क्लास की हॉट लड़की की चुदाई

मैंने उससे अपने कपड़े उतारने को कहा तो उसने उतारने शुरू कर दिए। मैं हैरान था कि आज तक मैंने उससे पहले कभी भी सेक्स के बारे में पूछा क्यों नहीं था। इसके बाद जब उसने अपनी ब्रा हटाई तो कमाल का नज़ारा सामने आया। ओए होए.. क्या संतरे थे उसके.. उन पर लाल-लाल बेर चिपके थे… आज मेरी सारी मनोकामना पूरी हो गई लगती थी। मैंने उन मदमस्त गोलों को अपने हाथ में लिया और मसलने लगा। वो भी अब जोश में आ चुकी थी। मैं फिर उसके निप्पल दबाने लग, वो आहिस्ता-आहिस्ता सख्त होते जा रहे थे

, मैंने उन्हें जी भर कर चूसा। उसके मुँह से सिसकारियाँ निकाल रही थी। फिर मैंने उसको अपनी पैन्टी उतारने को कहा.. तो उसने वो भी उतार दी। हाय.. क्या माल लग रही थी वो.. उसकी चूत क्लीन शेव्ड थी.. मैंने उसको टच किया और आहिस्ता आहिस्ता उसमें उंगली डालने लगा। वो फिर सिसकारियाँ लेने लगी.. मैंने थोड़ा तेज़ किया.. तो वो चिल्ला उठी, उसने मुझसे कहा- जो करना है.. जल्दी करो.. मैं आज तुम्हें नहीं रोकूंगी.. फिर मैंने अपना लंड सहलाया और उसकी चूत पर रख दिया.. पहले तो वो अन्दर जा भी नहीं पा रहा था। लैब में वैसलीन रखी हुई थी.. मैंने सोचा कि क्यों ना इससे ट्राई किया जाए। मैंने उससे उठाया और कुछ अपने लंड पर और कुछ उसकी चूत पर लगा दी। अब लंड आसानी से अन्दर जा सकता था..

मैंने उसे धक्का मारा और वो ज़रा सा भीतर पहुँच गया। मैंने थोड़ा-थोड़ा करके पूरा लंड अन्दर डाल दिया.. वो चीखने लगी- आहह.. आहहा.. आह.. दर्द हो रहा है.. मैं न रुका साली की चूत को ठोकता ही चला गया.. उसकी कराहों से पूरी लैब गूँजने लगी- आअहह.. आ.. छोड़ दो.. पर कुछ ही देर बाद आवाज आ रही थी-आह्ह… चोद दो.. अब बारी थी.. मस्त शॉट्स की.. यानि चूत पर लौड़े के घस्सों की.. मैंने पहले तो आहिस्ता आहिस्ता से शुरू किया और फिर ट्रेन की तरह पूरी रफ़्तार पकड़ ली। मैं उसकी चूत का पूरा आनन्द ले रहा था और साथ ही में उसके मम्मों भी मसल कर चूसे रहा था। हम लोगों ने बहुत आसन बदले.. कभी वो मेरे ऊपर.. कभी मैं उसके ऊपर.. बीच-बीच में वो रुक कर थोड़ा ब्लोजॉब भी देती थी। हम लोग अब पूरी तरह हाँफ़ चुके थे। मैंने कहा- मलाई खाओगी? तो उसने हँसते हुए कहा- हाँ भूख तो लगी है।

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मैंने उसे अपना मुँह मेरे लंड के पास लाने को कहा.. उसने अपने मुँह से मेरे लंड की खूब सेवा की.. जब मेरा पानी बाहर आने लगा यानि कि छूटने लगा तो मैंने उसके मुँह में ही छोड़ दिया। आआआहह.. वो मेरी ज़िंदगी का सबसे हसीन अहसास था। मैंने सारा पानी उसके मुँह में छोड़ दिया। कुछ माल उसके गालों पर भी सज गया.. उसका चेहरा पूरी तरह से भीग गया था। जब वो उससे रूमाल से साफ करने लगी.. तो मैंने उसे अपनी उंगली पर लेकर चाटने को कहा। इस वक्त वो क्या ग़ज़ब लग रही थी.. अब स्कूल का टाइम भी हो गया था। स्टूडेंट्स आने का समय हो रहा था.. हमने कपड़े पहने और बाहर आ गए। उसके बाद जब भी वो मुझे मिलती.. तो मुस्कुरा कर मिलती, उसके चेहरे पर अजब सा सुरूर देखने को मिलता.. उसके बाद मैंने उसे बहुत बार चोदा। दोस्तो आपको मेरी यह पहली कहानी कैसी लगी..

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