मेरा पहला अनुभव चचेरी भाभी की चुदाई का

मैंने अपना फ़नफ़नाया लण्ड उनकी बुर मे डाला……बुर एकदम गरम और गीली थी………ओह्……मेरा पूरा लण्ड घचाक से उनकी बुर मे बिना किसी रुकावट के चला गया…………क्योंकि भाभी का बुर तो भोसड़ा हो गया था…………खैर पहली बार एक छेद मे डालने का मौका तो मिला चहे वह कुँवारी चूत हो या चुदा-चुदाया भोसड़ा………………मै तो गुरू ऽऽ सातवें आसमान पर था…………खैर उनकी गरम बुर मे पूरा लण्ड जाते ही मेरा पूरा शरीर झनझना गया और मै तुरन्त ही झड़ गया……और सच बताऊँ मै बेहद शर्मिन्दा भी हो गया कि पहली बार मौका मिला भी तो मै शीघ्र पतन का शिकार हो गया।

मै उनके ऊपर से उतर कर बाथरूम गया, लौट कर उनके बगल मे लेट गया, उन्होंने मुस्कराते हुए पूछा-“क्या हुआ देवरजी बड़ा फ़ड़फ़ड़ा रहे थे, सारी मस्ती कहाँ गयी? बस हो गये शान्त।“ मै अन्दर ही अन्दर शर्मिन्दा तो था पर मैने कहा कि दोपहर से ही तुम्हे चोदने का प्लान बना रहा हूँ और तभी से लण्ड खड़ा है, फ़िर जिन्दगी मे पहली बार बुर के दर्शन हुए हैं शायद इसी वजह से डालते ही झड़ गया।

उन्होने पूछा क्या सचमुच पहली बार है?

मेरे हाँ कहने पर उन्होने कहा कि पहली बार ऐसा अक्सर होता है, चिन्ता मत करिये सब सीख जायेंगे।

फ़िर वो मुझसे चिपट कर लेट गयीं। मुझे चुम्मा लेने लगीं क्योंकि वो अभी भी गरम थीं। धीरे-धीरे मै भी उत्तेजित होने लगा। इस बार मेरे हाथ उनकी चूचियों को सहलाने लगे………उनके निप्पल को चुटकी मे मसलने लगा तो वो सिसकारी लेने लगीं मुझे लगा कि उनको मजा आ रहा है………वो अपना निप्पल मेरे मुँह मे डालने लगीं………मेरे झिझक को भाँपकर बोली कि घबड़ाइये मत जब तक जोर से चूसेंगे नहीं तब तक दूध नही। निकलेगा…………इसको सक करना पड़ता है तब दूध निकलता है……………समझे लल्लू देवर जी………और फ़िर उन्होनें मेरे लण्ड को सहलाना शुरू कर दिया, मैने उनके निप्पल को मुँह मे लेकर हौले-हौले चूसना शुरू कर दिया…………ओह……ओह…ओ……ओह……वो सिसकारियाँ लेने लगीं और अपने भोंसड़े को म्रे लण्ड से रगड़ने लगीं।

यह कहानी भी पड़े  कमसिन भाभी की चूत और मेरा गरम लंड

हम दोनो करवट लेटे हुए थे वो मेरे दाहिनी तरफ़ थीं, वो मुझे और जोर-जोर से निप्पल चूसने को कहने लगी………मुझे भी अब अच्छा लग रहा था और मै उनकी घुण्डी को दाँतो से काटकर चूसने लगा जोर से बस इतना कि दूध न निकले । वो मस्त होके मेरा हाथ अपनी बुर पर ले जा कर रगड़ने लगीं…………उनकी बुर एकदम गरम और लिसलिसी हो गयी थी……………लग रहा था कि बुर को बुखार हो गया हो जैसे…………फ़िर उन्होंने करवट मे ही लण्ड बुर के मुँह पे रखकर डालने को कहा,

मैने कहा जरा अपनी बुर तो पोछ लो एकदम कीचड़-कीचड़ हो रही है, इसपर उन्होनें साया से अपनी बुर पोछी और मुझे अपनी दोनो टाँगों के बीच लेकर मेरे लण्ड को पकड़ कर बुर के मुँह पर रख कर धक्का लगाने को कहा। मैने लण्ड को उनकी बुर मे जोर से पेला तो एकदम जड़ तक चला गया….….…शायद करवट होने की वजह से इस बार बुर कुछ कम ढीली लग रही थी, खैर लण्ड अन्दर लेकर भाभी मेरा चुम्मा लेने लगीं….…फ़िर होठ चूमते हुए जीभ मेरे मुँह मे डाली मुझे बड़ा मजा आया और मै भी उनके होठों को चूसने लगा और जीभ अन्दर करके उनकी जीभ से खेलने लगा।

अब वो अपना चूतड़ आगे-पीछे करने लगीं और मै भी अपना लण्ड बाहर भीतर करने लगा….……फ़च…फ़च्…फ़च…फ़चाफ़च……सट्…सट्… सटासट्…… सट्… की आवाजें गूंजने लगी कमरे मे…….…हम दोनो मस्ती के हिलोरें ले रहे थे….……दरअसल मेरी भाभी बहुत ही चुदक्कड़ हैं वो मुझे अपनी बाहों मे जकड़े हुए लण्ड घचाघच अपनी बुर मे लिये जा रही थीं साथ ही साथ जोर-जोर से साँसे लेते हुए बोलती जा रही थी हाए रे मेरे बबुआ आज तो आपने एक नये लण्ड का स्वाद चखा दिया….………मैं तो कब से तरस रही थी स्वाद बदलने को कब से आपके भैया का लण्ड ले ले कर बोर हो गयी हूँ।

यह कहानी भी पड़े  Bhabhi Ki Chikni Choot Chati

मैने पूछा कि मेरा लण्ड तो छोटा है भैया का कैसा है तो वो बोली कि आपके भैया का आपसे बड़ा और मोटा है पर समय आने पर आपका भी तगड़ा हो जायेगा। और मुझे जोर से भीचते हुए बोली “मेरे राजा मजा सिर्फ़ मोटे और बड़े लण्ड से ही नही आता कौन चोद रहा है और कैसे चोद रहा है यह महत्वपूर्ण है, अब देखिये आप अपने भैया से हैण्ड्सम हैं तथा पढ़ने मे भी तेज हैं, कोई भी लड़की आपसे चुदवाना चाहेगी…………ऐसा कहकर वह मेरे गाल सहलाने लगी और मैं भी मारे उत्तेजना के और जोर-जोर से लण्ड को उनकी बुर में अन्दर बाहर करने लगा…………हम दोनो ही मारे मस्ती के सटा-सट धक्का पे धक्का मारे जा रहे थे………दोनो की साँसें तेज……तेज……तेज………होने लगी और उन्होनें मुझे जोर से जकड़ते हुए कहा “हाय रे मै तो गयी मेरे राजा………आज तो आपने मुझे जन्नत की सैर करा दी मेरे देवर जी………शादी के बाद पहली बार कोई नया लण्ड मिला है मै तो निहाल हो गयी………” हम दोनो एक साथ ही झड़े और देर तक एक दूसरे से चिपके रहे।

Pages: 1 2 3

error: Content is protected !!