बॉयफ्रेंड ने दुल्हन बना कर मेरी पहली चुदाई की

कुछ देर बाद उसने मुझे फिर से मुझे बैठा दिया और किस करने लगा.

मैं फिर से गरम होने लगी. अब उसने मेरा हाथ पकड़ कर कच्छे के ऊपर से ही अपने लंड पर रख दिया. पर उसका लंड अभी मुरझाया हुआ सा था.. मुझे उसका लंड अपने हाथ से तनता हुआ सा महसूस हो रहा था. लंड मोटा सा और लम्बा होने लगा था.

अब वो मुझे किस किए जा रहा था और मैं उसके लंड को सहला रही थी. अचानक उसने अपने कच्छे को उतार दिया और मेरा सामना एक भुजंग से काले लंड से हो गया था. जोकि अभी सामान्य से थोड़ा ज्यादा तना हुआ सा था लेकिन शायद ये अभी चुदाई के लिए पूरा कड़क नहीं था.

नंगा गर्म लंड देख कर मैं सोचने लगी कि इतना बड़ा और मोटा … मेरी तो फट जायेगी.
वो समझ गया कि मैं लंड देख कर घबरा गई. वो फिर से मुझे किस करने लगा और फिर लंड मेरा हाथ में दे दिया.
उसके लंड को देख कर मुझे थोड़ा अजीब सा लगा और मैंने लंड से हाथ हटा लिया.
उसने कहा- क्या हुआ?
मैंने कहा- कुछ नहीं..
अब मैं भी अच्छे से लंड को सहलाने लगी. कुछ ही पलों में उसका लंड अब कड़क हो गया था.

अब उसने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और मेरे ऊपर आ गया. मुझे किस करने लगा और मेरे मम्मों को चूसने लगा.

मैं अभी इस सबके मजे ले ही रही थी कि अचानक उसने लंड को मेरी बुर के मुँह पर लगा कर सुपारा रगड़ दिया. मेरी बुर एकदम टाईट थी, तो मुझे दर्द सा होने लगा.
मैंने कहा- मुझे लंड चुभ रहा है.

वो रुक गया और मुझे बिस्तर के कोने पर खींच लिया. उसने मुझे उसके लंड को मुँह में लेने को कहा, पर मैंने मना कर दिया. उसने कुछ नहीं कहा.

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अब वो फिर से मेरी बुर चाटने लगा. मैं बुर चटने से मदहोश हो गई.

वो खड़े होकर अपना मूसल लंड मेरी बुर पर घिसने लगा. अब मुझे मजे आ रहे थे कि तभी उसने जोर के झटके के साथ लंड को मेरी बुर के अन्दर पेल दिया. मुझे जोर का दर्द हुआ और मैं चीखने लगी- हट जा दूर.. हटा ले.. मुझे जोर का दर्द हुआ है..

पर वो नहीं उठा, मैं रोने लगी.. तो वो मुझे समझाने लगा- कुछ नहीं.. थोड़ा सा दर्द होगा.. कुछ नहीं होगा.

फिर वो मेरे मम्मों को चूसने लगा, मैं दर्द भूल कर मजे लेने लगी.

फिर उसने जोर का झटका मारा तो उसका लंड मेरी बुर में आधा घुस गया. मेरी फिर से चीख निकलने वाली थी कि उसने मेरे होंठों को अपने मुँह में ले लिया और चुम्बन करने लगा. मैं दर्द से तड़फ रही थी, मुझे ऐसा लग रहा था, जैसे मेरी बुर में कोई चाकू घुसेड़ दिया हो. अन्दर से कुछ गर्म गर्म सा अहसास हुआ, कुछ बहने जैसा महसूस हुआ. मैंने मेरी बुर को हाथ सा छू कर देखा, तो मेरा हाथ खून से लाल हो गया था.

मैंने घबरा कर उससे कहा- ये क्या है?
उसने कहा- पहली बार चुदने पर थोड़ा सा खून तो आता ही है.. घबराओ मत.

वो मुझे किस करने लगा. फिर उसने थोड़ा रुक कर जोर का झटका मार कर अपना पूरा लंड मेरी बुर में पेल दिया. मेरी जान निकली जा रही थी और आँखों से आंसू निकले जा रहे थे, पर उसने मुझे पूरा दबाया हुआ था.. और मेरे होंठों को मुँह में दबाया हुआ था. मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मेरी बुर में कोई गरम रॉड घुसा दी गई हो. उसका लंड एकदम से मेरी नन्हीं सी कमसिन बुर में फंस सा गया था. थोड़ा सा भी हिलने पर दर्द हो रहा था.

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वो मेरे होंठों को मुँह में लिए किस कर रहा था और कुछ नहीं बोलने दे रहा था. वो अपने हाथों से मेरे मम्मों को दबा रहा था. थोड़ी देर बाद मैं भी गरम होने लगी और मादक सिस्कारियां लेने लगी.

मैंने आँख बंद कर रखी थीं. अब उसने धीरे से अपने लंड को मेरी बुर से थोड़ा निकाला और फिर घुसा दिया. ऐसा उसने 5 या 6 बार किया, तो मेरी बुर से पानी आने लगा. जिससे उसका लंड थोड़ा चिकना सा हो गया. वो अब लंड को मेरी बुर में अन्दर बाहर करने लगा. धीरे धीरे चुदाई होने लगी.

उसने मुझसे कहा- कैसा लग रहा है?
मैंने कुछ नहीं कहा, बस आंख बंद करके लंड के मजे लेती रही.
उसने फिर कहा- मजा आ रहा है?
मैंने हामी भरते हुए सर हिला दिया.

अब उसकी हिम्मत बढ़ गई और उसने चुदाई की स्पीड बढ़ा दी. मुझे भी बड़े मजे आ रहे थे. मैं ‘आह उह्ह..’ कर रही थी. मेरी सांसें तेज होने लगीं.

कमरे में फच्छ फच्छ की आवाज आ रही थी. लंड बुर को चीरता हुआ अन्दर जाता बाहर आता.. बुर ने लंड को एकदम से पकड़ रखा था. हम दोनों चुदाई के मजे ले रहे थे. दस मिनट की चुदाई के बाद हम दोनों पसीने में लथपथ हो गए थे.

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