चोदु बाबा, जंगल मे मंगल

हेल्लो दोस्तों, मैं आपका दोस्त राज एक बार फिर हाज़िर हूँ, चोदु बाबा के नये कारनामे लेकर..

एक बार 2 लड़किया अनिता और सीतल घर से दूर मौज मस्ती करने के लिए असम गई थी. उन्होने देल्ही से असम की 2 टिकेट बुक की और वो ट्रेन मे बैठ कर असम के लिए निकल गई.

अनिता दिखने मे थोड़ी सावली थी, लेकिन वो बहुत ही चालू किसम की लड़की थी और 21 साल की उम्र की थी और उसके चुचे बड़े बड़े थे लेकिन अभी तक उसको चुदाई का मौका नही मिला था.

और सीतल सीधी साधी लड़की थी और वो दिखने मे बहुत सुंदर थी और उसका शरीर किसी अप्सरा से कम नही था.

वो दोनो जिस डब्बे मे बैठी थी उसी डब्बे मे एक लड़का बैठा था और वो सीतल की तरफ बहुत गौर से देखता रहा और बात करने की कोसिस करता रहा, लेकिन सीतल ने उसको भाव नही दिया.

लेकिन अनिता उसको बहुत भाव दे रही थी बार बार उससे चिपटने की कोशिश कर रही थी, लेकिन वो लड़का बचता रहा रात को जब सब सो गये.

तो अनिता ने उस लड़के को दो तीन बार फिर टच किया, फिर हार कर वो लड़का भी अनिता को टच करने लगा. फिर धीरे धीरे उस लड़के ने हिम्मत करके अपने हाथ अनिता की बड़ी बड़ी चुचियों पर रख दिए और अनिता की चुचि दवाने लगा.

आज पहली बार किसी लड़के ने अनिता की चुचियों को छुआ था. फिर अनिता ने अपना एक हाथ उस लड़के के पैंट पे रख दिया और उसके लंड को सहलाने लगी.

अनिता ने बहुत देर तक उस लड़के के लंड को सहलाया मगर उसका लंड खड़ा नही हूआ अनिता जो ट्रेन मे उस लड़के से चुदने के ख्वाब देख रही थी, उसके सब ख्वाब मिट्टी मे मिल गये वो लड़का पूरी रात बस अनिता के चुचों से ही खेलता रहा.

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फिर सुबह सब असम के स्टेशन पर उतर गये.

अनिता और सीतल पूरे दिन असम मे हर जगह घूमते रहे.

फिर किसी से अनिता ने असम के जंगलों की सुंदरता के बारे मे सुनलीया तो वो सीतल से वाहा घूमने जाने की ज़िद करने लगी.

फिर अनिता और सीतल असम के जंगलों मे पहुचि उन्होने झरने पहाड़ और तरह तरह के पेड़ पौधे देखे और चाय के बागान देखे.

और तभी सीतल को एक छोटी सी झोपड़ी दिखाई दी और वो अनिता के साथ वाहा बढ़ने लगी.

जब वो उस झोपड़ी के पास पहुचि तो श्याम का वक़्त हो चुका था और उस कुटिया मे कोई नही था और दूर दूर तक कुछ भी दिखाई नही दे रहा था. तभी अनिता को एक पेड़ के नीचे एक पठार पर एक बाबा बैठे दिखाई दिए जो वहाँ पर आँख बंद करके तपस्या कर रहे थे.

अनिता सीतल को लेकर उस पेड़ के पास पहुचि और उस बाबा को गौर से देखने लगी.

वो बाबा (चोदुबाबा) बैठ कर तपस्या कर रहे थे, और उनके चेहरे पर अलग सा तेज दिखाई दे रहा था. तभी अनिता को कुछ सूझा और वो खुद को मेनका समझने लगी.

अनिता ने बाबा के शरीर को टच करना शुरू कर दिया तो सीतल ने उसको मना किया, लेकिन उसने सीतल की एक नही सुनी और वो बाबा के पूरे शरीर पर हाथ फिराने लगी.

लेकिन बाबा अपनी जगह से नही हीले ना ही उन्होने अपनी आँखें खोली, फिर अनिता की हिम्मत और बढ़ गई और फिर अनिता के शरीर की आग बढ़ने लगी और फिर अनिता ने अपने कपड़े उतार दिए सीतल उसको देखने लगी.

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अनिता ने अपना नंगा शरीर बाबा के शरीर से रगड़ना सुरू कर दिया लेकिन बाबा के माथे पर शिकन तक नही आई. फिर अनिता ने बाबा के पूरे शरीर को चाटना सुरू कर दिया और अनिता चाटते चाटते बाबा की जांघों के बीच मे पहुच गई.

वो बाबा की धोती मे से लंड बाहर निकाल कर चाटने लगी, फिर अनिता ने बाबा के लंड को चूसना शुरू कर दिया सीतल ने अनिता को बहुत मना किया लेकिन वो कहाँ रुकने वाली थी.

अनिता ने बाबा के लंड को जैसे ही चूसना शुरू किया बाबा का लंड लोहे की तरह सख़्त हो गया.

धीरे धीरे 1 घंटा बीत गया, लेकिन बाबा हीले नही सीतल बाबा के लंड को देख कर एक दम से चॉक गई की लंड इतना बड़ा भी होता है क्या.

अब सीतल को भी ये सब दिखने मे अछा लग रहा था लेकिन उसको डर भी लग रहा था.

तभी अनिता ने बाबा के लंड पर अपनी चूत रगड़नी शुरू कर दी, अनिता की चूत से चूत रस बहने लगा और रिस रिस कर बाबा के लंड पर गिरने लगा लेकिन बाबा नही हीले.

अनिता अब चुदने के लिए बेचैन हो रही थी, लेकिन बाबा का लंड बिल्कुल भी अनिता की चूत मे नही जा रहा था.

अनिता को ना जाने क्या हुआ वो पागलों की तरह बाबा को नोचने लगी, बाबा को दाँत काटने लगी.

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