चण्डीगढ़ की सेक्सी भाभी

हेलो दोस्तो, मेरा नाम अतुल है और मैं एक जवान लड़का हूँ. मेरी उमर 23 साल है और मैं चंडीगढ़ मे रहता हूँ. मैं दिखने मे काफ़ी हैंडसम हूँ और बॉडी बिल्डर भी हूँ. मेरा रंग काफ़ी गोरा है और मैं अपनी बॉडी का ख्याल रखता हूँ.

मैं चंडीगढ़ मे रहता हूँ और काफ़ी लड़कियाँ मुझ पर मरती है. पर मुझे कोई कोई ही उनमे से पसंद आती है और मैं फिर उनके साथ बाते कर टाइम पास करने लग जाता हूँ. क्योकि आप तो ये जानते ही हो की चंडीगढ़ की लड़कियाँ कभी भी एक के साथ रिलेशनशिप नही बनाती क्योकि उन्हे कई लड़को के साथ टाइम पास करने मे मज़ा आता है.

और ये मैं अच्छे से जानता हूँ इसलिए मुझे चंडीगढ़ की लड़कियों मे कोई इंटरेस्ट नही है. मैं बस उनके साथ टाइम पास करता हूँ और हो भी क्यो ना आख़िरकार मैं भी तो काफ़ी हैंडसम हूँ.

पर हाँ मुझे भाभियो को चोदने मे मज़ा बहोत ज़्यादा आता है क्योकि उन्हे एक तो काफ़ी एक्सपीरियेन्स होता है और वो जिससे भी चुदवाति है खूब मज़े लेती तो है पर उससे भी ज़्यादा खूब मज़े देती भी है.

और आज मैं आपके लिए वैसी ही एक कहानी ले कर आया हूँ जो की चंडीगढ़ की एक भाभी के साथ है. तो अब बिना कोई समये गवाए मैं आपको अपनी कहानी पर ले कर चलता हूँ.

मैं चंडीगढ़ मे रहता हूँ और मेरे घर के नीचे वाले फ्लोर पर एक कपल रहता है और उनकी 2 साल की बहोत ही क्यूट सी लड़की है. वो दोनो मेरे लिए भइया भाभी के जेसे है. क्योकि वो मुझसे थोड़े ही बड़े है और वो दोनो की जोड़ी काफ़ी अच्छी भी है.

यह कहानी भी पड़े  मेरा पहला अनुभव सेक्सी भाभी के साथ

दोनो एक दूसरे से काफ़ी प्यार करते है क्योकि उनका ये प्यार उनकी आँखो मे झलकता है और मुझे उनकी जोड़ी देख कर काफ़ी अच्छा लगता है. भईया का नाम तो मैने बताया ही नही है. उनका नाम अनुज है और भाभी का नाम शिल्पा है और उनकी छोटी सी प्यारी सी बेटी का नान अंजेल है जो की सच मे अंजेल ही लगती है.

वैसे उसकी बेटी काफ़ी अच्छी है और वो तो अपनी मम्मी ही जैसी है. क्योकि भाभी भी इतनी सुंदर है की मैं आपको क्या बताऊ. उन्हे देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाता है और मेरा मन भाभी को चोदने का करता है. मैं अब भाभी को देख कर खुद को सटिस्फीएड करने लग गया और बस उन्हे पटाने मे लग गया.

मैं उन्हे चोदना चहाता था तो मैं बस अच्छे से मौके की तलाश मे था. मैं उन्हे दिन रात यही सोचता रहता था की भाभी मुझे कब बोलेगी और फिर कब मैं उनको चोदुँगा. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

भईया भी घर से सुबह 9 बजे ऑफीस के लिए निकल जाते थे और रात को 8 बजे तक घर पर आते थे. और भाभी तब तक घर पर ही होती थी और घर का काम ख़तम करके अपनी अंजेल के साथ टाइम स्पेंड करती थी और शाम के समये बाहर गॅली मे आंटियो के साथ बैठ कर बाते मारने लग जाती थी.

मैं भी शाम को अपनी बाल्कनी मे बैठ कर बस यही सोचता रहेता था की मैं उन्हे कैसे चोदु. फिर एक दिन वो दिन भी आया जब हमारी पहली बार एक दूसरे से बात हुई. मैं सीडीयो से उपर जा रहा था की तभी भाभी ने मुझे आवाज़ दी और फिर मैं रुक गया.

यह कहानी भी पड़े  पति से सताई हुई लड़की की चूत

भाभी ने मुझसे कहा की क्या मैं उसकी हेल्प कर सकता हूँ तो मैने हाँ मे जवाब दिया और उनके घर मे चला गया. उनके कमरे मे पहुँच कर वो बोली की इस बेड को आगे सरकाना है तो मैं खुश हो गया और मैने फिर से हाँ करी.

और फिर मैने एक साइड से पकड़ा और दूसरी साइड से उसने पकड़ा तो वो झुकी और फिर तब मेरी नज़र उसके बूब्स पर पड़ी जो की बहोत ही बड़े बड़े थे और ये देख कर मेरा दिमाग़ खराब हो रहा था. मैने उनका बेड सरका दिया और फिर मैं वहा से चल दिया.

पर अब भाभी के बूब्स देख कर मुझे खुद को कंट्रोल करना मुश्किल हो गया था और फिर मैने उनसे बात शुरू करने के तरीके ढूँढे. मैं अब भईया के आने के टाइम पर ही खुद भी घूम कर आता था जिससे हमारी मुलाकात बढ़ने लग गयी और मैं भईया साथ बाते करने लग गया जिससे हमारे बीच बात चीत अच्छी शुरू हो गयी.

अब मैं भाभी को चोदने का तरीका देख रहा था की भाभी अब डेली मेरे वाले घर के बाहर साइड पर कपड़े धो कर डालने आ जाती थी. वो डेली कपड़े डालती और मुझे देख कर चली जाती. पर एक दिन वो मुझे देख कर मुस्कुरा दी तो मैं समझ गया की भाभी भी शायद वही चाहती है जो मैं उनके साथ करना चाहता हूँ.

और मजेदार सेक्सी कहानियाँ:

Pages: 1 2

error: Content is protected !!