है बहुत दर्द होगा लेकिन वो माना नि और मुझे घोड़ी बनने को कहने लगा और कहने लगा की भाभी बहुत मज़ा आएगा.

आप एक बार ट्राइ तो करो, फिर मैं भी तैयार हो गयी और घोड़ी बॅन गयी, और उसने अपने लंड पे सरसो का तेल लगाया और मेरी गॅंड के छेद पे रखकर एक ज़ोरदार झटका मारा और आधा लंड मेरी गॅंड मे घुस्स गया मैं चीलाने लगी लेकिन वो माना नि और एक झटका और मारा इस बार उसका पूरा लंड मेरी गॅंड के अंदर, और मैं छ्चीखने लगी प्लीज़ आशीष निकालो इसे और मेरे आँखो से आअँसू आ गये.

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लेकिन वो फिर भी मुझे पेले जा रहा था और मेरी गॅंड को ठोके जा रहा था, और अब मुझे भी मज़ा आने लगा और मैं भी अपनी गॅंड हिला हिला के उसका साथ देने लगी, और उसने लगभग 15 मिनिट्स तक मेरी गॅंड मारी और मेरी गॅंड के भीतर ही झड़ गया, और हम ऐसेही पड़े रहे.

जब तक वो वाराणसी मे था हम लोग डेली 2,3 बार सेक्स करते थे और अब मैं एक बार फिर प्रेग्नेंट हो गयी हू और इस बार का बच्चा मूज़े पता है किसका है वो मेरे प्यारे देवर आशीष का बच्चा है, और अब भी हमे जब चान्स मिलता है हम तब सेक्स करते है.

तो आप लोगो को ये सेक्स स्टोरीस कैसी लगी दोस्तो बताना ज़रुुर् और मुझे मैल ज़रुुर् करना मेरी मैल आईडी

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